आखिर कहाँ से निकलेगा सिविल सर्जन का वेतन!

कहाँ है डॉ.आर.के. श्रीवास्तव की पदस्थापना!

(अय्यूब कुरैशी)

सिवनी (साई)। तत्कालीन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं वर्तमान में जिला चिकित्सालय के सिविल सर्जन डॉ.राजेंद्र कुमार श्रीवास्तव का नवंबर माह का वेतन खटाई में पड़ सकता है। डॉ.के.सी. मेश्राम के द्वारा सीएमएचओ का प्रभार ग्रहण करने के बाद उनकी पदस्थापना कागजों पर कहाँ है, यह बात शायद ही कोई जानता हो।

सीएमएचओ कार्यालय के उच्च पदस्थ सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि भाजपा के शासनकाल में सीएमएचओ और सिविल सर्जन जैसे मलाईदार पदों पर बिना चढ़ौत्तरी के पदस्थापना होना टेड़ी खीर ही है। सूत्रों ने बताया कि सीएमएचओ पद के लिये कम से कम चालीस लाख और सिविल सर्जन के लिये पंद्रह से बीस लाख रूपये की राशि एक साल के लिये आवश्यक होती है। इन बातों में कितनी सच्चाई है यह तो नहीं कहा जा सकता है किन्तु लगभग डेढ़ दशकों से डॉ.आर.के. श्रीवास्तव जिस तरह से प्रभारी सीएमएचओ रहे हैं वह तो कम से कम इसी बात की चुगली करती नजर आ रही है।

सूत्रों ने आगे बताया कि डॉ.आर.के. श्रीवास्तव की पदस्थापना बतौर प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी हुई थी। जुलाई माह में एक आदेश जारी कर राज्य शासन के द्वारा मण्डला में पदस्थ प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.के.सी. मेश्राम को सिवनी का सीएमएचओ बनाया गया था, किन्तु उन्हें 30 नवंबर के उपरांत प्रभार लेने के लिये निर्देशित किया गया था।

इसके साथ ही सूत्रों ने बताया कि जिला चिकित्सालय की सिविल सर्जन रहीं डॉ.पुष्पा तेकाम से सिविल सर्जन का प्रभार वापस लेते हुए अस्थायी तौर पर यह प्रभार तत्कालीन प्रभारी सीएमएचओ डॉ.आर.के. श्रीवास्तव को दे दिया गया था। डॉ.राजेंद्र कुमार श्रीवास्तव का वेतन सीएमएचओ के सृजित पद के विरूद्ध निकलता था।

सूत्रों ने बताया कि अब जबकि डॉ.आर.के. मेश्राम के द्वारा नवंबर माह में ही सीएमएचओ का कार्यभार ग्रहण कर लिया गया है। अब यह समस्या उत्पन्न हो गयी है कि डॉ.आर.के. श्रीवास्तव का वेतन कहाँ से निकाला जाये, क्योंकि जिला चिकित्सालय के किसी वरिष्ठ चिकित्सक को ही सिविल सर्जन का प्रभार दिया जाता है। सिविल सर्जन का पद शासकीय रिकॉर्ड में तो है किन्तु स्थापना (जहाँ से वेतन बनता है) में यह पद है ही नहीं।

इसी तरह सूत्रों ने कहा कि इस लिहाज से देखा जाये तो सीएमएचओ का प्रभार देने के बाद डॉ.आर.के. श्रीवास्तव की पदस्थापना ही अब सिवनी जिले में नहीं रह गयी है। अगर उनकी पदस्थापना सिवनी में नहीं रह गयी है तो अब उनका वेतन कैसे निकलेगा यह शोध का ही विषय है। वैसे भी उनकी सेवानिवृत्ति को लगभग एक साल का समय शेष बचा बताया जा रहा है।

उधर, समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के भोपाल ब्यूरो से सोनल सूर्यवंशी ने स्वास्थ्य संचालनालय के सूत्रों के हवाले से बताया कि डॉ.आर.के श्रीवास्तव के द्वारा अपनी पदस्थापना जिला चिकित्सालय में कराने के लिये अब संचालनालय या मंत्रालय में संपर्क करने की बजाय डायरेक्ट्रेट और सेक्रेट्रीएट के अधिकारियों पर यह दबाव बनवाया जा रहा है कि उनकी पदस्थापना जिला चिकित्सालय सिवनी में कर दी जाये!

सूत्रों ने इस बात के संकेत दिये हैं कि भोपाल स्तर पर जब तक चढ़ोत्तरी न चढायी जाये तब तक उनकी पदस्थापना जिला चिकित्सालय में प्रभारी सिविल सर्जन के रूप में शायद नहीं हो सकती है। इधर, उनके करीबी सूत्रों ने कहा कि आखिरी एक साल में वे शायद ही किसी तरह इंवेस्टमेंट करना चाहें, इस लिहाज से उनके द्वारा स्थानीय स्तर पर ही अधिकारियों को खुश करके काम को साधने का प्रयास किया जा रहा है।



29 Views.

Related News

(शरद खरे) सिवनी में पुलिस की कसावट के लिये पुलिस अधीक्षक तरूण नायक के द्वारा प्रयास किये जा रहे हैं।.
गंभीर अनियमितताओं के बाद भी लगातार बढ़ रहा है ठेके का समय (अय्यूब कुरैशी) सिवनी (साई)। इंदौर मूल की कामथेन.
मामला मोहगाँव-खवासा सड़क निर्माण का (अखिलेश दुबे) सिवनी (साई)। अटल बिहारी वाजपेयी के प्रधानमंत्रित्व काल की महत्वाकांक्षी स्वर्णिम चर्तुभुज सड़क.
नालियों में उतराती दिखती हैं शराब की खाली बोतलें! (ब्यूरो कार्यालय) सिवनी (साई)। विधानसभा मुख्यालय केवलारी के अनेक कार्यालयों में.
धोखे से जीत गये बरघाट सीट : अजय प्रताप (ब्यूरो कार्यालय) सिवनी (साई)। भाजपा के आजीवन सदस्यों के सम्मान समारोह.
(महेश रावलानी) सिवनी (साई)। बसंत के आगमन के साथ ही ठण्डी का बिदा होना आरंभ हो गया है। पिछले दिनों.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *