26 की बजाय 40 क्विंटल हो सकती है सीमा!

भावांतर के भंवर में फंसा अन्नदाता किसान

(अखिलेश दुबे)

सिवनी (साई)। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के द्वारा किसानों के हित में लागू की गयी भावांतर योजना के संबंध में जैसे-जैसे विसंगतियां राज्य शासन के संज्ञान में आती जा रही हैं, वैसे-वैसे इस योजना में सुधार होने लगा है। अब किसानों की माँग पर इस योजना के तहत प्रति हेक्टेयर 26 की बजाय 40 क्विंटल मक्का खरीदने के आदेश जारी हो सकते हैं।

किसान कल्याण विभाग के उच्च पदस्थ सूत्रों ने बताया कि किसानों को इस योजना में जिलों की कृषि उपज मण्डी को खरीद केंद्र बनाये जाने पर परिवहन में आने वाली परेशानी के संबंध में जैसे ही राज्य शासन के संज्ञान में यह बात आयी वैसे ही राज्य शासन के द्वारा आदेश जारी कर जिला स्तर पर कलेक्टर्स को खरीद केंद्र का निर्धारण करने के आदेश जारी कर दिये गये।

सूत्रों ने बताया कि शिवराज सिंह चौहान किसी भी मामले में विपक्ष में बैठी काँग्रेस को मुद्दा हथियाने नहीं देना चाहते हैं। संभवतः यही कारण है कि इस योजना में जैसे-जैसे विसंगतियों की बात राज्य सरकार के संज्ञान में आती जा रही है राज्य शासन के द्वारा इस योजना में सुधार किया जा रहा है।

इसके साथ ही सूत्रों ने कहा कि इसी तरह किसानों को अपनी फसल को दूर स्थित कृषि उपज मण्डी ले जाने में होने वाले अतिरिक्त व्यय की जानकारी भी जैसे ही राज्य सरकार को लगी, वैसे ही राज्य सरकार के द्वारा इस मामले में भी एक और आदेश जारी करते हुए कहा गया कि किसानों को अगर 15 किलोमीटर से ज्यादा दूर तक अपनी फसल का परिवहन करने पर मजबूर होना पड़ता है तो सरकार उसे परिवहन व्यय भी देगी।

सूत्रों ने कहा कि किसानों की फसल के एवज में व्यापारियों के द्वारा पचास हजार रूपये की राशि नगद देने की बात पहले कही गयी थी। जैसे ही राज्य सरकार के संज्ञान में इस मामले में व्यवहारिक परेशानी आयी वैसे ही राज्य शासन के द्वारा यह राशि बढ़ाकर दो लाख रूपये कर दी गयी।

इसी तरह सूत्रों ने कहा कि अब किसानों की एक माँग अधूरी रह गयी है और वह यह है कि मक्के की फसल में प्रति हेक्टेयर 26 क्विंटल की बजाय इसे बढ़ाकर 40 क्विंटल किया जाये, क्योंकि किसानों को इस साल मक्के की फसल प्रति हेक्टेयर लगभग चालीस से पैंतालीस क्विंटल की मिल रही है।

सूत्रों ने कहा कि राज्य सरकार के कानों तक किसानों की यह माँग भी पहुँच चुकी है। सूत्रों ने उम्मीद जतायी कि इसके पहले भावांतर योजना में जिस तरह एक के बाद व्यवहारिक परेशानियों को राज्य शासन के द्वारा हल किया जाकर नये आदेश जारी किये गये हैं उसी तरह अब मक्के को बेचने की सीमा 26 क्विंटल प्रति हेक्टेयर से बढ़ाकर 40 हेक्टेयर की जा सकती है।



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