खुशखबरी : सुनायी दी ब्रॉडगेज़ की सीटी

हजारों लोगों ने की इंजन की आगवानी

(साकेत जैन)

घंसौर (साई)। लगभग सवा सौ साल पुरानी नेरोगेज़ की पातें उखड़ने के बाद ब्रॉडगेज़ की सीटी के साथ ही सिवनी के इतिहास में अब नया अध्याय जुड़ने जा रहा है।

ज्ञातव्य है कि लगभग पंद्रह माह पूर्व नेरोगेज़ पर चलने वाली रेलगाड़ी को विराम दिया जाकर इसमें मेगा ब्लॉक लगा दिया गया था। इसके बाद नेरोगेज़ की पातों को उखाड़ा जाकर अमान परिवर्तन के कार्यक्रम के तहत वहां ब्रॉडगेज़ की पटरियां बिछायी जाना आरंभ किया गया था।

सोमवार की शाम को अचानक ही लोगों ने रेलगाड़ी की सीटी की आवाज सुनी तो वे चौंक गये। जिले में पिछले 15 माह से जारी मेगा ब्लॉक सोमवार की शाम को समाप्त हो गया जब बड़ी रेल का इंजन घंसौर के स्टेशन पहुंचा। पिछले लंबे समय से रेल की सीटी और छुक-छुक का इंतजार कर रहे लोगों को सोमवार की शाम उस समय सुकून मिला जब ट्राईल के लिये बड़ी रेल का इंजन घंसौर के रेल्वे स्टेशन पहुंचा।

यह खबर जैसे ही लोगों को मिली वैसे ही ब्रॉडगेज़ के इंजन को देखने बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गये और इंजन के साथ सेल्फी लेने का दौर लंबे समय तक जारी रहा। नये सफर के श्रीगणेश के लिये बकायदा पूजन-अर्चन किया गया। रेल विभाग ने कहा था कि मेगा ब्लॉक खत्म होने के लिये कम से कम डेढ़ साल का समय लगेगा लेकिन विभाग ने युद्ध स्तर पर काम करते हुए इस समय सीमा से दो माह पहले ही ट्रेन चला दी।

सोमवार को जैसे ही बड़ी रेल का इंजिन क्रमांक 16779 आर डब्ल्यूडीएम 3-ए घंसौर के स्टेशन पहुंचा, लोग बड़ी संख्या में स्टेशन की ओर दौड़ पड़े। इसके पहले इंजन की सीटी नजदीकी बिनैकी में भी गूंजी। रेल विभाग के सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि बरेला में डल रहे कोल आधारित पॉवर प्लांट में कोयला आपूर्ति के दबाव के चलते रेल मंत्रालय के द्वारा जबलपुर से घंसौर के अमान परिवर्तन को समय सीमा में बांधकर इसे पूरा करने का प्रयास किया गया है।

सूत्रों ने उम्मीद जतायी है कि इसके बाद अब घंसौर से नैनपुर होकर बालाघाट को जोड़ने के काम को तेजी से किया जायेगा। जबलपुर से बालाघाट को अगर जोड़ दिया गया तो रायपुर से नागपुर, इटारसी होकर जबलपुर जाने वाली माल गाड़ियों सहित अनेक रेल गाड़ियों का रूट परिवर्तित कर इस मार्ग से होकर गुजारा जा सकेगा।



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