06 मिनिट तक बिना आक्सीजन के रह सकता है दिमाग

मानव के शरीर में दिमाग सबसे जटिल अंग है जो पूरे शरीर को नियंत्रित करता है। कहते हैं कि इंसान अपने मस्तिष्क का केवल चार से पांच फीसदी ही इस्तेमाल कर पाता है। मानव मस्तिष्क से जुड़ी कई चीज़ें आज भी वैज्ञानिकों के लिए रहस्य बनी हुई है। आइए जानते हैं दिमाग के बारे में कुछ अदभुत रोचक तथ्य।

मनुष्य का दिमाग बहुत ही जटिल संरचना है। दिमाग करीबन 100 बिलियन न्यूरॉन्स और 1.1 ट्रिलियन कोशिकाओं से मिलकर बना है। एक वयस्क मनुष्य के दिमाग का वजन लगभग 1500 ग्राम होता है। इंसान का दिमाग 75 प्रतिशत से ज्यादा पानी का बना होता है।

दिमाग शरीर के कुल वजन का लगभग 2 प्रतिशत ही होता है। कुल वजन की तुलना में इतना कम वजन होने के बावजूद भी हमारा दिमाग कुल ऑक्सीीजन में से 20 प्रतिशत और खून भी 20 प्रतिशत उपयोग करता है। मानव दिमाग 5 साल की उम्र तक 95 प्रतिशत बढ़ता है। 18 साल की उम्र तक 100 प्रतिशत विकसित हो जाता है और उसके बाद इसका बढ़ना रूक जाता है।

हमारे दिमाग के 60 प्रतिशत हिस्से में चर्बी होती हैं, यह शरीर का सबसे अधिक चर्बी वाला अंग हैं। एक जिन्दा दिमाग बहुत नर्म होता है और इसे चाकू से आसानी से काटा जा सकता है। दिमाग के 40 प्रतिशत भाग का रंग ग्रे और 60 प्रतिशत भाग का रंग सफेद होता है। दिमाग में मौजूद ग्रे भाग न्यु्रॉन होते है जो संचार का काम करते हैं।

दिमाग लगभग 6 मिनट तक बिना ऑक्सीरजन के रह सकता है, लेकिन इससे ज्यासदा समय होने पर दिमाग़ को नुकसान होने का खतरा बढ़ जाता है। मस्तिष्क 10 मिनट से अधिक बिना ऑक्सीजन के नहीं रह सकता। दिमाग का दायां हिस्सा शरीर के बायें हिस्से को तथा बायां हिस्सा शरीर के दायें हिस्से को नियंत्रित करता है।

बचपन के कुछ साल हमें याद नही रहते क्योकिं उस समय तक दिमाग में हाईपोकेंपस विकसित नही होता, यह किसी चीज को याद रखने के लिए जरूरी होता है। छोटे बच्चे इसलिए ज्यादा सोते हैं क्योंकि उनका दिमाग़ उनके शरीर द्वारा बनाया गया 50 प्रतिशत ग्लूकोज इस्तेमाल करता है।

हमारे दिमाग़ में एक दिन में 70, 000 विचार आते हैं और इनमें से 70 प्रतिशत विचार नकारात्मक होते हैं। अगर शरीर के आकार को ध्यान में रखा जाए तो मनुष्य का दिमाग़ सभी प्राणियों से बड़ा है। हाथी के दिमाग का आकार उसके शरीर के मुकाबले सिर्फ 0.15 प्रतिशत होता हैं जबकि मनुष्य का 2 प्रतिशत।

मनुष्य के दिमाग़ में दर्द की कोई भी नस नही होती इसलिए वह कोई दर्द महसूस नही करता है। इंसान के अंदर किसी भी तरह क़ि भावनाएं दिमाग में उपस्थित अमयग्डारल हिस्से से आती है। अगर दिमाग़ से एमिगडाला नाम का हिस्सा निकाल दिया जाए तो इंसान का डर हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा।

दिमाग और मन दो अलग-अलग चीजे हैं। वैज्ञानिक आज तक पता नही लगा पाए कि मन शरीर के किस हिस्से में है। जब भी आप संगीत सुनते हैं तो आपका दिमाग डोपामाइन नामक केमिकल छोड़ता है, जो आप पर सकारात्मक प्रभाव डालता है।

दिमाग तेज करने का सबसे आसान उपाय है, पानी पाएँ। 1 गिलास पानी पीने से दिमाग 14 प्रतिशत तेजी से काम करता है। जब तक प्यास रहती है, दिमाग को ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई होती है। दिमाग तेज करने के लिए दही खाए। दही में अमीनो ऐसिड होता हैं जिससे तनाव दूर होता है और दिमाग़ की क्षमता बढ़ती है।

अगर हमारे दिमाग से खून क़ि सप्लाई को रोक दिया जाए तो 10 सेकंड के भीतर ये काम करना बंद कर देगा। शरीर के बाकी हिस्सों की कोशिकाएं नस्ट होती रहती है और फ़िर नई कोशिकाएं बनती रहती है लेकिन दिमाग की कोशिकाएं पूरे जीवनकाल तक जीवित रह सकती है। हसते समय हमारा दिमाग सबसे ज्यादा सक्रिय होता है।

(साई फीचर्स)



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