मोबाईल फोन की स्क्रीन बिगाड़ रही आँखों की ब्लिंकिंग

सोशल मीडिया का उपयोग बढ़ने के साथ ही स्मार्ट फोन उपयोग कर्ताओं की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। औसतन तीन से चार घण्टे का समय युवा इस पर बिता रहे हैं। मोबाईल फोन का उपयोग बढ़ने से नयी तरह की समस्याएं सामने आ रही हैं।

अनमोल कही जाने वालीं आँखों के लिये यह सबसे ज्यादा खतरनाक साबित हो रहा है। नेत्ररोग विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार मोबाईल स्क्रीन पर एकटक देखने से आँखों का ब्लिंकिंग रेट कम हो गया है। सामान्य तौर पर प्रति मिनिट 12 से 14 बार आँखंे ब्लिंकिंग करती हैं, लेकिन मोबाईल स्क्रीन पर बने रहने पर ब्लिंकिंग रेट छः से सात हो जाता है। इससे आँखों में ड्राईनेस बढ़ रही है और आँखें कमजोर हो रही हैं।

10 फीसदी प्रोफेशनल प्रभावित : नेत्ररोग विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले चार से पाँच साल में आँखों में सूखेपन की समस्या लेकर आने वाले पेशेंट की संख्या में काफी बढ़ौत्तरी हुई है। अब लगभग हर डॉक्टर आँखों में तरावट बने रहने के लिये लुब्रिकेंट लिख रहे हैं। इस समय डॉक्टरों के पास पहुँच रहे मामलों में सबसे ज्यादा प्रोफेशनल सामने आ रहे हैं। डॉक्टर का कहना है कि शहर की बात करें तो लगभग 10 फीसदी प्रोफेशनल डेस्कटॉप, लैपटाप और मोबाईल स्क्रीन का ज्यादा उपयोग करने से आँखों की समस्या लेकर आ रहे हैं।

एलईडी ज्यादा नुकसानदायक : अब ज्यादातर उपकरणों में एलईडी स्क्रीन लगायी जा रही है, जबकि पहले सीआरटी और एलसीडी का ज्यादा उपयोग होता था। डॉक्टरों के अनुसार एलईडी लाईट या उपकरणों से निकलने वाली ब्राईटनेस ज्यादा होती है।

ऐसे में लगातार एलईडी लाईट और स्क्रीन के सामने देखने से भी आँखों को नुकसान पहुँच रहा है। डॉक्टर का कहना है कि अगर आँखों की ब्लिंकिंग सामान्य नहीं है तो इससे ब्रेन पर भी प्रभाव पड़ता है। कई मामलों में ब्रेन को ज्यादा काम करना पड़ता है। ब्लिंकिंग सामान्य रहने से आँखों को आराम मिलता है तो बॉडी भी रिलेक्स रहती है।

इस तरह की परेशानी आ रही है सामने : लगातार स्क्रीन के सामने रहने से आँखों में आ रही है ड्राईनेस की समस्या। शहर के हर डॉक्टर के पास रोजाना पाँच से 10 मामले आँखों में ड्राईनेस के आ रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि 10 फीसदी प्रोफेशनल भी इस चपेट में हैं।

सामान्य तौर पर आँखों की प्रति मिनिट ब्लिंकिंग 12 से 14 बार होती है। मोबाईल स्क्रीन पर बने रहने से ब्लिंकिंग रेट छः से सात पर आ जाता है। ज्यादातर डॉक्टर आँखों को राहत देने के लिये लुब्रिकेंट उपयोग करने की सलाह दे रहे हैं। मोबाईल, डेस्कटॉप और लैपटाप का उपयोग करने वालों को हर 15 से 20 मिनिट में आँखों को आराम देने की सलाह दे रहे हैं। आँखों पर दबाव बनने से आँखें लाल हो जाती हैं और पानी आने की समस्या भी देखने को मिल रही है।

(साई फीचर्स)


नोट :ये नुस्‍के आजमाने के पहले जानकार चिकित्‍सक से एक बार मशविरा अवश्‍य कर लें।

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