कुछ लोग मेरे कद से घबराते हैं : शॉटगन

(प्रतिभा सिंह)

पटना (साई)। प्रधानमंत्री मोदी के पटना दौरे से पहले बीजेपी के दिग्गज नेता और पटना साहिब से सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने कार्यक्रम में खुद को न बुलाए जाने पर सीधे पीएमओ पर ऊंगली उठाई।

एक समाचार चैनल को दिए इंटरव्यू में सिन्हा ने कहा कि कुछ लोग उनके दमदार कद और लोकप्रिय छवि से घबराते हैं। यही कारण है कि उनको बुलाया नहीं जाता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 अक्टूबर को पटना विश्वविद्यालय के स्वर्ण शताब्दी समारोह में हिस्सा लेंगे।

शॉटगन के नाम से मशहूर शत्रुध्न सिन्हा ने कहा कि जनता का मूड बदल रहा है। जीएसटी, उससे पहले नोटबंदी, फिर अर्थव्यवस्था का जो हाल है और बेरोजगारी से लेकर तमाम मसलों पर जनता का मिज़ाज़ बदल रहा है।  यशवंत सिन्हा ने सरकार को आईना दिखाया तो यह हमारी पार्टी के हित में था। यह हमारे देश हित में था पर उनकी बात को गलत ढंग से लिया गया।

शैल्य, दुशासन या दुर्याेधन पर टिप्पणी न करते हुए शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि यह तो दो बड़े लोगों की लड़ाई है और दो हाथियों की लड़ाई में घास नहीं बनना चाहता। पर हमारे वित्त मंत्री जी ने ऐसी बात कही कि यशवंत सिन्हा नौकरी मांग रहे हैं। क्या उनको पता नहीं कि यशवंत सिन्हा 7 बार देश का बजट पेश कर चुके हैं। वह इतने ज्ञानी हैं कि अभी कुछ लोगों को कई जन्म लेना पड़ेगा, उनकी तरह बनने के लिए। सरकारी नौकरी उन्होंने छोड़ दी, उनके 14 साल बाकी थे। उन्होंने कौन-सी नौकरी के लिए अप्लाई किया एक बार कागज-पत्र तो दिखाइए।

उन्होंने कहा कि कई बार मुझ पर भी सवाल उठाए जाते हैं कि इनको मंत्री नहीं बनाया गया, इसलिए वह इस तरह की बात कर रहे हैं। यह लोग जो कह रहे हैं इनके पास कोई चारा नहीं है। पहली बात तो यह कि आखिर मंत्री मुझे क्यों नहीं बनाया? क्या मेरा परफॉर्मेंस खराब है? क्या छवि खराब है? क्या कोई भ्रष्टाचार का आरोप लगा है?

शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि अगर मुझे मंत्री बनना होता तो मैं चुप रहता। न इच्छा है, न अपेक्षा है मंत्री बनने की। भाजपा मेरी पहली और आखिरी पार्टी है। हां यह जरूर है कि जो पार्टी हित में,देश हित में होगा, वह जरूर बोलूंगा। चाहे मंत्री बनूं या न बनूं प्रदेश का संतरी जरूर बनूंगा।

उन्होंने कहा कि लोग बार-बार उपेक्षा करते हैं। यह तो बहुत पुरानी बात हो गई है, पहली बार नहीं हो रहा है। मुझे शताब्दी समारोह में पटना नहीं बुलाया गया। नेता से लेकर विधायक, मंत्री सब आते हैं, सिर्फ मुझे न निमंत्रण न आमंत्रण।

शत्रुघ्न सिन्हा का कहना था कि दरअसल कुछ लोगों की घबराहट और बौखलाहट है। न ही मुझे कोई सजा नहीं मिल रही, दरअसल मेरे पास कोई पद तो है नहीं, कुछ लोग मेरे कद से घबराते हैं, क्योंकि मेरा कद बहुत दमदार है। मेरी लोकप्रियता और मेरी छवि से घबराते हैं। एक साफ-सुथरी छवि है। मैं एक अच्छा वक्ता हूं। कुछ नादान लोग हैं जिनको लगता है कि अगर में मौजूद रहूंगा तो सारा आकर्षण ले जाऊंगा, मैं टावरिंग पर्सनॉलिटी बन जाऊंगा। उनको लगता है कि इन्हें दूर रखो।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री पटना यूनिवर्सिटी जा रहे हैं। मेरा टिकट भी बुक था, मैं सोच रहा था कि जाऊंगा। पटना यूनिवर्सिटी की हालत इतनी खराब है। यह खुशी की बात है कि पीएम वहां जा रहे हैं। मुझे बोला गया आप तो बहुत मशहूर है, आप मंच पर नहीं बैठेंगे, पीएमओ ने मना कर दिया है। अब देखिए इससे पहले भी वीसी साहब मेरे पास आए थे और उन्होंने कहा था कि हमें आपका मार्गदर्शन चाहिए। तो मैंने उनको कहा कि मैं मार्गदर्शक मंडल में नहीं हूं, वह तो दिल्ली में है, इसके बावजूद भी चलिए मैं आपकी मदद करूंगा। बाद में वीसी साहब ने न्योता नहीं भेजा। अब मैं अछूत तो नहीं हूं, मैं धरतीपुत्र हूं बिहार का।



0 Views

Related News

जिले में ग्राम पंचायतों के कार्यक्रमों में बढ़ रही अश्लीलता! (अय्यूब कुरैशी) सिवनी (साई)। जिले में ग्राम पंचायतों के घोषित.
(शरद खरे) जिला मुख्यालय में सड़कों की चौड़ाई क्या होना चाहिये और सड़कों की चौड़ाई वास्तव में क्या है? इस.
मनमाने तरीके से हो रही टेस्टिंग, नहीं हो रहा नियमों का पालन! (अखिलेश दुबे) सिवनी (साई)। लोक निर्माण विभाग में.
(ब्यूरो कार्यालय) सिवनी (साई)। नगर पालिका में चुनी हुई परिषद के कुछ प्रतिनिधियों के द्वारा मुख्य नगर पालिका अधिकारी के.
खराब स्वास्थ्य के बाद भी भूख हड़ताल न तोड़ने पर अड़े भीम जंघेला (ब्यूरो कार्यालय) केवलारी (साई)। विकास खण्ड मुख्यालय.
(खेल ब्यूरो) सिवनी (साई)। भारतीय जनता पार्टी के सक्रय एवं जुझारू कार्यकर्ता तथा पूर्व पार्षद रहे संजय खण्डाईत अब भाजपा.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *