सम्मान समारोह में एनएसयूआई ने लगाये भाजपा विरोधी नारे

हंगामेदार रहा सम्मान समारोह

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। लखनादौन के स्वामी विवेकानंद शासकीय विद्यालय में भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) के विद्य़ार्थियों ने उस समय जमकर बवाल काटा जब जनभागीदारी समिति के पदाधिकारियों का सम्मान समारोह आयोजित किया गया था।

ज्ञातव्य है कि लगभग दो माह पूर्व जिले के आधा दर्जन महाविद्यालयों में जनभागीदारी अध्यक्षों की नियुक्ति की गयी जिसमें शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय सिवनी में नरेश दिवाकर, शासकीय कन्या महाविद्यालय सिवनी में आरती शुक्ला, शासकीय विधि महाविद्यालय सिवनी में शशि ठाकुर, शासकीय महाविद्यालय घंसौर में अशोक अग्रवाल तथा स्वामी विवेकानंद शासकीय महाविद्यालय लखनादौन में महेश वर्मा को अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

बताया जाता है कि बवाल काट रहे विद्यार्थियों का कहना था कि जनभागीदारी समिति में नियम विरूद्ध तरीके से मनोनयन किया गया है। एनएसयूआई की महाविद्यालय ईकाई के अध्यक्ष सतेन्द्र पटेल ने इस संबंध में बताया कि लखनादौन महाविद्यालय में जनभागीदारी अध्यक्ष पद पर महेश वर्मा की नियुक्ति पूर्णतः विधि विरूद्ध हैं।

सतेन्द्र पटेल ने मध्य प्रदेश राजपत्र में प्रकाशित नियमों का उल्लेख करते हुये बताया कि महेश वर्मा न तो जनता द्वारा चुने हुए जनप्रतिनिधि है और न ही इन्होंने महाविद्यालय में 01 लाख रूपये का दान दिया हैं। इसलिये सोमवार को विरोध स्वरूप लगभग 200 छात्र – छात्राओं द्वारा उक्त सम्मान समारोह का बहिष्कार किया गया।

उन्होंने आगे कहा कि 20 फरवरी 2015 के राजपत्र में इस संबंध में नियम कायदों का स्पष्ट उल्लेख किया गया है। इसके बाद इस साल 04 अक्टूबर, 10 अक्टूबर आदि के राजपत्र में भी इस संबंध में अलग – अलग दिशा निर्देश जारी किये जाने से मामला संदेह के दायरे में आ रहा है।



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