57 की उम्र में साईकिल पर घूमकर दे रहे पर्यावरण का संदेश

 

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। सिर पर टोपी, गले में लाल गमछा, साईकिल पर पर्यावरण के संदेश की तख्ती और मन में समाज के लिये कुछ कर गुजरने का जज्बा…।

यह हुलिया है उत्तराखंड के रहने वाले 57 वर्षीय भूपेन्द्र मेहरा का। पर्यावरण की सुरक्षा का संदेश लेकर वे साईकिल पर भारत भ्रमण के लिये निकले हैं। सिवनी पहुँचने पर उन्होंने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया और दैनिक हिन्द गजट कार्यालय आकर अपने अभियान के बारे में विस्तार से बताया। भूपेन्द्र मेहरा ने जोश भरे लहजे में कहा कि उनकी अपील जरूर रंग लायेगी और हर व्यक्ति खुशहाल हो जायेगा।

कई राज्यों का भ्रमण : भूपेन्द्र मेहरा ने बताया कि उन्होंनें 16 अक्टूबर को देहरादून से अपनी साईकिल यात्रा आरंभ की। लक्ष्मीपुर, सीतापुर लखनऊ, अयोध्या, कौशाम्बी से होते हुए वे जबलपुर कि रास्ते सिवनी पहुँचे हैं। नगर में प्रवास के बाद वे महाराष्ट्र के लिये मंगलवार 21 नवंबर की सुबह 08 बजे सिवनी से रवाना हो जायेंगे।

बाढ़ से मिली प्रेरणा : श्री भूपेन्द्र ने बताया कि 2013 में उत्तखराखंड में आयी प्राकृतिक तबाही ने उनके मानस पटल पर गहरा प्रभाव डाला। उन्होंने कहा कि वह विभीषिका, प्रकृति से बेजा छेड़छाड़ का नतीजा थी। श्री मेहरा ने यही संकल्प लिया कि वे एक दिन पर्यावरण की सुरक्षा की अपील करते हुए भारत भ्रमण पर निकलेंगे। अपना यह संकल्प उन्होंने चरितार्थ भी कर दिखाया। वे स्वच्छता का संदेश भी देते चल रहे हैं। माँ देवकी, पत्नि रेखा व पुत्र मानवेंद्र ने भी उन्हें इस पवित्र काम के लिये हौसला दिया।

हर व्यक्ति ले संकल्प : अजब संकल्प लिये साईकिल पर निकले भूपेन्द्र मेहरा का कहना है कि ठण्ड के इन दिनों में गर्मी का अहसास इस बात का संकेत दे रहा है कि प्रकृति हमसे खुश नहीं है। खनिजों के अवैध उत्खनन, पेड़ों की अंधाधुंध कटाई ने पर्यावरण को संकट में डाल दिया है। अब भी हर व्यक्ति संकल्प ले तो स्थिति सुधर सकती है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण में योगदान देना हर व्यक्ति का पहला कर्त्तव्य होना चाहिये।

स्वदेशी अपनायें : भूपेन्द्र ने कहा कि हमारा समाज पाश्चात्य संस्कृति को अपनाकर स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहा है, लेकिन वह हमारी संस्कृति के लिये घातक है। विदेशी खाने की जगह स्वदेशी व्यंजनों की तरफ ध्यान देना चाहिये। यहाँ तक कि चाय और कोल्ड ड्रिंक जैसी चीजों को भी त्याग देना चाहिये, इनसे सेहत को बहुत नुकसान है। चाय और कोल्ड ड्रिंक की जगह दूध और छांछ ज्यादा बेहतर है।



0 Views

Related News

जिले में ग्राम पंचायतों के कार्यक्रमों में बढ़ रही अश्लीलता! (अय्यूब कुरैशी) सिवनी (साई)। जिले में ग्राम पंचायतों के घोषित.
(शरद खरे) जिला मुख्यालय में सड़कों की चौड़ाई क्या होना चाहिये और सड़कों की चौड़ाई वास्तव में क्या है? इस.
मनमाने तरीके से हो रही टेस्टिंग, नहीं हो रहा नियमों का पालन! (अखिलेश दुबे) सिवनी (साई)। लोक निर्माण विभाग में.
(ब्यूरो कार्यालय) सिवनी (साई)। नगर पालिका में चुनी हुई परिषद के कुछ प्रतिनिधियों के द्वारा मुख्य नगर पालिका अधिकारी के.
खराब स्वास्थ्य के बाद भी भूख हड़ताल न तोड़ने पर अड़े भीम जंघेला (ब्यूरो कार्यालय) केवलारी (साई)। विकास खण्ड मुख्यालय.
(खेल ब्यूरो) सिवनी (साई)। भारतीय जनता पार्टी के सक्रय एवं जुझारू कार्यकर्ता तथा पूर्व पार्षद रहे संजय खण्डाईत अब भाजपा.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *