तीनों बहनें दिखाएं देश को दिशा

(डा. वेद प्रताप वैदिक)

गुरुग्राम या गुड़गांव में इधर कुछ अजूबा हुआ। नगर निगम के नव-निर्वाचित 35 सदस्यों को एक महापौर और दो उप-महापौर चुनने थे। देखिए, इस गुड़गांव का कमाल की इन तीनों पदों पर तीन महिलाएं ही चुनी गईं। उप-महापौरों में एक वरिष्ठ उप-महापौर का पद है और दूसरा सामान्य उप-महापौर का! वरिष्ठ उप-महापौर के पद पर एक कांग्रेसी पार्षद चुनी गईं। भाजपा बहुमत में है लेकिन उसका उम्मीदवार 11 वोटों से हार गया।

यों तो गुड़गांव के नगर-निगम चुनाव में भाजपा हार गई थी, अल्पमत में आई थी लेकिन निर्दलीय सदस्यों ने उसमें शामिल होकर उसे बहुमत में ला दिया था लेकिन भाजपा में अंदरुनी दांव-पेंच ऐसे चले गए कि इस बहुमत के बावजूद वरिष्ठ उप-महापौर के लिए उसका उम्मीदवार हार गया। कौन हारा और कौन जीता ? और यह सब कैसे हुआ तथा दो साल बाद हरियाणा के चुनावों पर इसका क्या असर पड़ेगा, इस पंचायत में हम न पड़ें तो भी गुड़गांव का यह महापौर चुनाव पूरे देश के लिए एक नया संदेश दे रहा है।

गुड़गांव- देश के सबसे महत्वपूर्ण जिलों में से एक है। इसकी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय छवि है। दुनिया की बड़ी-बड़ी कंपनियों के दफ्तर यहां हैं। ये तीनों महिलाएं- मधु, प्रमिला और सुनीता यदि चाहें तो गुड़गांव को भारत का आदर्श जिला बना सकती हैं। नगर-निगमों के पास कानूनी ताकत बहुत सीमित होती है। यदि वे सिर्फ कानून के जरिए उक्त लक्ष्य की प्राप्ति करना चाहें तो यह असंभव है लेकिन नैतिक बल की शक्ति तो असीम होती है और हमारी महिलाओं में वह पुरुषों से कहीं ज्यादा होती है।

इसलिए, मैं कहता हूं कि ये तीनों महिला नेतागण गुड़गांव में, जिसे आजकल गुरुग्राम भी कहा जाता है, राजनैतिक नहीं, नैतिक आंदोलन चलाएं। स्वच्छता अभियान तो है ही, हर नागरिक को कम से कम एक पेड़ या पौधा पालने के लिए प्रेरित करें। शराब की दुकानों के आगे सत्याग्रह करें। अंग्रेजी के नामपट सभी दुकानों और दफ्तरों से हटवाएं। रिश्वत लेने और देने के विरोध में प्रतिज्ञा करवाएं। अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों को बंद करवाएं। हर व्यक्ति से अपने हस्ताक्षर हिंदी में करने का संकल्प करवाएं। दहेज लेने और देने के विरुद्ध जन-आंदोलन चलाएं। स्त्री-सुरक्षा के लिए विशेष अभियान चलाएं। गरीब और साधनहीन लोगों के बच्चों की शिक्षा और चिकित्सा निःशुल्क हो सके, ऐसा वातावरण बनाएं। मैं खुद आजकल गुड़गांव में रहता हूं। उनका पूरा सहयोग करुंगा। ये तीनों बहनें पूरे देश को दिशा दिखा सकती हैं।

(साई फीचर्स)


डिसक्लेमर : ऊपर व्यक्त विचार लेखक के अपने हैं। समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया इसका समर्थन या विरोध नहीं कराती है।

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