सर्द मौसम और बेपरवाह पालिका

(शरद खरे)

लगभग एक सप्ताह से अधिक समय से सिवनी शहर ठण्ड की चपेट में है। सिवनी में दिन – रात चौक चौराहों पर बेघर लोगों के साथ ही साथ रिक्शे ऑटो वाले, राहगीर ठिठुरते रहे। लोगों का दिल पिघला, नहीं पिघली तो नगर पालिका परिषद का। चौक-चौराहों पर जरूरतमंद लोगों के द्वारा कचरा बीनकर उसे जलाकर ठण्ड का सामना किया जा रहा है।

पिछले साल सर्दी के मौसम में सिवनी शहर के युवाओं के द्वारा नेकी की दीवार का आगाज किया गया। पहले पहल तो लोगों को लगा कि यह पब्लिसिटी बटोरने का साधन है, पर जैसे-जैसे दिन बीते, लोगों को लगने लगा कि नेकी की दीवार के आयोजकों के द्वारा पूरी ईमानदारी और संजीदगी के साथ इस पुनीत काम को अंजाम दिया जा रहा है। नेकी की दीवार को एक साल का समय हो चुका है।

नेकी की दीवार के सदस्यों के द्वारा किये जा रहे अनुकरणीय कार्य के चलते लोगों के द्वारा अपने घरों के अनुपयोगी वस्त्रों का दान करने का सिलसिला अनवरत जारी है। देखते ही देखते हजारों जरूरतमंद लोगों को सर्दी से राहत के लिये गर्म कपड़े, उपयोग के लिये वस्त्र और कंबल आदि मिलना आरंभ हो गये। जरूरतमंद लोगों के चेहरों पर आयी खुशी देखकर दानदाताओं के मन में संतोष के भाव आये ही होंगे।

पिछले साल अखबारों, सोशल मीडिया, वेब पोर्टल्स आदि पर इसका जिकर आते ही यह बात देश-प्रदेश में फैल गयी। इसके बाद राज्य शासन द्वारा भी नेकी की दीवार मुहिम को सत्यापित करते हुए आनंदम मंत्रालय के गठन की प्रक्रिया आरंभ कर दी गयी। यह नेकी की दीवार के संचालकों के लिये गर्व की बात ही मानी जायेगी।

बहरहाल, सर्दी अपना असर दिखाती रही पर लापरवाह नगर पालिका परिषद की तंद्रा नहीं टूट सकी। जरूरतमंद लोग नगर पालिका के द्वारा अलाव की व्यवस्था न किये जाने पर कचरा बीनकर.. उसे ही जलाकर गर्माहट महसूस करते रहे। चौक-चौराहों पर कागज, गत्ते और पॉलीथिन जैसे कचरे की महक साफ महसूस की जा सकती है।

शहर में गरीब-गुरबे, बेघर, भिखारी, रिक्शे ऑटोवाले आदि चौक-चौराहों पर ठण्ड में लोग ठिठुर रहे हैं। यह सब देखने-सुनने की फुर्सत किसी को भी नहीं है। नवागत मुख्य नगर पालिका अधिकारी नवनीत पाण्डेय सहित पालिका के चुने हुए नुमाईंदे भी शायद इस ठण्ड को न सह पा रहे हों और वे घरों में दुबक रहे होंगे। वरना क्या कारण है कि ठण्डी हवाओं के चलने के बाद भी नगर पालिका परिषद के द्वारा अलाव की व्यवस्था अब तक आरंभ नहीं की गयी है।

नगर पालिका तो नागरिकों को बुनियादी सुविधाएं मुहैया नहीं करा पा रही है। आश्चर्य तो तब होता है जब भारतीय जनता पार्टी के सांसद बोध सिंह भगत (जिनके संसदीय क्षेत्र में भाजपा शासित नगर पालिका आती है) एवं सिवनी के निर्दलीय विधायक दिनेश राय (जिनके विधानसभा का मुख्यालय ही सिवनी है और नगर पालिका सिवनी उनकी नजरों के सीधे सामने रहती है) के द्वारा भी इस मामले में पूरी तरह मौन अख्तियार किया जाता है।

नागरिक अपने आप को ठगा सा महसूस इसलिये भी कर रहे होंगे क्योंकि नगर पालिका के इस रवैये का विरोध पालिका के चुने हुए प्रतिनिधियों के अलावा सांसद-विधायक, भाजपा, काँग्रेस और अन्य दलों के नुमाईंदों के द्वारा नहीं किया जाता है। कुल मिलाकर यही कहा जाये कि सारे कुंए में ही भांग घुली है तो . . .!



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