निंदा प्रस्ताव से गायब रह सकते हैं भाजपाई पार्षद!

सीएमओ को मिल सकता है अभयदान

(अय्यूब कुरैशी)

सिवनी (साई)। नवागत मुख्य नगर पालिका अधिकारी नवनीत पाण्डेय के खिलाफ बुधवार को निंदा प्रस्ताव शायद ही पारित हो पाये। भाजपा शासित नगर पालिका प्रशासन के आकण्ठ भ्रष्टाचार में लिप्त होने से शहर में गिर रही भाजपा की छवि की चिंता अब संगठन को सताती दिख रही है। माना जा रहा है कि बुधवार को सीएमओ को अभय दान मिल सकता है।

भाजपा के उच्च पदस्थ सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि भले ही 24 पार्षदों के द्वारा मुख्य नगर पालिका अधिकारी नवनीत पाण्डेय के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाने के लिये हस्ताक्षर कर दिये गये हों, किन्तु बाद में जब सीएमओ के द्वारा किये गये कामों का उनके द्वारा आंकलन किया जा रहा है तब भाजपा के पार्षद अब निंदा प्रस्ताव के पक्ष में नहीं दिख रहे हैं।

सूत्रों ने आगे बताया कि मंगलवार को कुछ पार्षदों को बुलाकर संगठन के पदाधिकारियों के द्वारा भाजपा कार्यालय में उनसे वन टू वन चर्चा की गयी। सूत्रों की मानें तो संगठन ने पार्षदों को इशारा किया है कि सीएमओ की कार्यप्रणाली के आंकलन के बाद ही वे किसी तरह के निर्णय पर पहुँचें।

इसके साथ ही सूत्रों ने बताया कि बुधवार को सुबह 11 बजे बारापत्थर स्थित भाजपा कार्यालय में भाजपाई पार्षदों की एक बैठक का आयोजन भी किया जा रहा है। इस बैठक में निंदा प्रस्ताव के संबंध में चर्चा की जायेगी। सूत्रों ने कहा कि जिन विकास के कामों के सीएमओ नवनीत पाण्डेय के चलते अवरूद्ध होने की बात परिषद के द्वारा कही जा रही है दरअसल वे किसी न किसी के निहित स्वार्थ से जुड़े हुए हैं। इस तरह के विकास कार्यों से जनता को शायद ही लेना – देना हो।

सूत्रों ने बताया कि शहर में गंदे पानी के प्रदाय की शिकायतें लगातार मिलने के बाद भी नगर पालिका परिषद के द्वारा इसकी गुणवत्ता के सुधार की दिशा में किसी तरह के प्रयास नहीं किये गये हैं। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता भी सही नहीं मानी जा सकती है। इसके अलावा शहर भर में रद्दोबदल के नाम पर नये निर्माण की अनुमतियां अघोषित तौर पर दी जा रहीं हैं, जिससे शहर में भारतीय जनता पार्टी का जनाधार गिर ही रहा है।

इसके साथ ही सूत्रों ने इस बात के संकेत दिये हैं कि नवनीत पाण्डेय को संगठन भी अपेक्षाकृत ईमानदार अधिकारी की श्रेणी में रख रहा है। सूत्रों ने कहा कि संगठन का मानना है कि हो सकता है कि नवनीत पाण्डेय की कार्यप्रणाली में कहीं किसी को आपत्ति हो पर निंदा प्रस्ताव लाने जैसा काम नवनीत पाण्डेय के द्वारा नहीं किया गया है।

उधर, काँग्रेस के जिला और नगर संगठन को मानो नगर पालिका से ज्यादा लेना-देना ही नहीं रह गया है। शहर में पालिका के द्वारा जिस तरह से काम किया जा रहा है उसके बाद भी काँग्रेस संगठन पूरी तरह मौन है। सीएमओ के खिलाफ निंदा प्रस्ताव के मामले में भी नगर और जिला काँग्रेस संगठन पूरी तरह मौन ही है।

इधर, नगर पालिका के सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को इस बात के संकेत दिये हैं कि आने वाले समय में चुनावों को देखते हुए अब काँग्रेस और भाजपा के द्वारा यही प्रयास किया जायेगा कि नगर पालिका की कार्यप्रणाली से आम जनता को असुविधा न हो। सूत्रों ने कहा कि जनता के हित में काम करने के लिये नवनीत पाण्डेय उपयुक्त अधिकारी साबित हो सकते हैं इसलिये उनके खिलाफ निंदा प्रस्ताव शायद ही आ पाये।



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