नामाँकन के एक दिन पहले खोलना होगा प्रत्याशी को पृथक बैंक खाता

 

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश के अनुसार निर्वाचन व्यय का सही – सही लेखा रखने के लिये प्रत्येक अभ्यर्थी को एक अलग बैंक खाता खोलना होगा।

अभ्यर्थी यह बैंक खाता नाम – निर्देशन पत्र दाखिल करने के कम से कम एक दिन पहले अनिवार्य रूप से खोलना होगा और नामाँकन दाखिल करते समय इस बैंक खाते की खाता संख्या संबंधित निर्वाचन क्षेत्र के रिटर्निंग अधिकारी को लिखित में देना होगी। आयोग के मुताबिक यदि अभ्यर्थी ने बैंक खाता नहीं खोला है अथवा बैंक खाता संख्या की सूचना नहीं दी है तो रिटर्निंग अधिकारी आयोग के अनुदेशों का अनुपालन करने के लिये ऐसे प्रत्येक अभ्यर्थी को नोटिस जारी करेंगे।

निर्वाचन आयोग के निर्देशों में कहा गया है कि निर्वाचन व्यय के उद्देश्य से बैंक खाता या तो अभ्यर्थी के नाम से या उसके निर्वाचन अभिकर्त्ता के साथ संयुक्त नाम से खोला जा सकता है लेकिन यह बैंक खाता अभ्यर्थी के परिवार के किसी सदस्य या ऐसे किसी अन्य व्यक्ति के साथ संयुक्त नाम से नहीं खोला जा सकेगा जो अभ्यर्थी का निर्वाचन अभिकर्त्ता नहीं है।

निर्वाचन व्यय के लिये खोला जाने वाला खाता अभ्यर्थी द्वारा राज्य में कहीं भी खोला जा सकेगा। खाता राष्ट्रीयकृत, निजि अथवा सहकारी बैंक या डाकघरों में भी खोला जा सकता है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि अभ्यर्थी के विद्यमान खाते का उपयोग निर्वाचन व्यय के प्रयोजन के लिये नहीं किया जा सकेगा। निर्वाचन व्यय के प्रयोजन के उद्देश्य से उसे पृथक से बैंक खाता खोलना ही होगा।

निर्वाचन आयोग ने निर्देशों में कहा है कि अभ्यर्थी द्वारा सभी निर्वाचन व्यय पृथक से खोले गये बैंक खाते से ही किये जायेंगे। अभ्यर्थी को निर्वाचन कार्यों पर उपगत किये जाने वाले सभी व्यय अभ्यर्थी की अपनी निधि सहित, निधि का स्त्रोत चाहे जो भी हो इस बैंक खाते में ही डालना होगा। अभ्यर्थी चाहे तो आयोग द्वारा तय की गयी चुनाव खर्च की सीमा के बराबर पूरी राशि एक साथ इस बैंक खाते में जमा कर सकता है।

आयोग के मुताबिक अभ्यर्थी अपने निर्वाचन व्ययों का भुगतान निर्वाचन के उद्देश्य से खोले गये खाते से रेखांकित एकाउंट पेई चैक या ड्राफ्ट अथवा आरटीजीएस या एनईएफटी के माध्यम से ही कर सकता है। अभ्यर्थी द्वारा पूरी चुनावी प्रक्रिया के दौरान किसी व्यक्ति अथवा फर्म को व्यय के किसी मद के लिये अदा की जाने वाली रकम 10 हजार रूपये से अधिक नहीं है तो ऐसे व्यय का भुगतान वह नगद राशि के रूप में भी कर सकेगा, लेकिन उसे इस राशि का भुगतान भी निर्वाचन व्यय के उद्देश्य से पृथक से खोले गये बैंक खाते से निकालने के बाद ही किया जा सकेगा।

आयोग ने कहा है कि अभ्यर्थी द्वारा निर्वाचन के परिणामों की घोषणा के तीस दिनों की अवधि के भीतर दाखिल किये जाने वाले निर्वाचन व्यय लेखे के साथ इस बैंक खाते की विवरणी की स्व – प्रमाणित प्रति जिला निर्वाचन अधिकारी को प्रस्तुत करनी होगी।निर्वाचन आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि नामाँकन से पहले यदि अलग से बैंक खाता नहीं खोला गया है या बिना इस बैंक खाते में जमा किये कोई अन्य राशि खर्च की गयी है तो यह माना जायेगा कि अभ्यर्थी ने अपेक्षित रीति के अनुसार खाते का रखरखाव नहीं किया है।