बन सकता है गड्ढों का विश्व रिकॉर्ड

 

नहीं हैं पर्याप्त तादाद में पौधे, गड्ढे हो चुके ज्यादा

(आरती तिवारी)

सिवनी (साई)। सिवनी जिले में आला अधिकारियों के द्वारा विश्व रिकॉर्ड अथवा प्रदेश में अव्वल आने की जद्दोजहद में मनमाने तरीके से प्रशासनिक तंत्र के उपयोग की कड़ी में अब जिले में पौधे लगाये जाने के लिये प्रशासन के द्वारा पूरी ताकत झोंकी जा रही है। कहा जा रहा है कि सिवनी में भले ही पौधे लगाने का विश्व रिकॉर्ड बन पाये या नहीं पर यहां गड्ढे खोदने का विश्व रिकॉर्ड अवश्य बन सकता है।

वन विभाग के उच्च पदस्थ सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि जिले में कुल 30 लाख पौधे लगाये जाने प्रस्तावित हैं। इसके लिये अब तक महज पांच हजार लोगों के द्वारा ही पंजीयन कराया गया है। पंजीयन जिन्होंने कराया है उनमें से अधिकतर वे लोग हैं जिन्होेंने स्थानीय अधिकारियों के दबाव में पंजीयन के लिये हामी भरी है।

वन विभाग के सूत्रों का कहना है कि पूरे जिले की धरती को पौधे लगाने के लिये किये जा रहे गड्ढों से छलनी तो कर दिया गया है किन्तु किसी के द्वारा इस बात की सुध नहीं ली जा रही है कि इन गड्ढों में लगाये जाने वाले तीस लाख पौधे आयेंगे तो अखिर कहां से आयेंगे। अब तक यह बात स्पष्ट नहीं हो सकी है कि जिले की सरकारी और निजि रोपणियों में कुल कितने पौधे उपलब्ध हैं।

सूत्रों ने कहा कि अभी तक यह बात भी तय नहीं हो पायी है कि निजि रोपणियों से अगर पौधे खरीदे जायेंगे तो वे किस दर पर खरीदे जायेंगे? इतना ही नहीं अगर निजि रोपड़ियों से पौधे खरीदे जाने हैं तो इसके लिये अब तक निविदा का प्रकाशन भी सरकारी स्तर पर नहीं किया गया है।

जिला जनसंपर्क विभाग जिसे की प्रशासन की अधिकृत आवाज समझा जाता है वह भी दूसरे जिलों में अधिकारियों और मंत्रियों के दौरों की जानकारी देने में व्यस्त ही नजर आता है। पीआरओ कार्यालय के द्वारा भी अब तक यह बात स्पष्ट करते हुए विज्ञप्ति जारी नहीं की गयी है कि अब तक कितने पौधे रोपने का लक्ष्य है? लक्ष्य के विरूद्ध कितने गड्ढे कर दिये गये हैं? कितने पौधे सरकारी रोपणी में हैं और कितने निजि रोपणी से खरीदे जायेंगे? अगर निजि रोपणी से पौधे खरीदे जायेंगे तो उसके लिये निविदा का प्रकाशन होगा अथवा ऊपर ही ऊपर खरीदे जायेंगे। अभी तक यह बात भी स्पष्ट नहीं हो सकी है कि विकास खण्डवार कितने पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है?

वन विभाग के सूत्रों का कहना है कि निर्वतमान जिला कलेक्टर धनराजू एस. के द्वारा तालाबों, नदी नालों के गहरीकरण और सफाई में अपने आपको इस तरह मशरूफ रखा जाना दर्शाया जाता रहा कि उन्हें भी दो जुलाई के विश्व रिकॉर्ड के लिये सरकारी रोपणियों को तीन माह पहले पौधे तैयार करने के निर्देश जारी करने की फुर्सत नहीं मिल पायी।

सूत्रों का कहना है कि पौधों को रोपने की अपनी एक प्रक्रिया है। इसके तहत पहले गड्ढा कर उसे दीमक और अन्य कीटों से मुक्त करने के लिये रसायनों का छिड़काव किया जाता है। इसके बाद जैविक खाद से इसे उपजाऊ बनाने का प्रयास किया जाता है। पर यहां तो उलट बंसी ही बजती दिख रही है। आनन – फानन गड्ढे किये जाकर पौधे रोपने की तैयारी में दिख रहा है प्रशासन।

 



13 Views.

Related News

(शरद खरे) सिवनी में पुलिस की कसावट के लिये पुलिस अधीक्षक तरूण नायक के द्वारा प्रयास किये जा रहे हैं।.
गंभीर अनियमितताओं के बाद भी लगातार बढ़ रहा है ठेके का समय (अय्यूब कुरैशी) सिवनी (साई)। इंदौर मूल की कामथेन.
मामला मोहगाँव-खवासा सड़क निर्माण का (अखिलेश दुबे) सिवनी (साई)। अटल बिहारी वाजपेयी के प्रधानमंत्रित्व काल की महत्वाकांक्षी स्वर्णिम चर्तुभुज सड़क.
नालियों में उतराती दिखती हैं शराब की खाली बोतलें! (ब्यूरो कार्यालय) सिवनी (साई)। विधानसभा मुख्यालय केवलारी के अनेक कार्यालयों में.
धोखे से जीत गये बरघाट सीट : अजय प्रताप (ब्यूरो कार्यालय) सिवनी (साई)। भाजपा के आजीवन सदस्यों के सम्मान समारोह.
(महेश रावलानी) सिवनी (साई)। बसंत के आगमन के साथ ही ठण्डी का बिदा होना आरंभ हो गया है। पिछले दिनों.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *