पेन व आधार नंबर लिंक : मिल सकती है राहत

(वाय.के.पाण्डेय)

नई दिल्ली (साई)। पेन नंबर और आधार नंबर को लिंक करने के मामले में केंद्र सरकार आम नागरिकों को एक और राहत देने वाली है।

साउथ ब्लॉक स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय के सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि इसके लिये फिक्स की गयी लास्ट डेट 31 दिसंबर बदलने वाली है। अब यह 30 जून 2018 या 31 मार्च 2018 हो सकती है। ज्ञातव्य है कि महाराष्ट्र, ओड़िसा, पश्चिम बंगाल, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर और त्रिपुरा में आम नागरिक चाहते हैं कि उन्हंे यह राहत दी जाये।

सूत्रों के अनुसार सरकार इसके लिये तीन से छः महीने का समय दे सकती है। इस समय सीमा के बाद भी पैन को आधार से नहीं जोड़ने वाले लोगों के पैन रद्द किये जायेंगे। ऐसा होने से सभी जाली पैन व्यवस्था से बाहर हो जायेंगे और बेनामी लेनदेन स्वतः समाप्त हो जायेंगे। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट में आधार की अनिवार्यता पर सुनवायी चल रही है। अभी पैन को आधार से जोड़ने के लिये आयकर विभाग ने 31 दिसंबर की अंतिम तारीख निर्धारित की है।

सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में इस समय सीमा को 31 मार्च 2018 तक बढ़ाने की बात कही है। सूत्रों ने बताया कि यदि सुप्रीम कोर्ट आधार और पैन लिंकिंग को अनिवार्य करने के सरकार के कदम के पक्ष में फैसला देता है तो तीन से छः महीने का अतिरिक्त समय दिया जा सकता है। सभी पैनधारक इस अवधि में अपने पैन को आधार से जोड़ सकेंगे। नवंबर के आखिर तक देश में 33 करोड़ पैन में से 13.28 करोड़ पैन आधार से जोड़े जा चुके हैं।

सूत्रों ने कहा कि पैन और आधार को जोड़ने के इस कदम का लक्ष्य जाली पैन को व्यवस्था से हटाना है। कुछ लोगों ने कर चोरी के लिये एक से ज्यादा पैन बनाये हुए हैं। आखिरी तारीख तक भी जो पैन आधार से नहीं जुड़े होंगे, उन्हें अवैध करार दे दिया जायेगा। आयकर रिटर्न भरने और नया पैन पाने के लिये सरकार आधार को अनिवार्य कर चुकी है।

इसके साथ ही सूत्रों ने बताया कि जाली पैन अर्थव्यवस्था के लिये बड़ा खतरा हैं। जाली पैन बनवाने वाले लोग इनकी मदद से बैंक खाते खोलते हैं और कर चोरी करते हैं। ऐसे लोग बड़े लेनदेन भी करते हैं और रिटर्न भी नहीं भरते।

सरकार आधार से नहीं जुड़ने वाले सभी जाली पैन रद करना चाहती है। इससे बेनामी लेनदेन पर भी लगाम लग जायेगी। सुप्रीम कोर्ट में इस समय आधार को बैंक खाते, मोबाईल नंबर, पैन और कई सरकारी योजनाओं के लिये अनिवार्य करने को लेकर सुनवायी चल रही है। जरूरत पड़ने पर सर्वाेच्च अदालत संविधान पीठ भी गठित कर सकती है।



0 Views

Related News

(शरद खरे) सूबे के निज़ाम शिवराज सिंह चौहान की इच्छा भले ही प्रदेश में सुशासन लाने की हो पर मैदानी.
दिसंबर में फिर गायब हुई सर्दी (महेश रावलानी) सिवनी (साई)। पूस (दिसंबर) के माह में जब हाड़ गलाने वाली सर्दी.
अनेक वरिष्ठ नेता पा रहे खुद को उपेक्षित, बिना खिवैया दिशाहीन हो रही काँग्रेस की नैया! (अखिलेश दुबे) सिवनी (साई)।.
0 सांसद-विधायकों की चुप्पी से भीमगढ़ हो रहा उपेक्षित (स्पेशल ब्यूरा) सिवनी (साई)। एशिया के सबसे बड़े मिट्टी के बाँध.
मतदाता सूची में नाम जोड़ने पर हुआ विवाद (आगा खान) कान्हीवाड़ा (साई)। कान्हीवाड़ा में मतदाता सूची में नाम जोड़ने की.
डूण्डा सिवनी पुलिस को नहीं घटना की जानकारी! (अपराध ब्यूरो) सिवनी (साई)। डूण्डा सिवनी थानांतर्गत बरघाट रोड बायपास के पास.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *