चिकित्सक के बजाए खुद न बन जाएं डाक्टर

जरा सा जुखाम या सर्दी क्या होती है, हम एंटीबायोटिक दवाईयों का सेवन करने लग जाते हैं। ऐसा करना आपके लिए खतरनाक ही नहीं बल्कि जानलेवा भी साबित हो सकता है। वैसे तो एंटीबायोटिक दवाओं का इस्तेमाल लगभग हर बड़ी बीमारी में किया जाता है, लेकिन हर छोटी से छोटी बीमारी में इनका सेवन करना ठीक नहीं है। आइए हम आज आपको इन एंटीबायोटिक दवाओं के सहीं इस्तेमाल करने के तरीके और इसके बारे में कुछ जानकारी देते है।

एंटीबायोटिक्स को एंटीबैक्टीरियल्स भी कहा जाता हैं। यह एक प्रकार की दवाई होती है, जिसका इस्तेमाल बैक्टीरिया द्वारा किए गए वायर्स पर उपचार करने के लिए किया जाता है। एंटीबायोटिक्स या तो बैक्टीरिया को खत्म कर देता है या तो इन्हें प्रजनन करने से रोकता है। कुछ एंटीबायोटिक्स का इस्तेमाल फंगस और प्रोटोजोआ की रोकने के लिए किया जाता है। लेकिन इनमें वायरस को खत्म करने की क्षमता नहीं होती।

एक सर्वे के मुताबिक 53 प्रतिशत रोगी बिना डॉक्टर की सलाह से एंटीबायोटिक्स का सेवन करते हैं। 25 प्रतिशत डॉक्टर छोटे बच्चों को किसी भी तरह का बुखार होने पर एंटीबायोटिक्स देते हैं। 18 प्रतिशत लोग एंटीबायोटिक्स को बचा कर रखते हैं, ताकि उनका इस्तेमाल वह बाद में कर सकें। 25 प्रतिशत डॉक्टर यह सलाह देते है कि जब मरीज सही हो जाए तो वह इसका सेवन बंद कर दें।

कैसे करें एंटीबायोटिक्स का इस्तेमाल : एंटीबायोटिक्स का इस्तेमाल कभी भी बिना डॉक्टर की सलाह के ना करें। हर बीमारी के लिए अलग तरह के एंटीबायोटिक्स होती हैं, जिसे बिना डॉक्टर की सलाह के सेवन करना आपके लिए नुकसानदेय हो सकता है। जिस मात्रा में डॉक्टर सलाह दें, उसी मात्रा में उसका सेवन करें। अगर आप ऐसा नहीं करते हैं तो यह आपके लिए खतरनाक हो सकता है। डॉक्टर जब तक आपको कहें तभी तक इन दवाईयों का सेवन करें, अगर आप बीच में ही इनका इस्तेमाल बंद कर देंगे तो कुछ बैक्टीरिया जीवित बच जाएंगे और आपको फिर से संक्रमित कर देंगे।

कैसे करता है काम

जब हम बीमार पड़ जाते है तब हमारे शरीर में मौजुद बैक्टीरिया तेजी से बढ़ने लगते हैं और हम कोई काम करने के लिए अपने शरीर को तैयार नहीं कर पाते। कभी कभी जब यह बैक्टीरिया धीरे धीरे हमारे शरीर में बढ़ने लग जाते है तब हमें डॉक्टर एंटीबायोटिक्स दवाई खाने की सलाह देते है।

इनका सेवन करने से हमारे शरीर को कोई नुकसान नहीं पहुंचता। यह एंटीबायोटिक्स हमारे शरीर में मौजूद बैक्टीरिया का विकास धीमा तो करते ही है साथ ही उन्हें नष्ट भी कर देते हैं। कभी कभी इन एंटीबायोटिक्स दवाईयों का इस्तेमाल सर्जरी से पहले भी किया जाता है।

कैसे लें एंटीबायोटिक्स

ओरल : इसमें टेबलेट्स, कैप्सूल्स या सिरप आते हैं जिनका सेवन मुंह के द्वारा किया जाता है।

टॉपिकल : इसमें क्रीम्स, लोशन्स, स्प्रे और ड्रॉप्स आते हैं, इनका हमें सेवन नहीं करना पड़ता बल्कि इन्हें अपने बाहरी शरीर में लगाना पड़ता है।

इंजेक्शन्स : इंजेक्शन की मदद से हमारे मांसपेशियों में एंटीबायोटिक्स को पहुंचाया जाता है।

एंटीबायोटिक्स के सेवन से होने वाली हानियां

अगर एंटीबायोटिक्स से हमें फायदा होता है, तो इसका गलत और ज्यादा सेवन करने से नुकसान भी हमें ही होता है। इससे होने वाले कुछ नुकसान जैसे मुंह, पाचन मार्ग या फंगल इन्फेक्शन, धूप की किरणों से परेशानी, असंतुलित ब्लड क्लॉटिंग, आंतों में सूजन, ज्यादा सेवन से मोटापा बढ़ना आदि हो सकते हैं।

इलको नहीं करना चाहिए इनका सेवन : किडनी या लिवर के मरीज, प्रेंगनेंट औरत, स्तनपान करवाने वाली महिलाओं आदि को इसके प्रयोग से बचना चाहिए। इन दवाईयों का इस्तेमाल करने के साथ साथ किसी और दवाई का इस्तेमाल या सेवन नहीं करना चाहिए।

(साई फीचर्स)


नोट :ये नुस्‍के आजमाने के पहले जानकार चिकित्‍सक से एक बार मशविरा अवश्‍य कर लें।

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