तीन शेर वाले एम्बलम का दुरूपयोग, प्रशासन मौन!

0 कितनी संवैधानिक हैं पारंपरिक ग्राम सभाएं . . . 06

आदिवासियों को जमकर भरमाने का सिलसिला है जारी

(अय्यूब कुरैशी)

सिवनी (साई)। जिले के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में ग्राम पंचायतों के समानांतर पारंपरिक ग्राम सभाओं का गठन कर आदिवासियों को भरमाने का प्रयास किया जा रहा है। इन पारंपरिक ग्राम सभाओं के लेटर हेड पर भारत सरकार के तीन शेर वाले प्रतीक चिन्ह (एम्बलम) का धड़ल्ले से दुरूपयोग किया जा रहा है।

धनौरा थाना के उच्च पदस्थ सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि जिले के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में कुछ बाहरी तत्वों के द्वारा पाँचवी अनुसूचि की व्याख्या अपने हिसाब से की जाकर आदिवासियों को जमकर बरगलाया जा रहा है। ग्राम पंचायतों के समानांतर पारंपरिक ग्राम सभा और सरपंच के समानांतर ग्राम प्रधान की तैनाती भी की जा रही है।

सूत्रों ने बताया कि अक्टूबर माह में क्षेत्र के ग्राम कुआखेड़ा में पारंपरिक ग्राम सभा का गठन किया जाकर ग्राम प्रधान की नियुक्ति भी कर दी गयी है। ग्राम प्रधान के हस्ताक्षरोें से जारी एक पत्र जिला कलेक्टर सिवनी के माध्यम से भारत सरकार के महामहिम राष्ट्रपति, प्रदेश के राज्यपाल को भेजा गया है।

इसके साथ ही सूत्रों ने बताया कि इस पत्र की प्रति घंसौर के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, जिला पुलिस अधीक्षक और धनौरा थाना प्रभारी को भी भेजी गयी है। इस पत्र में सबसे आपत्ति जनक बात यह सामने आ रही है कि इस पत्र के शीर्ष पर भारत सरकार के तीन शेर वाले प्रतीक चिन्ह का दुरूपयोग किया गया है।

सूत्रों ने कहा कि ग्राम पंचायतें भी इस प्रतीक चिन्ह का उपयोग नहीं कर सकती हैं। ग्राम पंचायतें सीधे-सीधे प्रदेश सरकार के अधीन हैं। इस लिहाज से बताया जाता है कि प्रदेश के प्रतीक चिन्ह का उपयोग अगर वे चाहें तो कर सकती हैं पर इसके लिये भी उन्हें विभाग के उच्चाधिकारियों और कानून के जानकारों से मशविरा करना होगा।

इसके साथ ही सूत्रों ने कहा कि पारंपरिक ग्राम सभा कुआखेड़ा के लेटर हेड पर भारत सरकार के तीन शेर वाले प्रतीक चिन्ह के नीचे ए/सी भारत सरकार कुटुम्ब परिवार लिखा गया है। इसके उपरांत भारत का संविधान के अनुच्छेद 13(3)(क), 19(5)(6) एवं अनुच्छेद 244(1) (भारत शासन अधिनियम 1935 खण्ड 91, 92) अनुसूचित क्षेत्रों और अनुसूचित जन जातियों (आदिवासियों के प्रशासन और नियंत्रण के तहत लिखा गया है।

सूत्रों ने बताया कि इस लेटर हेड में गाँव गणराज्य, अंग्रेजी में सेल्फ गर्वमेंट, कुआखेड़ा ग्राम एवं ग्राम कुआखेड़ा, पोस्ट सुनवारा, तहसील धनौरा, जिला सिवनी एवं पिन कोड 480664 लिखा गया है। सूत्रों ने कहा कि भारत सरकार के एम्बलम के दुरूपयोग का मामला ग्राम प्रधान के खिलाफ प्रशासन को दर्ज कर लेना चाहिये था।

इसके साथ ही सूत्रों ने कहा कि इसी लेटर हेड पर भारत के संविधान के अनुच्छेद 244(1) एवं अनुच्छेद 13(3)(क) के तहत (रूढ़ी व प्रथा) पारंपरिक ग्राम सशक्तिकरण की सूचना बावत पत्र राष्ट्रपति, राज्यपाल, जिला कलेक्टर, जिला पुलिस अधीक्षक, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व घंसौर एवं थाना प्रभारी धनौरा को भेजा गया है।



0 Views

Related News

(शरद खरे) सिवनी शहर में जहाँ जिसका मन आया उस ठेकेदार या नगर पालिका के कारिंदों ने गति अवरोधक बना.
प्रभारी सीएमएचओ का बस नहीं था चिकित्सकों पर! (अय्यूब कुरैशी) सिवनी (साई)। निःशक्त, दिव्यांग विद्यार्थियों के चिकित्कीय मूल्यांकन शिविरों में.
जमीनी स्तर पर महज श्रृद्धांजलि देकर और जयंति मना रही काँग्रेस! (अखिलेश दुबे) सिवनी (साई)। विधानसभा चुनावों की पदचाप के.
शुक्रवार एवं शनिवार को रह सकती है साल की सबसे सर्द रात! (महेश रावलानी) सिवनी (साई)। उत्तर भारत की सर्दी.
पालिका के चुने हुए प्रतिनिधियों के पेट में क्यों उठने लगी मरोड़! (संजीव प्रताप सिंह) सिवनी (साई)। नगर पालिका परिषद.
(ब्यूरो कार्यालय) सिवनी (साई)। प्रतिष्ठित खेल शिक्षक धन कुमार यादव के द्वितीय पुत्र अनन्त यादव की पार्थिव देह मंगलवार को.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *