इन नैचरल रेमेडीज से करें ठंड से बचाव

एक आंकड़े के अनुसार, हमें साल भर में औसतन चार बार ठंड लग सकती है और इससे बचने का सबसे सरल उपाय है खूब सारे पोषक तत्वों को लेना और डाइड्रेट रहना। न्यूट्रिशनिस्ट साराह फ्लावर के मुताबिक सदियों पुरानी नैचुरल रेमिडीज हमें फ़ास्ट रिकवरी में मदद करती है। ऐसे में यदि आप ठंड के आगे घुटने टेक रहे हैं तो इनमें से कोई भी एक सरल तरीका अपनाएं और ठंड से खुद को बचाएं।

ताजी हवा

वैसे तो हवा में हर तरफ प्रदूषण घुला हुआ है लेकिन अगर आप किसी तरह रोज ताजी ले सकें, तो ये भी ठंड से आपका बचाव कर सकती है। पुराने जमाने में रोगी को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए रोजाना एक घंटे बाहर घुमाया जाता था। बाहर आपको विटमिन डी मिलता है जो इम्यून सिस्टम को शक्ति देता है और फ्लू से बचाता है। सूर्य से आपको यूवीबी किरणें मिलती है जो प्रति दिन कम से कम 15 मिनट लेनी जरूरी हैं। जो यह नहीं कर सकते, वे विटामिन डी थ्री लें। इससे आपका इम्यून सिस्टम मजबूत होता है साथ ही हड्डियां, जॉइंट्स और हृदय मज़बूत होता है और डिप्रेशन से लड़ने में मदद मिलती है।

लहसुन

लहसुन में सर्दी के संक्रमण दूर करने की ताकत होती है। करीब 1500वीं सदी में लोगों को गले पर लहसुन और प्याज का मिश्रण लगाने की सलाह दी जाती थी। अब हम इससे आगे बढ़ गए है, अब हम सीधे लहसुन को अपने खाने में मिला सकते हैं या दवाई की तरह इसकी एक-एक कली खा सकते हैं। यह फ्लू के खिलाफ एक बड़ी औषधि है जो एंटी वायरल और एंटी बैक्टीरियल है।

चिकन सूप

हमारी दादी मां को सब पता हुआ करता था, इसलिए उन्होंने हमारे लिए बेहद अच्छा उपाय खोज कर रखा। पुराने ग्रीक फिजिशियन्स भी इलाज में चिकन का प्रयोग करते थे। पौष्टिक भोजन के लिए मीट की बची हुई हड्डियों को किसी भी बची हुई सब्जी के साथ मिलाएं और धीमी आंच पर पका लें। हड्डियों में काफी विटामिन और मिनरल्स होते हैं। इसके अलावा मेटाबोलिज्म बढ़ाने के लिए हल्दी, दालचीनी, मिर्च और अदरक का भी प्रयोग जरुर करें।

प्राकृतिक दवाएं

पेलागोनियम एक हर्बल रेमिडी है जो संक्रामक इन्फेक्शन से बचाती है। इससे सूखे गले, सर्दी, कोल्ड और फ्लू से भी निजात मिलती है। जैसे ही आपको बीमारी के लक्षण दिखे, इसे लेना शुरू कर दें और तब तक लें जब तक ठीक न हो जाएं। वैसे बारह साल से कम वाले लोग इसे न लें।

मसालेदार बनाएं

दवाइयों की गिरफ्त में फंसने से बेहतर है कि आप डाइट में मसालों का सेवन करें। कुछ मसाले काफी ऐंटीसेप्टिक होते हैं, इस वजह से आप इससे गरारे करेंगे तो सूखे गले में आराम मिलेगा। जितना हो सके, उतना मसालों की ताजा पत्तियों का इस्तेमाल करें।

दालचीनी

दालचीनी के न्यूट्रिशन से आपको खाना पचाने में मदद मिलती है, साथ ही रक्त का प्रवाह और ऑक्सीजन भी बेहतर होती है। इसलिए इसे सबसे अच्छा ऐंटी ऑक्सीडेंट माना जाता है। इसे पेस्ट बनाकर शहद के साथ लेना सबसे गुणकारी है।

जायफल

डायरिया के लिए यह एक जानी मानी दवाई है। इसे गर्म दूध या सूप पर छिड़क कर पीना काफी स्वास्थ्यप्रद है। इसमें काफी रोगाणुरोधी गुण हैं।

(साई फीचर्स)


नोट :ये नुस्‍के आजमाने के पहले जानकार चिकित्‍सक से एक बार मशविरा अवश्‍य कर लें।

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