पालिका के सामने बौना नजर आ रहा संगठन

मनमानी पर उतारू भाजपा शासित नगर पालिका की मश्कें कसने में नाकाम दिख रहा संगठन

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। भाजपा शासित नगर पालिका परिषद इन दिनों मुख्य नगर पालिका अधिकारी नवनीत पाण्डेय से इस कदर खफा नजर आ रही है कि उसे जनता की परवाह ही नहीं दिख रही है। इस मामले में भाजपा संगठन भी नीरो के मानिंद चैन की बंसी बजाता दिख रहा है। इस मामले में नगर पालिका अध्यक्ष का चुनाव लड़ चुकीं मानसी आनंद पंजवानी और कोमल जैसवाल ने भी अपना मौन नहीं तोड़ा है।

बताया जाता है कि बुधवार को मुख्य नगर पालिका अधिकारी नवनीत पाण्डेय के खिलाफ पारित निंदा प्रस्ताव को लेकर भाजपा शासित नगर पालिका परिषद के चुने हुए प्रतिनिधि ब्रहस्पतिवार को जिला कलेक्टर से मिलने पहुँचे। श्रीमति आरती शुक्ला के नेत्तृत्व में उपाध्यक्ष परसू साहू, भाजपा पार्षद मनुचंद सोनी, अल्केश रजक के अलावा शेष काँग्रेस के पार्षद ही नजर आ रहे थे। बताया जाता है कि भाजपा के शेष पार्षदों ने संगठन के कोप का भाजन बनने से बचने के लिये अपने आप को इससे दूर ही रखा।

इसके साथ ही बताया जाता है कि इसके पहले सीएमओ नवनीत पाण्डेय और पालिका अध्यक्ष श्रीमति आरती शुक्ला के बीच पालिका के लिपिकों के स्थान परिवर्तन को लेकर हुआ विवाद भी जिला कलेक्टर के हस्तक्षेप के बाद शांत हुआ था। इस दौरान जिला कलेक्टर के द्वारा सीएमओ और पालिका अध्यक्ष को सामंजस्य बनाकर चलने की नसीहत दी गयी थी। कहा जा रहा है कि जिला प्रशासन के द्वारा पालिका अध्यक्ष से यह भी कहा गया था कि वे पार्षदों और सीएमओ के बीच सामंजस्य बनाने के लिये दोनों की बैठक करायें।

बताया जाता है कि ब्रहस्पतिवार को जब काँग्रेस के पार्षदों के साथ भाजपा का प्रतिनिधि मण्डल कलेक्टर कार्यालय पहुँचा और काँग्रेस के पार्षदों को यह पता चला कि जिला प्रशासन के द्वारा अध्यक्ष को इस तरह के निर्देश दिये जा चुके थे कि पार्षदों और सीएमओ के बीच सामंजस्य बनाया जाये तो वे भी भौंचक्के रह गये।

इसी तरह बताया जाता है कि भाजपा शासित नगर पालिका परिषद के द्वारा काँग्रेस के पार्षदों को सार्वजनिक तौर पर साथ लेकर चलने और अधिक तवज्जो देने पर संगठन भी अपनी बारीक नजर रखे हुए है। संगठन भी इस मामले में एक-एक कदम देख रहा है। लोगों का कहना है कि अब तक के घटनाक्रम से यही स्पष्ट हो रहा है कि भाजपा के संगठन का भी भाजपा शासित नगर पालिका परिषद पर कोई बस नहीं रह गया है।

भाजपा के एक उच्च पदस्थ नेता ने पहचान उजागर न करने की शर्त पर समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया से कहा कि भारतीय जनता पार्टी को काडर बेस्ड अनुशासित पार्टी माना जाता है पर इस तरह के घटनाक्रमों से भाजपा की छवि पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है और भाजपा संगठन है कि नीरो के मानिंद चैन की बंसी बजा रहा है मानो कुछ हुआ ही नहीं है।

वहीं, दूसरी ओर इस मामले में अपना पक्ष स्पष्ट करते हुए मुख्य नगर पालिका अधिकारी नवनीत पाण्डेय ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया से चर्चा के दौरान कहा कि उनकी पदस्थापना सिवनी के विकास के लिये की गयी है। वे सिवनी का विकास सुनिश्चित करने में कोई कसर नहीं रख छोड़ेंगे।

उन्होंने कहा कि नियम विरूद्ध कामों को करने के लिये उन पर चाहे जितना भी दबाव आ जाये, पर वे उसके आगे झुकेंगे नहीं। उन्होंने कहा कि पिछले भुगतान को करने के पहले वे मौके का मुआयना या तो खुद करेंगे या संबंधित शाखा के कर्मचारी से सत्यापित करायेंगे।



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