बस के पास परमिट नहीं था पर छोड़ दिया गया!

 

 

0 जप्त बस को पकड़ा यातायात . . . 03

आरटीओ कार्यालय के लिपिक ने दिया आरटीओ के आदेश का हवाला!

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय में किस तरह के चमड़े के सिक्के चल रहे हैं इस बात की बानगी 07 मार्च को कार्यालय के लिपिक के द्वारा बस स्टैण्ड से पकड़कर लायी गयी बिना परमिट यात्री बस को दो दिन बाद परमिट न होने पर यातायात पुलिस के द्वारा पकड़ा जाना है।

इस संबंध में जब क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी क्षितिज सोनी से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया तो उनके द्वारा मोबाईल नहीं उठाया गया। इस बात की जानकारी जब संभागीय परिवहन अधिकारी संतोष पाल को दी गयी तब उनके द्वारा इस मामले में कार्यवाही का आश्वासन दिया गया।

इसके उपरांत क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय में पदस्थ लिपिक के.सी. बॉथम के द्वारा फोन किया जाकर इस मामले में स्पष्टीकरण दिया गया। बकौल श्री बॉथम उनके द्वारा उक्त बस क्रमाँक एमपी 22 पी 0267 को आरटीओ के आदेश पर बस स्टैण्ड से इसलिये लेकर आया गया था कि उस पर टैक्स बकाया था।

उन्होंने कहा कि आरटीओ कार्यालय में उक्त बस के संचालक के द्वारा टैक्स जमा किये जाने के प्रमाण स्वरूप रसीदें पेश किये जाने पर उसे आरटीओ के आदेश पर छोड़ दिया गया था। उनसे जब यह पूछा गया कि क्या उक्त बस के पास परमिट था, के जवाब में उन्होंने साफ कहा कि उक्त बस के पास परमिट नहीं था।

उनसे जब यह पूछा गया कि बस के पास जब परमिट नहीं था तो बस को उस मद में चार गुना जुर्माना क्यों नहीं किया गया और उस बस के संचालक को परमिट बनाने के लिये बाध्य क्यों नहीं किया गया! इसके जवाब में श्री बॉथम के द्वारा लगातार ही यह कहा जाता रहा कि बस को इसलिये लाया गया था कि उस पर टैक्स बकाया था और टैक्स जमा की रसीदें देखने के बाद उसे छोड़ दिया गया था।

मजे की बात तो यह है कि उनके द्वारा लगातार ही इस बात को स्वीकार तो किया जाता रहा कि बस के पास परमिट नहीं था, पर उनके द्वारा बस पर परमिट न होने के एवज में जुर्माना क्यों नहीं किया गया, इसका जवाब नहीं दिया गया।

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