सर्दी का मौसम: इन उपायों से रहें स्वस्थ्य

हल्की-हल्की गुलाबी धूप, सुबह उठते समय और रात में ठण्ड, रास्ते में कोहरा और कान को ढककर रखने को मजबूर करती हुई हवाएं। जी हां मित्रों, यही है भारत में शरद ऋतु के आगमन के संकेत। वैसे तो इस वर्ष ठण्ड थोड़ी देर से ही आ रही है लेकिन फिर भी कुछ लोगों में इसके लक्षण दिखने लगे हैं। इसलिए आज सोचा कि क्यों न इस मनोहर वातावरण पर अपने अनुभव के आधार पर कुछ ऐसा लिखा जाए कि जिससे सुबह सुबह चाय पीते हुए हम सब लाभान्वित हो सकें। आइये बात करते हैं सर्दी लगने के बारे में:

मुख्य कारण

अधिक ठन्डे भोज्य पदार्थों का सेवन। पैरों में बिना जूते पहन के घूमना। कुछ गरम खाने के तुरंत बाद ही कुछ ठंडा खा लेना। वायरल इन्फेक्शन। सर्दी से ग्रसित अन्य व्यक्तियों के संपर्क में रहना। आसपास की किसी वस्तु से ऐलर्जी हो जाना। आहार विहार में लापरवाही। बहुत अधिक थकान।

लक्षण

गले में घरघराहट। नाक बंद हो जाना। सर दर्द होना। चिडचिड़ाहट होना। हल्का हल्का बुखार होना। आवाज में घरघराहट। छींकना। स्वाद और सुगंध की अनुभूति कम होना।

बचाव

सामान्य रूप से लोग सर्दी होने पर ऐंटीबायॉटिक्स का प्रयोग करते हैं; लेकिन बिना किसी उचित सलाह के इसे लेना जानलेवा भी साबित हो सकता है। यहाँ यह भी जान लेना आवश्यक है कि ऐंटीबायॉटिक्स बैक्टीरिया के विरुद्ध कार्य करते हैं न कि वायरस और अलर्जी के विरुद्ध। इसलिए, सामान्य सर्दी जुखाम जो कि वायरस या अलर्जी के कारण हो रहे हैं, उनमें ये दवाएं लेने का कोई लाभ नहीं होता है।

सामान्य रूप में इस रोग से बचाव के उपाय ही इसका उचित इलाज है। जिन लोगों को सर्दी है, उनसे उचित दूरी बनाकर रखें; खास तौर पर तब जब वे खांसें या छींके। सही समय पर संतुलित भोजन करें। ठंडा व बासा भोजन न करें। भोजन व पेय पदार्थों में सोंठ और काली मिर्च का प्रयोग अवश्य करें।

छींकते व खांसते समय मुंह व नाक को ढककर रखें। भोज्य पदार्थों को ढककर रखें। पर्याप्त मात्रा में यदि मन न हो तब भी पानी अवश्य पियें। आराम अवश्य करें क्योंकि इससे ऊर्जा का संग्रहण होता है। भोजन में विटामिन सी युक्त पदार्थ जैसे नींबू का प्रयोग करें। .यदि सर्दी के लक्षण 3 दिन से ज्यादा रहे तो चिकित्सक से परामर्श करें।

यदि छाती में दर्द हो, लगातार खांसी आए, कान में दर्द हो या बलगम भूरा या लाल रंग का आता हो तो डॉक्टर से परामर्श करें।

(साई फीचर्स)


नोट :ये नुस्‍के आजमाने के पहले जानकार चिकित्‍सक से एक बार मशविरा अवश्‍य कर लें।

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