सर्दियों में फायदेमंद होते हैं ये 6 फल

सर्दी के मौसम में प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर बनाना आसान होता है, क्योंकि पाचन प्रक्रिया ज्यादा अच्छी रहती है। ऐसे में पौष्टिकता से भरपूर चीजों को अपने आहार में प्रमुखता से शामिल किया जाए, ये जरूरी है। इस मौसम में अनेक फल आपके शरीर को भरपूर पोषण प्रदान कर सकते हैं, जिनके बारे में बता रही हैं रजनी अरोड़ा

खाने-पीने का जैसा मजा सर्दियों में है, वैसा दूसरे मौसम में कहां! एक तरफ जहां फल-सब्जियों की भरमार होती है, वहीं दूसरी ओर लड्डू, पिन्नी, गुड़-मूंगफली, गजक, रेवड़ी जैसे मिठाई के तौर पर खाए जाने वाले खाद्य-पदार्थों की ढेरों वैराइटियां मिलती हैं। सर्दी में अपने शरीर को गर्म रखने के चक्कर में हम कई बार बैलेंस डाइट को नजरअंदाज कर देते हैं और मोटापे और इससे जुड़ी समस्याओं की गिरफ्त में आ जाते हैं, जबकि खानपान की स्वस्थ आदतों और पौष्टिक आहार से ही हम सर्द मौसम की मार झेल पाते हैं। इनके अभाव में छोटे दिन और लंबी रातों के इस मौसम की शुष्क सर्द हवाएं और वातावरण में मौजूद वायरस न सिर्फ हमारी प्रतिरोधक क्षमता पर असर डालते हैं, बल्कि सर्दी, जुकाम, वायरल जैसी बीमारियों के प्रति संवेदनशील भी बनाते हैं।

फल खाना क्यों जरूरी

आहार विशेषज्ञों की मानें तो सर्दी के मौसम में कैलरी और वसा में कम, लेकिन विटामिन, मिनरल, फ्लेवोनॉएड, एंटी ऑक्सीडेंट्स, फाइटोन्यूट्रीएंट्स, एंटी बैक्टीरियल जैसे तत्वों से भरे फलों की तो विविधता तो मिलती ही है, उनके अपने फायदे भी बहुत हैं। ये पेट भरे होने का अहसास तो कराते ही हैं, वजन के प्रति सचेत लोगों के लिए आदर्श आहार भी साबित होते हैं। फल सर्दी के मौसम में पड़ने वाली ठंड का सामना करने के लिए ऊर्जा का उत्पादन कर शरीर को मजबूत बनाते हैं। इनमें पाई जाने वाली नेचुरल शुगर बहुत जल्दी अवशोषित होकर ऊर्जा का उत्पादन करती है और हमारे शरीर को गर्म रखती है। फल शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने और रोगों से लड़ने के लिए इम्यून पॉवर और शरीर की चयापचय क्षमता (मेटाबॉलिज्म) को बूस्ट करते हैं, जिससे हम संक्रामक बीमारियों की चपेट में आने से बचे रहते हैं। हमारे पाचन तंत्र को सुचारू रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं फल। अपच, कब्ज, गैस बनने जैसी पेट की गड़बड़ियों से भी बचाते हैं।

कब खाना बेहतर

स्नैक्स टाइम या ब्रंच टाइम फल खाने का सबसे अच्छा समय है, जब हमारा पेट खाली होता है। भोजन करने के बाद फल नहीं खाने चाहिए। फल भोजन करने से 15-20 मिनट पहले या एक घंटे बाद खाना ही बेहतर है, जिससे ये आसानी से पच जाते हैं। सेब, अंगूर और संतरा सुबह नाश्ते से पहले और लंच व डिनर के बीच ब्रंच के तौर पर खाना अधिक फायदेमंद है। सर्दी के मौसम में रात में फल खाने से परहेज करें।

कैसे रखें ध्यान

फ्रिज में रखे ठंडे फल का तापमान सामान्य करके ही खाएं। फलों का जूस पीने की बजाय चबा-चबा कर खाना फायदेमंद है। इससे फलों में मौजूद फाइबर बर्बाद नहीं होता। फल खाने से पहले उसे अच्छी तरह धो जरूर लें। इनके छिलकों पर संक्रमण फैलाने वाले जीवाणु चिपके होते हैं, जो शरीर में पहुंच कर बीमारियों को न्यौता देते हैं।

काट कर रखे फल न खाएं। इससे इनमें मौजूद लौह ऑक्साइड से लोहा फैरिक ऑक्साइट के रूप में बदल जाता है। फलों का चयन करते समय ध्यान रखें कि वे कोल्ड स्टोर के न होकर ताजे हों। दागी, कटे-फटे या ढीले फलों से बचें, क्योंकि ऐसे फल विषाक्त हो जाते हैं।

काफी महत्वपूर्ण हैं ये फल : कम से कम तीन रंग के फलों को हमें अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए।

सेब

सेब पेक्टिन फाइबर, विटामिन, मिनरल्स, फाइटोन्यूट्रिएंट्स और एंटी ऑक्सीडेंट जैसे तत्वों से भरा है, जो हमारे शरीर में एलडीएल कोलेस्ट्रॉल या संतृप्त वसा के स्तर को नियंत्रित करते हैं, हानिकारक मुक्त कणों (फ्री रेडिकल्स) के प्रभाव से बचाते हैं, संक्रमण फैलाने वाले एजेंटों को दूर रखते हैं और चयापचय क्षमता को बढ़ाते हैं। सेब शरीर में हीमोग्लोबिन और आयरन के स्तर को बढमता है और रक्त की कमी को दूर करता है।

अनार

अपने अनोखे खट्टे-मीठे स्वाद और गुणों के कारण अनार एक अनार सौ बीमार की उक्ति को चरितार्थ करता है। फाइटोकैमिकल्स, पॉली-फिनॉल, एंटीऑक्सीडेंट, फाइबर, आयरन, विटामिन से भरपूर अनार उच्च कोलेस्ट्रॉल, ब्लड प्रेशर, दिल के दौरे या फ्री रेडिकल्स से बचाव कर हृदय के स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करता है। खून की कमी के रोगियों के लिए अनार का सेवन उपयोगी है।

सिट्रस फल

सर्दियों में मिलने वाले संतरा, कीनू जैसे खट्टे जूसी साइट्रस फल अपनी दिनचर्या में जरूर शामिल करें। विटामिन सी, पेक्टिन फाइबर, लाइमोनीन, फाइटोकैमिकल्स से भरपूर ये फल जूस से भरपूर हैं। इनके नियमित सेवन से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता में बढोतरी होती है, जिससे वायरल संक्रमण से होने वाले जुकाम-खांसी, फ्लू, वायरल जैसे रोगों से बचाव होता है।

अमरूद

सर्दियों में अमरूद को फलों का राजा कहा जाता है। इसमें मौजूद पौष्टिक तत्व शरीर को फिट, स्वस्थ रखने के साथ-साथ इम्यूनिटी बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह हाइपोग्लीसेमिक ब्लडप्रेशर और कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में फायदेमंद है। इसमें मौजूद पेक्टिन फाइबर पाचन बढ़ाने और भूख में सुधार करने में मदद करता है।

अंगूर

अंगूर विटामिन, मिनरल्स, काबरेहाइड्रेट, ग्लूकोज जैसे पौष्टिक तत्वों और पोली-फिनॉल, एंटीऑक्सीडेंट, एंटी बैक्टीरियल, फाइटोन्यूट्रिएंट्स गुणों से लबरेज है। इसमें मौजूद शर्करा रक्त में आसानी से अवशोषित हो जाती है और थकान दूर कर शरीर को ऊर्जा प्रदान करती है। कोलेस्ट्रॉल कम करने में सक्षम अंगूर के सेवन से हृदय रोग का खतरा कम रहता है। यह रक्त विकारों को दूर कर क्लींजर का काम करते हैं।

कीवी

फाइबर, फाइटो कैमिकल्स, विटामिन्स, मिनरल्स, ओमेगा 3 फैटी एसिड से भरपूर कीवी इम्यूनिटी पावर बढ़ाने और फ्री रेडिकल्स से बचाव कर हृदय को स्वस्थ रखने में अहम भूमिका निभाता है। यह प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है और वायरल संक्रमण से होने वाले जुकाम-खांसी, फ्लू आदि से बचाव करता है। यह कोलेजन सेल्स का निर्माण कर त्वचा को स्वस्थ बनाए रखता है।

(साई फीचर्स)


नोट :ये नुस्‍के आजमाने के पहले जानकार चिकित्‍सक से एक बार मशविरा अवश्‍य कर लें।

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