अमेरिकी कमीडियन डेविड ब्रेनर की दिलचस्प कहानी

डेविड एक शरारती और चुलबुला विद्यार्थी था। वह कक्षा में बेहद शोर मचाता था और उस छोटी सी उम्र में वह चुटकुलों को टेढ़े-मेढ़े अंदाज में सुनाकर सबको हंसा-हंसा कर लोट-पोट कर देता था। सभी शिक्षक डेविड से परेशान थे क्योंकि वह कक्षा में ऐसे अजीबो-गरीब चुटकुले सुनाता कि सबका ध्यान पढ़ाई से भटक जाता था। एक दिन स्कूल में भौतिकी के प्रफेसर डॉ. जैकब आए। डॉ. जैकब बच्चों को बहुत ही अच्छे तरीके से पढ़ाते थे। कुछ ही समय में उन्हें डेविड का मिजाज पता चल गया। उन्होंने उसे सुधारने की ठान ली।

उनका तरीका आम शिक्षकों से एकदम अलग था। उन्होंने एक दिन डेविड को अपने पास बुलाया और प्रेम से बोले, बेटा, तुम बहुत प्रतिभाशाली हो, तुम इतनी कम उम्र में जिस अंदाज से चुटकुले सुनाते हो, वह काबिलेतारीफ है। डेविड अपनी प्रशंसा सुनकर खुशी से मुस्कराने लगा। इसके बाद जैकब बोले, मैं पढ़ाने में लगा होता हूं और तुम चुटकुले सुना देते हो, तो मैं उसका ठीक से मजा नहीं ले पाता। आज से जब भी मेरी कक्षा होगी तो पहले पांच मिनट मैं तुम्हारे नाम के रखूंगा। इन पांच मिनटों में तुम चुटकुले सुनाना, लेकिन उन पांच मिनटों के बाद तुम पूरा समय पढ़ाई पर ध्यान दोगे। डेविड ने वादा किया कि आगे से वह ऐसा ही करेगा। अब तो यह रोज का नियम बन गया।

डॉ. जैकब क्लास में आते और डेविड चुटकुले सुनाने लगता। फिर बिना किसी व्यवधान के पढ़ाई चलती। इस तरह एक तरफ डेविड की प्रतिभा निखरती रही और दूसरी तरफ पढ़ाई भी होती रही। शिक्षकों को भी अब डेविड से कोई शिकायत न थी। समय और डेविड दोनों बढ़ते रहे। आखिरकार डॉ. जैकब की तरकीब रंग लाई। वही शरारती डेविड आगे चलकर अमेरिकी के बेहतरीन स्टैंडअप कमीडियन डेविड ब्रेनर के रूप में मशहूर हुआ।

(साई फीचर्स)



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