बीरबल की खिचड़ी बनकर रह गया कुरई घाट

मोहगाँव-खवासा की टेंडर प्रक्रिया जारी पर अनुमतियां हैं कहाँ!

(अखिलेश दुबे)

सिवनी (साई)। अटल बिहारी बाजपेयी के प्रधानमंत्रित्व काल की महत्वाकांक्षी स्वर्णिम चतुर्भुज सड़क परियोजना के अंग उत्तर – दक्षिण गलियारे में सिवनी जिले के कुरई घाट के पेंच अभी दूर नहीं हो पाये हैं। मोहगाँव से लेकर खवासा तक के हिस्से के निर्माण के लिये निविदा की प्रक्रिया भले ही जारी हो गयीं हों पर वन विभाग से अनुमतियां पाने के लिये एनएचएआई के अधिकारी अभी भी छिंदवाड़ा से सिवनी को एक किये हुए हैं।

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के उच्च पदस्थ सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि मोहगाँव से खवासा के बीच 29 किलोमीटर में सड़क का निर्माण पूर्व में वन विभाग की अनुमति के न मिल पाने के चलते नहीं कराया जा सका था।

इधर, सिवनी से कुरई तक का सड़क निर्माण करने वाली सद्भाव इंजीनियरिंग कंपनी के सूत्रों ने बताया कि अभी भी एनएचएआई को वन विभाग से जरूरी अनुमतियां प्राप्त नहीं हो सकी हैं। इन अनुमतियों को वन विभाग से प्राप्त करना टेड़ी खीर ही है। संभवतः इसी के चलते सद्भाव के द्वारा इस निविदा प्रक्रिया से अपने आप को दूर रखा गया था।

एनएचएआई के सूत्रों ने आगे बताया कि निविदा प्रक्रिया जारी है पर सड़क निर्माण के लिये वन विभाग से अभी पूरी अनुमतियां और अनापत्ति प्रमाण पत्र मिलना बाकी ही रह गया है। सूत्रों का कहना है कि निविदा जिस भी कंपनी को मिले, जब तक पूरी अनुमतियां और अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं मिल जाते तब तक कंपनी कुरई घाट में काम आरंभ नहीं कर पायेगी।

इसके साथ ही सूत्रों ने कहा कि जिस भी कंपनी को यह ठेका मिलेगा उसके द्वारा मोहगाँव की ओर से काम आरंभ न किया जाकर खवासा की ओर से काम आरंभ किया जायेगा। काम करते – करते जब कंपनी कुरई घाट तक पहुँचेगी तब तक अगर जरूरी अनुमतियां एनएचएआई को मिल गयीं तो आगे काम किया जा सकेगा अन्यथा कुरई घाट पर काम एक बार फिर टल भी सकता है।

सूत्रों ने बताया कि जिस तरह पहली बार की निविदा में सिवनी से खवासा तक के काम के लिये निविदा जारी की गयी थी। बाद में मोहगाँव से खवासा तक के हिस्से में तकनीकि और कानून पेंच फसने के बाद मोहगाँव से खवासा तक के हिस्से को निविदा में से अलग कर दिया गया था, उसी तरह अगर कुरई घाट की सारी अनुमतियां नहीं मिल पातीं हैं तो कुरई घाट के हिस्से को भी निविदा से पृथक कर दिया जायेगा।

इसके साथ ही सूत्रों ने संभावना व्यक्त की है कि निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद एनएचएआई के द्वारा कार्यादेश (वर्क ऑर्डर) जारी करने के बाद जिस भी कंपनी को यह काम मिलेगा उसके द्वारा खवासा से लगभग 16 किलोमीटर तक सड़क निर्माण का काम तो कर दिया जायेगा किन्तु अनुमतियों का अगर आभाव रहा तो कुरई घाट के हिस्से का 13 किलोमीटर का सड़क निर्माण खटाई में पड़ सकता है। यह हिस्सा पेंच के बफर जोन से लगा हुआ बताया जाता है।

ज्ञातव्य है कि एनएचएआई के द्वारा पिछले दिनों मोहगाँव से खवासा तक के मार्ग के निर्माण के लिये 819.77 करोड़ की राशि स्वीकृत कर निविदा जारी की गयी। निविदा जारी होने के बाद से लेकर निविदा की अंतिम तारीख के पूर्व तक कई प्रकार की बातें प्रकाश में आयीं। इसके लिये जानी मानी आठ कंपनियों ने निविदा में भाग लिया था।



74 Views.

Related News

(शरद खरे) सामान्य शब्दों में नगर के पालक की भूमिका अदा करने वाली संस्था को नगर पालिका कहा जाता है।.
मामला मोहगाँव-खवासा सड़क निर्माण का (संजीव प्रताप सिंह) सिवनी (साई)। अटल बिहारी वाजपेयी के प्रधानमंत्रित्व काल की महत्वाकांक्षी स्वर्णिम चर्तुभुज.
अट्ठारह करोड़ के काम को दस करोड़ में कैसे करेगा ठेकेदार! (अखिलेश दुबे) सिवनी (साई)। गृह निर्माण मण्डल के द्वारा.
(महेश रावलानी) सिवनी (साई)। जनवरी में शहर में अमूमन धूप गुनगुनी और रात के वक्त सर्दी के तेवर तीखे रहा.
सिविल सर्जन की आँखों का नूर . . . 02 (अय्यूब कुरैशी) सिवनी (साई)। स्वास्थ्य संचालनालय चाहे जो आदेश जारी.
(ब्यूरो कार्यालय) सिवनी (साई)। शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय सिवनी के वनस्पति शास्त्र विभाग में एक अनुपम पहल के चलते वनस्पति विज्ञान.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *