आखिर टल ही गया साधारण सम्मेलन!

भाजपाई पार्षदों के मामलों की उपेक्षा महंगी पड़ सकती है सीएमओ को!

(अखिलेश दुबे)

सिवनी (साई)। भारतीय जनता पार्टी शासित नगर पालिका परिषद के नवागत मुख्य नगर पालिका अधिकारी भी पहले पदस्थ रहे नगर पालिका अधिकारियों की तरह ही भाजपा के पार्षदों की उपेक्षा करते दिख रहे हैं। संभवतः यही कारण है कि 05 जनवरी को होने वाला पालिका का साधारण सम्मेलन अगली तारीख के लिये टाल दिया गया है।

नगर पालिका के उच्च पदस्थ सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि मुख्य नगर पालिका अधिकारी नवनीत पाण्डेय के हस्ताक्षरों से 27 दिसंबर को जारी पत्र में कहा गया था कि 23 मुद्दों पर नगर पालिका का साधारण सम्मेलन 03 जनवरी को आहूत किया जायेगा।

सूत्रों ने बताया कि नगर पालिका अधिनियम के हिसाब से साधारण सम्मेलन की सूचना देने के बाद सम्मेलन को इस सूचना के कम से कम आठ दिन बाद आहूत किया जाना चाहिये। सूत्रों ने कहा कि संभवतः इस मामले में नियम कायदों की जानकारी न तो सीएमओ को थी और न ही उनके सलाहकारों ने ही उनका ध्यान इस ओर आकृष्ट कराया।

इसके साथ ही सूत्रों ने बताया कि मुख्य नगर पालिका अधिकारी के द्वारा इस नियम को ध्यान में रखते हुए साधारण सम्मेलन को तीन जनवरी से आगे बढ़ाकर इसकी तिथि पाँच जनवरी मुकर्रर कर दी गयी थी। इस तिथि के निर्धारित होते हुए भाजपा के पार्षदों में इस बात को लेकर रोष और असंतोष पनपने लगा था कि उनके द्वारा सुझाये गये मुद्दों को साधारण सम्मेलन में शरीक नहीं किया गया था।

सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को इस बात के संकेत दिये हैं कि भाजपा के पार्षदों के द्वारा अपनी नाराजगी से जब भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष राकेश पाल सिंह को अवगत कराया गया तो भाजपा के जिला अध्यक्ष के द्वारा भाजपा के पार्षदों की बजाय अन्य पार्षदों के द्वारा सुझाये गये मामलों को ज्यादा तवज्जो दिये जाने पर आश्चर्य प्रकट किया गया।

इसके साथ ही सूत्रों ने कहा कि इस मामले में भाजपा के पार्षदों की नाराजगी पर संगठन के द्वारा एक्शन लेते हुए मुख्य नगर पालिका अधिकारी को भाजपा पार्षदों की नाराजगी से अवगत कराया गया। सूत्रों ने कहा कि भाजपा के पार्षदांे के बीच यह चर्चा भी चल रही है कि अगला विधानसभा और लोकसभा चुनाव अब अधिकारियों की मदद से ही करवा लिया जाये, क्योंकि कार्यकर्ताओं की कोई सुनवायी ही नहीं हो पा रही है।

सूत्रों ने कहा कि भाजपा के पार्षदों की तल्ख नाराजगी के बाद नगर पालिका प्रशासन एकाएक बैकफुट पर आ गया और पाँच जनवरी को आहूत होने वाले साधारण सम्मेलन को भी आगे बढ़ाने के साथ ही अब साधारण सम्मेलन में भाजपा के पार्षदों के सुझाये मुद्दों को भी इसमें शामिल करने की कवायद आरंभ कर दी गयी है।

यहाँ यह उल्लेखनीय होगा कि मंगलवार को ही समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया और दैनिक हिन्द गजट के द्वारा हंगामेदार हो सकती है परिषद की बैठक शीर्षक से समाचार का प्रकाशन और प्रसारण किया गया था, जिसमें इस बात का उल्लेख किया गया था कि इसमें विवादित विषयों को शामिल किया गया है जिसमें भाजपा के पार्षदों के द्वारा हंगामा किया जा सकता है।



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