फिर खली ट्रामा केयर यूनिट की कमी!

सड़क दुर्घटना में लेब टेक्निशियन्स हुए काल कलवित

(अय्यूब कुरैशी)

सिवनी (साई)। फोरलेन पर श्रीवनी के पास फिल्टर प्लांट चौराहे पर एक सड़क दुर्घटना में जिला चिकित्सालय की पैथालॉजी विभाग में कार्यरत दो लेब टेक्निशियन्स ने दम तोड़ दिया। एक बार फिर सिवनी में ट्रामा केयर यूनिट की कमी शिद्दत से महसूस की गयी।

प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला चिकित्सालय में पैथालॉजी विभाग में कार्यरत विनोद मर्सकोले के भाई का विगत दिवस निधन हो गया था। उनका तेरहवीं संस्कार उनके गृह ग्राम बजरवाड़ा में आयोजित था, जिसमें भाग लेने उनके सहकर्मी अरूण (52) पिता गनाराम दुबे एवं सुखी नंद (50) पिता अमृतलाल गुप्ता सिवनी से अरूण कुमार दुबे की ग्लेमर मोटर साईकिल क्रमाँक एमपी 22 एमई 9821 से रवाना हुए थे।

बताया जाता है कि जैसे ही ये श्रीवनी के पास बने फिल्टर प्लांट चौराहे पर पहुँचे वहाँ इन्हें सफेद रंग की फॉर्च्युनर कार नंबर एमपी 28 सीए 6161 के द्वारा टक्कर मार दी गयी। यह टक्कर इतनी जबर्दस्त थी कि एस.एन. गुप्ता की मौके पर ही मौत हो गयी और अरूण कुमार दुबे को घायल अवस्था में जिला चिकित्सालय सिवनी लाया गया, जहाँ उपचार के दौरान उन्होंने भी दम तोड़ दिया।

दोनों ही के शव का शव परीक्षण सोमवार 20 नवंबर को किया जायेगा। दोनों ही के पुत्र सिवनी शहर से बाहर हैं और देर रात तक उनके सिवनी पहुँचने की संभावना है।

कहा जा रहा है कि भारतीय राष्ट्रीय सड़क प्राधिकरण (एनएचएआई) के द्वारा सिवनी शहर के नये बायपास पर प्रस्तावित ट्रामा केयर यूनिट या जिला चिकित्सालय में वर्ष 2015 में तैयार और लोकार्पित ट्रामा केयर यूनिट अगर चालू हालत में होता तो अरूण कुमार दुबे की जान बचायी जा सकती थी।

उल्लेखनीय होगा कि एनएचएआई के मापदण्डों के हिसाब से सिवनी शहर में लेवल तीन का ट्रामा केयर यूनिट प्रस्तावित था। इस ट्रामा केयर यूनिट का निर्माण सिवनी से मोहगाँव तक के सड़क निर्माण का काम कराने वाली सद्भाव कन्सट्रॅक्शन कंपनी के द्वारा वर्ष 2010 तक कराया जाकर इसे एनएचएआई को सौंप देना चाहिये था, किन्तु यह ट्रामा केयर यूनिट अब तक अस्तित्व में नही आ सका है।

इसी तरह वर्ष 2015 में जिला चिकित्सालय में बनाये गये ट्रामा केयर यूनिट को तत्कालीन प्रभारी मंत्री गौरी शंकर बिसेन के द्वारा लोकार्पित तो कर दिया गया था, किन्तु उसके बाद से यह यूनिट बंद ही पड़ा हुआ है। इस ट्रामा केयर यूनिट को संसाधनों से अब तक लैस नहीं किया जा सका है।

जानकारों का कहना है कि लेवल तीन वाले ट्रामा केयर यूनिट में इस तरह की व्यवस्थाएं होती हैं कि दुर्घटना में अगर किसी घायल की अतड़ियों का कचूमर भी निकल जाये तो उसे जिंदा रखा जा सकता है। इसके अलावा इस तरह के ट्रामा केयर यूनिट में और भी सुविधाएं होती हैं जिससे घायल को फौरी चिकित्सकीय मदद मिल सकती है।

लोगों का कहना है कि जिले के दो भाजपाई सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते और बोध सिंह भगत के अलावा सिवनी के निर्दलीय विधायक दिनेश राय, बरघाट के भाजपाई विधायक कमल मर्सकोले, केवलारी के काँग्रेस के विधायक रजनीश हरवंश सिंह और लखनादौन के काँग्रेस के विधायक रजनीश हरवंश सिंह सहित सियासत करने वाले नेताओं की कमजोर इच्छा शक्ति का परिणाम है कि एक के बाद एक करके लोग दुर्घटनाओं में दम तोड़ते जा रहे हैं और सिवनी में ट्रामा केयर यूनिट आरंभ नहीं हो पा रहा है।



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