900 रुपए घनमीटर की रेत अब 125 रुपए घनमीटर में मिलेगी

(इसरार खान)

भोपाल (साई)। प्रदेश में अब रेत खदानें नीलाम नहीं होंगी। सरकार इन्हें चलाने के लिए पंचायत व स्थानीय निकायों को सौंपेंगी। कोई भी व्यक्ति अपनी जरूरत के हिसाब से 125 रुपए घनमीटर शुल्क ऑनलाइन चुकाकर खदान से रेत ला सकेगा। पंचायत शुल्क अदा होने की रसीद देखकर रेत निकालने की इजाजत देगी। नर्मदा नदी में मशीनों से रेत नहीं निकाली जाएगी।

यह सभी प्रावधान नई रेत खनन नीति में किए गए हैं, जिसे मंगलवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में मंजूरी दी गई। खनिज मंत्री राजेंद्र शुक्ल के मुताबिक नए प्रावधानों से आम आदमी को रेत बेहद सस्ती मिलेगी। खनिज विकास निगम ने जो खदानें नीलाम की थी, उसमें 800 से 900 रुपए घनमीटर तक के रेट आए थे। इस हिसाब से रेत के दाम में भारी गिरावट आने की संभावना जताई जा रही है। इसके पीछे एक वजह यह भी है कि जो खदानें अभी बंद थीं वे भी नई नीति आने बाद चालू हो जाएंगी।

जनसंपर्क मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने बैठक के फैसलों के बारे बताया कि नई नीति से लोगों को रेत सस्ती मिलेगी। 821 खदानों को पंचायतें संचालित करेंगी। कोई भी व्यक्ति ऑनलाइन रॉयल्टी जमा कर रसीद प्राप्त कर सकेगा। इस रसीद को पंचायत में दिखाने पर उसे संबंधित खदान से निश्चित मात्रा में रेत निकालने का अधिकार मिल जाएगा।

नीति में यह भी प्रावधान किया गया है कि पूरी रेत रॉयल्टी अदा करके ही बाहर आएगी, इसलिए सड़क पर अब परिवहन जांच नहीं होगी। रॉयल्टी चुकाने के लिए कियोस्क खोले जाएंगे। एमपी ऑनलाइन के माध्यम से भी शुल्क अदा किया जा सकेगा। खदान का सीमांकन कलेक्टर द्वारा किया जाएगा। खनन से पहले सभी जरूरी अनुमतियां भी जिला प्रशासन की ओर से ही ली जाएगी। किसानों को जरूरत के मुताबिक रेत लाने के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली को छूट दी जाएगी।



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