रात में बरपाया आतंक, टूटे कारों के शीशे

 

 

जरायमपेशा लोगों में नहीं बचा कानून का डर, जंगलराज की ओर बढ़ा सिवनी

(अय्यूब कुरैशी)

सिवनी (साई)। शनिवार और रविवार की दरमियानी रात में शहर का सबसे पॉश कहलाने वाला बारापत्थर क्षेत्र एक बार फिर असुरक्षित प्रतीत हुआ। रात में न पुलिस की गश्त दिख रही थी और न ही कोई पुलिस कर्मी ही सड़क पर था। कंट्रोल रूम और जिला पुलिस अधीक्षक के निवास से महज सौ से तीन सौ मीटर की दूरी पर डेढ़ दर्जन से ज्यादा कारों के शीशे तोड़ दिये गये।

प्राप्त जानकारी के अनुसार शनिवार और रविवार की दरमियानी रात में बारापत्थर क्षेत्र में बाहुबली के सामने, एसपी बंग्ले की चारदीवारी से दस कदम दूर, वेदास कंप्यूटर के सामने, प्रवेश बाबू भालोटिया के घर, अभियोजन अधिकारी कुलदीप बैस, राहुल भोसले आदि के घरों में खड़े वाहनों के शीशे तोड़ दिये गये। इस घटना को किसने अंजाम दिया यह रहस्य ही बना हुआ है।

इतना ही नहीं पूर्व मंत्री डॉ.ढाल सिंह बिसेन और भाजपा विधायक दिनेश राय के निवास के मध्य एक एटीएम के कांच भी तोड़ दिये गये। इस तरह की वारदात करने वाला रात में बारापत्थर क्षेत्र की गली कूचों को नापता रहा और पुलिस की रात्रि गश्त करने वाले अधिकारी और कर्मचारियों का अता पता भी नहीं रहा।

पुलिस सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि बाहुबली चौराहे पर लगे सीसीटीवी कैमरे बहुत शक्तिशाली होने का दावा पुलिस के द्वारा किया जाता है, किन्तु बाहुबली चौराहे के सामने कार के कांच तोड़ने वाले शख्स को सीसीटीवी में कैद तो पाया गया किन्तु उसके वाहन का नंबर और चेहरा देखते समय पिक्सल्स फटने की समस्या उत्पन्न होने लगी।

बताया जाता है कि इसके एक दिन पहले शुक्रवार और शनिवार की मध्य रात्रि में बाहुबली चौराहे से सर्किट हाऊस जाने वाले मार्ग पर महाराष्ट्र प्रदेश की पासिंग वाले लगभग आधा दर्जन चार पहिया वाहन खड़े थे, जिनमें बैठे युवाओं के द्वारा सरेआम मदिरापान किया जा रहा था। इस बात की जानकारी देने नगर निरीक्षक के सरकारी मोबाईल नंबर पर दो बार फोन भी लगाया गया किन्तु उनके द्वारा फोन नहीं उठाया गया।

यहाँ यह उल्लेखनीय होगा कि अभी दो ढाई माह पहले इसी क्षेत्र में रात के समय हवाई फायर किये जाने की अफवाह सामने आयी थी। बाद में पुलिस की तहकीकात में पुलिस ने हवाई फायर करने वालों को धर दबोचा था। बारापत्थर जैसे संवेदनशील क्षेत्र में अगर रात के समय इस तरह की वारदात हो रही हैं तो यह घटना निश्चित तौर पर कोतवाली पुलिस की कार्यप्रणाली पर प्रश्न चिन्ह लगाने के लिये पर्याप्त मानी जा सकती है।

लोगों का कहना है कि बारापत्थर क्षेत्र में पुराने आरटीओ के पास चाय पान दुकानों सहित शराब दुकान के आसपास देर रात तक जरायमपेशा लोगों की बैठकें चलती रहती हैं। इसके अलावा हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के आसपास भी देर रात तक आवारा किस्म के युवाओं की आमदरफत होती रहती है।

लोगों का कहना है कि सिवनी में न तो कॉल सेंटर हैं और न ही इस तरह के कार्यालय जहाँ रात की पाली में काम होता हो। फिर कोतवाली पुलिस को रात में बिना कारण घूमने वाले युवाओं को रोककर पूछने से गुरेज क्यों हैं। चिकित्सा और पत्रकारिता (दैनिक समाचार पत्र) पेशे से जुड़े लोग भी उंगलियों में गिने जा सकते हैं जो देर रात तक कार्यालय या अस्पताल में अपनी सेवाएं देकर लौटते होंगे। इसके अलावा देर रात तक घरों से बाहर रहने वाले, सभ्य समाज का हिस्सा शायद न माने जायें।