डॉ.ढाल सिंह पर ही जताया भाजपा ने भरोसा

 

 

उम्मीदवारी की सूचना मिलते ही लोगों के खिले चेहरे

(अखिलेश दुबे)

सिवनी (साई)। परिसीमन और पुर्नआरक्षण में बिना प्रस्ताव सिवनी लोकसभा के विलोपन का दंश भोग रहे सिवनी के निवासियों के रिसते घावों पर मरहम उस वक्त लगता नजर आया जब बालाघाट लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के द्वारा चार बार के विधायक एवं पूर्व त्रिविभागीय मंत्री डॉ.ढाल सिंह बिसेन को उम्मीदवार घोषित कर दिया गया।

सिवनी और बरघाट विधान सभा सहित बालाघाट जिले की छः विधान सभाओं को अपने आप में समाहित करने वाली बालाघाट लोक सभा सीट पर काँग्रेस की ओर से मधु भगत को उम्मीदवार घोषित किया जा चुका है। हाल ही में संपन्न हुए विधान सभा चुनावों में काँग्रेस की टिकिट पर परसवाड़ा से चुनाव लड़े मधु भगत तीसरे स्थान पर रहे थे।

इधर, परिसीमन और पुर्नआरक्षण के पहले तक बरघाट विधान सभा सीट सामान्य ही थी। इस सीट पर डॉ.ढाल सिंह बिसेन के द्वारा लगातार चार बार परचम लहराया जाकर रिकॉर्ड स्थापित किया गया था। उमा भारती जब प्रदेश की मुख्यमंत्री बनीं थीं उस समय डॉ.ढाल सिंह बिसेन प्रदेश के सबसे कद्दावर मंत्री माने जाते थे।

मंत्री रहते हुए डॉ.ढाल सिंह बिसेन के द्वारा जिला जेल को सर्किल जेल में तब्दील करवाया गया था। इतना ही नहीं जब वे मंत्री नहीं रहे तब भी बतौर विधायक उनके द्वारा सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता कार्यालय को सिवनी से छीने जाने का षड्यंत्र बेनकाब करते हुए सिंचाई विभाग के सीई कार्यालय को सिवनी से छीनने के प्रयास को विफल किया गया था।

बहरहाल, शुक्रवार को दोपहर में जैसे ही सोशल मीडिया पर बालाघाट लोक सभा सीट से डॉ.ढाल सिंह बिसेन के नाम की पुष्टि के साथ खबरें वायरल होना आरंभ हुईं लोगों को सहसा विश्वास नहीं हुआ। इसका कारण यह था कि इसके पहले सोशल मीडिया पर बोध सिंह भगत की टिकिट फाईनल बतायी गयी थी। वहीं, समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया और दैनिक हिन्द गजट के द्वारा 27 मार्च को ही सूत्रों के हवाले से इस आशय की खबर का प्रकाशन किया गया था कि डॉ.ढाल सिंह बिसेन पर दांव लगा सकती है भाजपा!

लोगों ने अपने – अपने स्त्रोतों से इस खबर की पुष्टि की और जब लोग आश्वस्त हुए तब शहर में जश्न का माहौल बन गया। उधर, बालाघाट में भी डॉ.ढाल सिंह बिसेन की उम्मीदवारी से माहौल में खुशी और उत्साह देखा गया। सिवनी में भाजपा कार्यालय और डॉ.बिसेन के निवास के सामने कार्यकर्त्ताओं ने पटाखे दागना आरंभ कर दिया। इस दौरान अबीर गुलाल लगाकर बैंड बाजों की धुन पर कार्यकर्त्ता जमकर झूमे।

जानकारों का कहना है कि काँग्रेस से मधु भगत तो भाजपा से डॉ.ढाल सिंह बिसेन की उम्मीदवारी से अब चुनाव में मुकाबला रोचक हो गया है। पवार बाहुल्य क्षेत्र होने और काँग्रेस तथा भाजपा के प्रत्याशी भी इसी संप्रदाय से होने के कारण अब ऊँट किस करवट बैठेगा यह बताना मुश्किल ही प्रतीत हो रहा है।

यहाँ उल्लेखनीय होगा कि परिसीमन और पुर्नआरक्षण के दौरान सिवनी लोक सभा सीट को बिना किसी प्रस्ताव के विलोपित कर दिया गया था। सिवनी की अंतिम सांसद श्रीमती नीता पटेरिया के द्वारा भी इस मामले में ज्यादा चीख पुकार उस समय नहीं की गयी थी। वहीं, लगभग एक दशक के बाद सिवनी से लोकसभा प्रत्याशी मिलने से लोगों में उत्साह देखते ही बन रहा है।