जगतगुरू का सानिध्य प्राप्त होगा एकात्म यात्रा को

ब्राह्मण समाज ने दिये प्रदेश सरकार को सुझाव

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। ब्राह्मण समाज के तत्वावधान में प्रस्तावित मूर्ति स्थापना एवं प्राण प्रतिष्ठा समारोह में जगत गुरू शंकराचार्य का सानिध्य प्राप्त होगा। मध्य प्रदेश सरकार द्वारा आरंभ की गयी एकात्म यात्रा को लेकर जन मानस में व्याप्त भ्रम और विरोधाभास की स्थिति को जल्द दूर किया जाना चाहिये।

उक्ताशय का सुझाव जिला ब्राह्मण समाज सिवनी द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में दिया गया है। ज्ञातव्य है कि 19 दिसंबर से भगवान आदि शंकराचार्य के नाम पर आरंभ हुई एकात्म यात्रा का शनिवार 06 जनवरी को सिवनी जिले में आगमन होने जा रहा है। सर्वविदित तथ्य है कि सिवनी जिला जगतगुरू शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती महाराज की जन्मस्थली है। वे आदि शंकराचार्य द्वारा स्थापित पीठ परंपरा की चार पीठांे में से दो पीठों के वर्तमान पीठाधीश्वर हैं।

विज्ञप्ति के अनुसार स्वरूपानंद सरस्वती महाराज न केवल सिवनी वरन प्रदेश, देश और विदेश के समस्त सनातन धर्मियों की श्रद्धा और आस्था के केंद्र हैं। आदि शंकराचार्य पीठ परंपरा के उत्ताधिकारी होने के नाते इस विषय में वर्तमान शंकराचार्य द्वारा दी जाने वाली जानकारी सबसे प्रमाणिक होगा, यह जन आस्था स्वाभाविक है। एकात्म यात्रा के संदर्भ में आदि शंकराचार्य के जन्मतिथि, उनकी तपो भूमि और दीक्षा स्थल को लेकर जो तथ्य सरकारी प्रकाशन में दिये जा रहे है उनके संबंध में शारदा पीठ ब्रह्मचारी ब्रह्मविद्यानंद के हवाले से एक असहमति पत्र का प्रकाशन किया गया है।

गत 02 दिसंबर को जिला ब्राह्मण समाज के प्रतिनिधि मण्डल ने परमहंसी आश्रम झोतेश्वर पहुँचकर शंकराचार्य के दर्शन लाभ प्राप्त किया। प्रतिनिधि मण्डल द्वारा आगामी अक्षय तृतीया परशुराम जयंति के अवसर पर सामाजिक भवन परिसर डूण्डासिवनी में नव निर्मित श्रीमाता राजराजेश्वरी एवं भगवान श्रीपरशुराम मंदिर में मूर्तियों की स्थापना प्राण प्रतिष्ठा के धार्मिक आयोजन में महाराजश्री की उपस्थिति प्राप्त करने हेतु उन्हें आमंत्रित किया। अक्षय तृतीया से आदि शंकराचार्य जयंति तक 03 दिवसीय आयोजन में शंकराचार्य ने पहुँचने की अपनी इच्छा व्यक्त करते हुए समाज को शुभ आर्शीवाद प्रदान किया है।

विज्ञप्ति में आगे कहा गया है कि प्रसंग वश एकात्म यात्रा के संबंध में चर्चा के दौरान महाराजश्री ने सरकार के प्रकाशन पर असहमति व्यक्त करते हुए प्रमाणिक जानकारी सहित साहित्य उपलब्ध कराया। उन्होंने एकात्म यात्रा को देशकाल एवं सिद्धांतों के सर्वथा निरूपित किया। उन्होंने कहा कि सरकारी प्रचार भ्रामक है तथा भगवान आदि शंकराचार्य एवं उनके गुरू गोंविद भगवत्पाद को आपस में दूर करने जैसा धर्म विरूद्ध कार्य है।

ब्राह्मण समाज के इस प्रतिनिधि मण्डल में जिला ब्राह्मण समाज अध्यक्ष पंडित महेश प्रसाद तिवारी, महासचिव ओमप्रकाश तिवारी, गुरूधाम ट्रस्ट कोषाध्यक्ष अनुराग त्रिपाठी, युवा शाखा अध्यक्ष डॉ.संदीप उपाध्याय, दुर्गा चौक मंदिर पुजारी सोनू महाराज, परशुराम वाहनी अध्यक्ष अखिलेश चंकी पांडे प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। ब्राह्मण समाज अध्यक्ष पंडित महेश तिवारी ने महाराजश्री की भावना के अनुरूप आदि शंकराचार्य के इतिहास के संबंध में मध्य प्रदेश सरकार द्वारा की जा रही भूल में समय रहते सुधार करने की माँग की है।



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