डॉ.प्रमोद राय ने घेरा मंत्री गौरी शंकर बिसेन को!

किसानों से संगठित होने की अपील की डॉ.प्रमोद राय ने

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। केवलारी क्षेत्र के किसान डॉ.प्रमोद राय के द्वारा इशारों ही इशारों में प्रदेश के किसान कल्याण मंत्री गौरी शंकर बिसेन को घेरने का प्रयास किया गया है। उन्होंने किसान कल्याण विभाग के द्वारा किसानों को जानकारी न दिये जाने की बातें भी कही हैं।

सोमवार को जारी विज्ञप्ति में डॉ.प्रमोद राय ने कहा है कि खरीफ वर्ष 2017 में सिवनी जिले की जलवायु और मौसम पूर्णतः कृषि के विपरीत रहा। सिवनी जिले में प्राथमिकता क्रम में खरीफ की बोनी सोयाबीन, धान और मक्का की, की गयी थी। जुलाई, अगस्त एवं सितंबर में अनियमित वर्षा हुई, कभी बरसात बहुत ज्यादा हुई, कभी लंबे समय तक वर्षा नहीं हुई।

उन्होंने कहा कि फसलें जब फल फूल की स्थिति में थीं तब बारिश नहीं हुई। इसके चलते सोयाबीन की फसल पूरी तरह नष्ट हो चुकी है। धान की फसल में भी 70 प्रतिशत से अधिक नुकसान हो चुका है। मक्का की फसल में भी छावर के समय पानी न गिरने के कारण पैदावार कम हो चुकी है। इसके साथ ही एशिया महाद्वीप का सबसे बड़ा मिट्टी का बाँध जो कि बैनगंगा नदी पर भीमगढ़ के समीप स्थित है उसमें भी जल भराव तुलनात्मक दृष्टि से बहुत कम हुआ है।

इसके साथ ही उन्होंने कहा है कि बाँध में जो जल भरा हुआ है उसमें से सिवनी मुख्यालय में पेयजल की पूर्ति भी होती है। सत्ता शासन की पहली प्राथमिकता पेयजल उपलब्ध कराना होता है। यही उनकी भी पहली प्राथमिकता है और होना भी चाहिये। ऐसी स्थिति में कृषकों को रवि फसल सिंचाई हेतु कितना पानी दिया जा सकता है, इसकी अधिकृत एवं बिंदुवार विज्ञप्ति जिला प्रशासन एवं जल संसाधन विभाग के मुखिया के माध्यम से जारी की जानी चाहिये।

डॉ.प्रमोद राय ने आगे कहा है कि क्या नहरों में विद्युत पंप के माध्यम से पूर्व की तरह सिंचाई हेतु पानी लिया जा सकेगा? रवि फसल की तैयारियां लगभग प्रारंभ हो चुकी हैं। ऐसी स्थिति में समय रहते किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग द्वारा भी अधिकृत विज्ञप्ति जारी की जानी चाहिये कि वर्तमान समय में जब जिला अवर्षा और सूखे की मार झेल रहा है तो किन फसलों की बोनी की जानी चाहिये? कब से कब तक बोनी की जानी चाहिये? बीज कहाँ और किस मात्रा में किस किस्म का बीज और किस दर पर उपलब्ध रहेगा? तथा कितने पानी में फसल पक जायेगी?

उन्होंने कहा है कि मौसमों में बरसात, ओलावृष्टि, कोहरा इत्यादि का बोयी जाने वाली रबी की फसलों पर क्या प्रभाव पड़ेगा? मौसम विज्ञान केंद्र के द्वारा भी इससे संबंधित एक विज्ञप्ति जारी की जानी चाहिये। छिंदवाड़ा जिला में पंेच नदी पर निर्माणाधीन माचागोरा बाँध से क्या संजय सरोवर परियोजना में पानी आयेगा? अगर हाँ, तो संजय सरोवर परियोजना से सिंचाई के दौरान कितना क्यूसिक मीटर पानी प्रतिदिन छोड़ा जाता है? और सिंचाई हेतु कितना पानी कृषको को दिया जा सकेगा? इस की विस्तृत जानकारी विज्ञप्ति के माध्यम से कृषकों को दी जानी चाहिये।



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