भावांतर राशि हुई घोषित, मक्केमें 235 रूपये भावांतर

किसानों के आक्रोश के सामने झुकी प्रदेश सरकार, फिर भी किसान परेशान!

(अखिलेश दुबे)

सिवनी (साई)। भावांतर योजना के चलते किसानों में पनपते रोष और असंतोष को देखते हुए शिवराज सरकार के द्वारा भावांतर में प्रमुख फसलों के भावों में अंतर की राशि की घोषणा कर दी गयी है। भावांतर में शंका के समाधान के लिये राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम भी बना दिया गया है। इधर किसानों की माँग है कि भावांतर के बाद बची उनकी फसलों को व्यापारियों को बेचने के नियम सरल किये जायें।

समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के मंदसौर ब्यूरो ने बताया कि मंदसौर की भानपुरा में प्रदेश के स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रमुख फसलों के भावों में अंतर की राशि की घोषणा की। इसके तहत मक्का में वर्तमान अंतर की राशि 235 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित की गयी।

ज्ञातव्य है कि इसके पहले मक्के का समर्थन मूल्य 1425 रूपये था। वर्तमान में मक्का 1100 से 1190 रूपये प्रति क्विंटल बिक रहा है। इस लिहाज से किसान को मक्के की उपज में इस साल भी लगभग 1425 रूपये की ही प्राप्ति होगी। एक एकड़ में उत्पादित 26 क्विंटल मक्के को ही भावांतर की जद में रखा गया है।

इसके अलावा सोयाबीन में वर्तमान अंतर की राशि 470 रुपये प्रति क्विंटल, मूंग में वर्तमान अंतर की राशि 1455 रुपये प्रति क्विंटल, मूंगफली में वर्तमान अंतर की राशि 730 रुपये प्रति क्विंटल, उड़द में वर्तमान अंतर की राशि 2400 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित की गयी है।

इस योजना के संबंध में फैलायी जा रहीं भ्रांतियों को दूर करने और किसानों की समस्याओं का समाधान करने के लिये राज्य स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जिसका फोन नंबर 0755 – 2550495 है। कंट्रोल रूम प्रातः 07 बजे से रात 11 बजे तक संचालित होगा।

इधर, किसानों का कहना है कि उनका मक्का उत्पादन 40 से 45 क्विंटल प्रति एकड़ के लगभग हो रहा है। इस लिहाज से अगर उनका 26 क्विंटल मक्का ही भावांतर में खरीदा जायेगा तो शेष 14 से 19 किलो मक्का बेचने के लिये फिर उन्हें कृषि उपज मण्डी के चक्कर काटना पड़ेंगे, जिसमेें भावांतर नहीं मिल पायेगा।

किसानों का कहना है कि इसके पहले व्यापारियों के द्वारा कृषि उपज मण्डी से अनुज्ञा कटवाकर उनके घर से अनाज खरीद लिया जाता था, पर इस बार खुदरा व्यापारी को महज पाँच किलो तक अनाज खरीदने की छूट दी गयी है। किसानों ने कहा है कि इस व्यवस्था को भी पहले की ही तरह लागू किया जाये।



0 Views

Related News

(शरद खरे) सिवनी शहर में जहाँ जिसका मन आया उस ठेकेदार या नगर पालिका के कारिंदों ने गति अवरोधक बना.
प्रभारी सीएमएचओ का बस नहीं था चिकित्सकों पर! (अय्यूब कुरैशी) सिवनी (साई)। निःशक्त, दिव्यांग विद्यार्थियों के चिकित्कीय मूल्यांकन शिविरों में.
जमीनी स्तर पर महज श्रृद्धांजलि देकर और जयंति मना रही काँग्रेस! (अखिलेश दुबे) सिवनी (साई)। विधानसभा चुनावों की पदचाप के.
शुक्रवार एवं शनिवार को रह सकती है साल की सबसे सर्द रात! (महेश रावलानी) सिवनी (साई)। उत्तर भारत की सर्दी.
पालिका के चुने हुए प्रतिनिधियों के पेट में क्यों उठने लगी मरोड़! (संजीव प्रताप सिंह) सिवनी (साई)। नगर पालिका परिषद.
(ब्यूरो कार्यालय) सिवनी (साई)। प्रतिष्ठित खेल शिक्षक धन कुमार यादव के द्वितीय पुत्र अनन्त यादव की पार्थिव देह मंगलवार को.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *