प्राईवेट सब्जी मण्डी की चर्चाएं हैं जोरों पर!

 

 

मण्डी प्रशासन का बस नहीं रहा थोक सब्जी व्यापारियों पर!

(अखिलेश दुबे)

सिवनी (साई)। नागपुर नाके में बनी थोक सब्जी मण्डी को पूरी तरह से आरंभ करवाने में कृषि उपज मण्डी प्रशासन बौना साबित हो रहा है। इसके पीछे प्राईवेट सब्जी मण्डी की बातें भी सामने आ रही हैं। तीन हेक्टेयर से ज्यादा रकबे वाली थोक सब्जी मण्डी में दस साल से कारोबार नहीं हो पा रहा है।

कृषि उपज मण्डी के उच्च पदस्थ सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि 2009 में नागपुर नाके के पास तीन हेक्टेयर क्षेत्र में दो करोड़ पाँच लाख रूपये की लागत से थोक सब्जी मण्डी का निर्माण कराया गया था। इस सब्जी मण्डी में कुछ दुकानें भी बनायी जाकर नीलाम की गयी हैं।

सूत्रों के अनुसार अभी इस क्षेत्र में अनेक भूखण्ड रिक्त पड़े हैं। इन भूखण्डों को निश्चित राशि जमा कर व्यापारियों के द्वारा लिया जाकर यहाँ अपने हिसाब से शेड बनाये जा सकते हैं। यहाँ मॉडल रोड की तरफ वाले हिस्से में बनी दुकानें तो नीलाम हो चुकी हैं, पर बाकी स्थानों को लेने के लिये व्यापारी सामने नहीं आ रहे हैं।

सूत्रों ने आगे बताया कि इसके पीछे एक और बात सामने आ रही है, वह यह है कि इस सब्जी मण्डी से कुछ फासले पर कुछ व्यापारियों के द्वारा प्राईवेट सब्जी मण्डी आरंभ करने का ताना – बाना बुना गया था। इसके तहत व्यापारियों का कहना था कि वे इस स्थान से कुछ दूरी पर एक रकबे में अपनी सब्जी मण्डी की समानांतर व्यवस्था करेंगे।

सूत्रों ने बताया कि कृषि उपज मण्डी की विपणन प्रक्रिया में फल, सब्जी और अनाज का विक्रय किया जाता है। इसके लिये बकायदा गजट नोटिफिकेशन कराया जाकर स्थल को चिन्हित किया जाता है।

इसी चिन्हित स्थल पर व्यापारियों के द्वारा खरीदी बिक्री की जा सकती है। इससे इतर अगर किसी के द्वारा कहीं और खरीदी बिक्री की जाती है तो वह अवैध ही माना जाता है। अगर इस मण्डी से इतर कहीं और प्राईवेट सब्जी मण्डी का संचालन समानांतर रूप से किया जाता है तो वह अवैध ही होगा।

सूत्रों ने बताया कि हाल ही में मण्डी प्रशासन के साथ व्यापारियों की हुई बैठक में व्यापारियों के द्वारा नयी थोक सब्जी मण्डी में भूखण्ड को निःशुल्क देने की माँग की गयी थी। अगर व्यापारियों को निःशुल्क भूखण्ड दे दिये जाते हैं तो यह प्रक्रिया पूरी तरह अवैध ही मानी जायेगी।

सूत्रों ने बताया कि मण्डी के अध्यक्ष (अध्यक्ष के न होने की दशा में भारसाधक अधिकारी) एवं सचिव के पास इतने अधिकार होते हैं कि वे नयी सब्जी मण्डी की बजाय पुरानी सब्जी मण्डी में व्यापार कर रहे व्यापारियों की अनुज्ञा (लाईसेंस) निरस्त कर दें, क्योंकि अब जबकि नयी सब्जी मण्डी का नोटिफिकेशन हो चुका है अतः पुरानी सब्जी मण्डी में खरीद फरोख्त ही अवैध हो चुकी है!

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