लोगों का मुँह काला कर रही पालिका!

 

 

(शरद खरे)

भारतीय जनता पार्टी शासित नगर पालिका परिषद की नीतियों के चलते सिवनी शहर की मॉडल रोड से होकर गुजरने वाले लोगों के मुँह और कपड़े खराब हो रहे हैं। यह सब होने के बाद भी पता नहीं किस ऊपरी दबाव के चलते भाजपा और काँग्रेस के जिला और नगर संगठन भी इस मामले में पूरी तरह मौन ही अख्तियार किये हुए हैं।

गौरतलब है कि 11 करोड़ 70 लाख रुपये की लागत से जिला मुख्यालय में मॉडल रोड का निर्माण कराया जा रहा है। इस मॉडल रोड को 31 अगस्त 2014 तक पूरा कर लिया जाना चाहिये था। उक्त आशय की बात तत्कालीन नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय द्वारा विधान सभा में सिवनी के तत्कालीन निर्दलीय विधायक दिनेश राय के प्रश्न के जवाब में कही जा चुकी है।

अगस्त 2014 के बाद 2015, 2016, 2017 और 2018 का अगस्त माह भी बीते सात माह बीत चुके हैं। यह वाकई मजाक ही माना जायेगा कि जिस काम को लगभग साढ़े चार बरस पहले ही पूरा हो जाना चाहिये था उसे देखने या पूरा कराने की फुर्सत नहीं उठायी गयी है। सांसद, विधायक सहित जिला प्रशासन के अधिकारी भी इस मार्ग का उपयोग रोजाना करते हैं पर किसी को इस मार्ग को पूरा कराने की फिकर तक नहीं दिखती। मजे़ की बात तो यह है कि भाजपा के पदाधिकारी भी इस मार्ग से रोजाना गुजरते हैं पर वे भी…।

नागरिकों के अनुसार अगर छिंदवाड़ा चौक से सड़क पर मोटर साईकिल या स्कूटर पर सवार होकर ज्यारत नाके तक जाया जाये और फिर वहाँ पहुँचकर या रास्ते में कहीं भी सफेद धवल रूमाल से चेहरा पोंछा जाये तो रूमाल काला हो जाता है। लोगों का आरोप है कि भाजपा शासित नगर पालिका परिषद द्वारा लोगों का मुँह काला करने के षणयंत्र का ताना-बाना बुना जाता रहा है।

तत्कालीन जिला कलेक्टर भरत यादव के द्वारा मॉडल रोड के निर्माण की डेड लाईन 15 नवंबर 2015 तय की गयी थी। उन्होंने कई बार मॉडल रोड का निरीक्षण किया था। इसके अलावा तत्कालीन निर्दलीय विधायक दिनेश राय के द्वारा भी मॉडल रोड का निरीक्षण किया जाकर विधान सभा में इस संबंध में एक बार प्रश्न किया गया था। उसके बाद तत्कालीन निर्दलीय और वर्तमान भाजपा के विधायक दिनेश राय के द्वारा भी इस सड़क के संबंध में कुछ कहने या करने से गुरेज ही किया जा रहा है।

जिला कलेक्टर प्रवीण सिंह की तैनाती को अब समय हो गया है। वे भी सुबह और शाम को इस सड़क से गुजरते हैं किन्तु उनके द्वारा भी इस सड़क के संबंध में अब तक किसी तरह के दिशा-निर्देश जारी नहीं किये गये हैं। इस सड़क के निर्माण में साल दो साल से ज्यादा लगने की उम्मीद जतायी जा रही है।

इस सड़क से अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही मनमाने तरीके से संपादित की जाती है। एकाध बार प्रशासन के सहयोग से नगर पालिका सड़कों पर उतरती है और फिर मौन ही धारित कर लेती है। यह सब देखने-सुनने के बाद भी विपक्ष में बैठी जिला काँग्रेस या नगर काँग्रेस कमेटी द्वारा इसकी सुध न लिया जाना आश्चर्यजनक ही माना जा रहा है। लोगों का मानना है कि हो सकता है एयर कण्डीशन्ड चार पहिया में घूमने वाले नुमाईंदों के लिये सब कुछ सामान्य हो किन्तु सिवनी जिले में, हर किसी के पास एसी कार नहीं है।

भाजपा के अंदरखाने से छन-छन कर बाहर आ रहीं खबरों पर अगर यकीन किया जाये तो, पब्लिक का क्या है, मीडिया कुछ देर तक चीखेगा फिर शांत हो जायेगा। पब्लिक ने तो पाँच सालों में तब उफ नहीं की जब वह गंदा पानी पीकर बीमार होती रही, मच्छरों, आवारा मवेशी, कुत्तों और सूअर का आतंक सहते रही। भाजपा के आला नेताओं का मानना है कि जैसे-तैसे बचा-खुचा समय बीत जायेगा और एक बार फिर काँग्रेस में मची अंदरूनी कलह का फायदा उठाकर नगर पालिका चुनावों में भाजपा का परचम लहरा दिया जायेगा।

सिवनी शहर में मॉडल रोड पर आवारा मवेशी, सूअर, गधे, कुत्ते राहगीरों को परेशान किये हुए हैं। मॉडल रोड के काम को आधा अधूरा छोड़कर पालिका के सरमायादारों के द्वारा अब अन्य निर्माण कार्यों की ओर ध्यान लगाया जा रहा है। जिन स्थानों पर सड़कों की आवश्यकता है वहाँ सड़कें न बनायी जाकर गैर जरूरी स्थानों पर सड़क और नालियां बनायी जा रही हैं।

देखा जाये तो मॉडल रोड के निर्माण में विलंब पर सिवनी के विधायक दिनेश राय को चाहिये था कि वे स्थानीय शासन विभाग के प्रमुख सचिव को एक कड़ा पत्र लिखकर मुख्य नगर पालिका अधिकारी किशन सिंह ठाकुर की वेतन वृद्धियां रोकने की अनुशंसा करते।

नगर पालिका की बेढंगी चाल जारी है। नागरिक त्राहिमाम त्राहिमाम करते नजर आ रहे हैं, पर नहीं टूट पा रही है तो प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की तंद्रा। अगर एक बार विधायक दिनेश राय के द्वारा कड़े कदम उठा लिये जायें तो आने वाले समय में नगर पालिका में यह नजीर बन जायेगा और कोई भी अधिकारी निहित स्वार्थों के चलते इस तरह की गफलत करने के पहले सौ मर्तबा सोचेंगे, पर पता नहीं विधायक दिनेश राय का ध्यान भी इसकी बजाय….!

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