नहीं रूकेगी पद्मावती की रिलीज

(एडविन अमान)

नई दिल्ली (साई)। भारत निर्वाचन आयोग ने भाजपा को बड़ा झटका दिया है। राजपूत वोटों को साधने के लिए भाजपा चाहती थी कि फिल्म् पद्मावती का रिलीज आगे बढ़ा दिया जाए परंतु चुनाव आयोग ने भाजपा की इस मांग को खारिज कर दिया है।

बता दें कि गुजरात में 9 एवं 14 दिसम्बर को वोटिंग होना है जबकि 1 दिसम्बर को फिल्म पद्मावती रिलीज हो रही है। राजपूत समाज ने चेतावनी दे रखी है कि यदि भाजपा सत्ता में रहते हुए भी फिल्म पद्मावती को रोक नहीं सकती तो उसे वोट भी नहीं दिया जाएगा। अब भाजपा की उम्मीद का सिर्फ एक ही केंद्र रह गया है सेंसर बोर्ड।  

गुजरात के प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष आईके जडेजा ने मीडिया को बताया था कि गुजरात के 15-16 जिलों के राजपूत समाज ने पार्टी से इस फिल्म को बैन कराए जाने की मांग की थी। उनका तर्क था कि फिल्म में ऐतिहासिक तथ्यों के साथ छेड़छाड़ की गई है, जिससे राजपूत समाज की भावनाओं को ठेस पहुंची है। इसलिए वो चाहते थे कि फिल्म रिलीज ना हो।

भंसाली की इस फिल्म का विरोध राजस्थान और गुजरात में हो रहा है। पहले भी शूटिंग के दौरान पद्मावती विरेाध का सामना कर चुकी है। भंसाली की फिल्म पर सवाल उठाते हुए जडेजा ने कहा, पार्टी के राजपूत नेताओं को फिल्म दिखानी चाहिए। राजपूत समाज से अप्रूवल के बिना इसे रिलीज करने से हिंसा भड़क सकती है। जडेजा का दावा है, क्षत्रीय समाज के कई प्रतिनिधियों ने पार्टी के सामने ऐसे साक्ष्य रखें हैं जिससे साबित होता है कि फिल्म की कहानी में तथ्यों के साथ छेड़छाड़ हुई है। उन्होंने कहा, गुजरात चुनाव के दौरान फिल्म की वजह से किसी तरह की हिंसा न फैले, इसके लिए चुनिंदा राजपूत प्रतिनिधियों को फिल्म का कंटेंट दिखाना चाहिए।

फिल्म में पद्मावती का रोल दीपिका पादुकोण कर रही हैं। जबकि अलाउद्दीन खिलजी के किरदार में रणवीर सिंह हैं। करणी सेना फिल्म की शूटिंग के दौरान से ही इसका विरोध कर रही है। राजस्थान में शूटिंग के वक्त तोड़फोड़ की घटना हुई थी। करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने फिल्म के निर्देशक संजय लीला भंसाली के साथ हाथापाई भी की थी।

बीजेपी की चिट्ठी में क्या लिखा है?

इससे पहले गुरुवार को बीजेपी ने चुनाव आयोग, केंद्र सरकार और सेंसर बोर्ड को चिट्ठी लिखी। कहा गया कि यह फिल्म क्षत्रीय समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचा सकती है। लिहाजा फिल्म को रिलीज से पहले पार्टी के राजपूत प्रतिनिधियों को दिखाया जाना चाहिए। पार्टी की दलील है कि ऐसा करने से रिलीज के वक्त फिल्म के लिए सहूलियत रहेगी और किसी भी तरह की तनावपूर्ण परिस्थितियों से बचा जा सकेगा।



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