गुरू के राशि परिवर्तन का राशियों पर प्रभाव

 

 

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। गुरु के इस राशि परिवर्तन का प्रभाव सभी 12 राशियों में पड़ेगा। ये परिवर्तन आपकी राशि के अनुसार दोनों तरह (सकारात्मक और नकारात्मक) के हो सकते हैं।

मेष राशि : नवें स्थान पर गुरु गोचर करेंगे। गुरु के इस गोचर के प्रभाव से 10 अप्रैल तक आपके भाग्य में वृद्धि होगी। आपको अपने कार्यों में सफलता मिलेगी। आपके पास पैसा आता-जाता रहेगा। गुरु का भाग्य भाव में गोचर होने पर आपको कार्यों में सफलता प्राप्त होने की संभावना रहेगी। आप इस समय कोई यात्रा भी कर सकते हैं मुख्य रुप से धार्मिक स्थलों की। आर्थिक क्षेत्र में लाभ तो प्राप्त होगा ही, परंतु साथ ही खर्च में भी वृद्धि के योग हैं। उपाय : भगवान शिव का रुद्राभिषेक करें।

वृषभ राशि : आपके भाग्य में वृद्धि होगी। गुरु के इस गोचर के प्रभाव से आपको सांसारिक सुख तो मिलेंगे, लेकिन गुरु का अष्टम भाव में गोचर होने से थोड़ी परेशानियां रह सकती हैं। ऐसे में कुछ कार्यों में विलम्ब की स्थिति भी प्रभावित कर सकती है। थोड़ी सी लापरवाही भी आपको परेशानी डाल सकती है। आप इस समय कुछ व्यर्थ की उलझनों में उलझे होंगे,काम काज के दबाव के चलते मानसिक रूप से तनाव रहने वाला है। कुछ पैतृक संपत्ति से जुड़े लाभ मिल सकते हैं। उपाय : गुरुवार के दिन शुद्ध घी का दान करें।

मिथुन राशि : सातवें स्थान पर गुरु का गोचर आपके लिये किसी नये काम की शुरुआत का मौका बनता है। लेकिन इस दौरान परिवार की खुशियों के लिये आपको कोशिश करनी पड़ेगी। विवाह इत्यादि का योग भी दिखाई देता है। आय के क्षेत्र में आपके लिये प्रयास अधिक रहने वाले हैं। भागदौड़ अधिक रहेगी। मित्रों के सहयोग और अपने किसी करीबी की सहायता से आपके अटके हुए काम पूरे होने की उम्मीद दिखाई देगी। संघर्ष की स्थिति प्रभावित करने वाली रहेगी। उपाय : घर में कपूर का दीया जलाएं।

कर्क राशि : छठे स्थान पर गुरु के गोचर के प्रभाव से आपको भाग्य का पूरी तरह से साथ नहीं मिल पायेगा। इस बीच मित्रों के साथ आपकी अनबन हो सकती है। धन की वृद्धि होने में कुछ परेशानी आ सकती है। विरोधी आप पर दबाव बढ़ा सकते हैं। यह समय आपके लिये संघर्ष और प्रतियोगिताओं वाला होगा। धनार्जन कम होगा और खर्च अधिक होने वाला है। इस समय कुछ रोग अधिक परेशान कर सकते हैं। अचानक से ही आपसी रिश्तों में अनबन की स्थिति उभर सकती है। मन में परेशानी अधिक रह सकती है। उपाय : गुरुवार के दिन केले के वृक्ष की पूजा करें।

सिंह राशि : आपके लिये गुरु का गोचर शुभ फलों को देने वाला होगा। लेकिन पांचवें स्थान पर गुरु के गोचर के कारण आपको विद्या का लाभ मिलने में परेशानी आ सकती है, लेकिन गुरुजनों का आपको पूरा सहयोग मिलेगा। इस दौरान आपको वाहन इत्यादि का सुख भी प्राप्त हो सकता है। आप किसी यात्रा पर जा सकते हैं। वित्तीय लाभ की उम्मीद भी दिख रही है। उपाय : बृहस्पति बीज मंत्र का जाप करें।

कन्या राशि : चौथे स्थान पर गुरु के गोचर से आपको भूमि-भवन और वाहन का सुख मिलेगा। लेकिन खर्चों की अधिकता के कारण आपके मन चिंता अधिक रहेगी। घर पर किसी नये सदस्य का आगमन हो सकता है. साथ ही वस्त्र आभूषण इत्यादि की प्राप्ति भी हो सकती है। परिवार में कुछ बदलाव होने की संभावना भी बनी हुई है। इस दौरान आप अधिकांश समय अपने में ही सीमित रह सकते हैं। उपाय : किसी ज़रुरतमंद या फिर ब्राह्मणों को चीनी दान करें और गाय को रोटी खिलाएं।

तुला राशि : गुरु का तीसरे स्थान पर गोचर आपको धन का लाभ देगा, लेकिन आपके अधिकतर पैसे अपने दोस्तों में या इधर-उधर के कामों में खर्च हो जायेंगे। आपकी मेहनत में भी वृद्धि होगी। नौकरी में आपकी योजनाएं सामने आयेंगी साथ ही आपको उन्नती के मौके भी मिलेंगे। आप थोड़े सकारात्मक होकर काम करेंगे। आप लगातार कुछ चीजों को लेकर काम में व्यस्त रहेंगे। इसके अलावा गोचर के बीच के कुछ समय में आय कम और खर्च अधिक रहेंगे। नई योजनाओं को एक बार पुनः सामने लाने का मन बना सकते हैं। उपाय : हल्दी एवं चने की दाल का दान करें और गाय को रोटी खिलाएं।

वृश्चिक राशि : दूसरे स्थान पर गुरु का गोचर आपको धन का लाभ देगा। इस दौरान धन लाभ के मौके बनेंगे और आपको मित्रों की ओर से मदद भी मिलेगी। साथ ही आपके पूर्व में जो अपने योजनाएं बनाई हुई थीं उन्हें इस समय पर आप पूरा कर पाएंगे। किसी के प्रति आपके मन में प्रेम संबंधों को नई दिशा भी मिल सकती है। कुछ आवश्यक कार्यों के लिये लंबी दूरी की यात्राओं पर जा सकते हैं। इस दौरान कुछ समय के लिये आप घरेलु कारणों से मानसिक तनाव से गुज़र सकते हैं। उपाय : बृहस्पति बीज मंत्र का जाप करें।

धनु राशि : गुरु का पहले स्थान पर गोचर आपकी आर्थिक स्थिति बेहतर करेगा। आपका अच्छा व्यवहार आपको तरक्की की ओर ले जायेगा। इस समय में आप यदि अपनी पूर्ण क्षमता से कार्य करेंगे तो आने वाला पूरा जीवन सुखद बीतेगा। आपकी ही इस साल यानि 2019 में बृहस्पति का मुख्य गोचर होगा। आपके लिये बृहस्पति का गोचर सुखद भविष्य लेकर आ रहा है। लग्न स्थान में बृहस्पति का होगा अत्यंत शुभ साबित होगा। इस दौरान आप अपने निर्णय ठीक प्रकार से लागू कर पाएंगे। हालांकि निजी संबंधों के लिहाज से आपके लिये यह समय ठीक नहीं रहेगा। अपने प्रियजनों के साथ विवाद होता रहेगा।वहीं जॉब के लिहाज से यह समय अच्छा रहेगा। प्रमोशन वेतनवृद्धि का लाभ उठाएंगे। धनार्जन के लिये संघर्ष रहेगा। अपनी भाषा शैली और व्यवहार पर नियंत्रण रखें। उपाय : पुखराज को सोने की अगूंठी में जड़वा कर उसे तर्जनी उंगली में पहनें।

मकर राशि : बारहवें स्थान पर गुरु का गोचर आपकी आर्थिक स्थिति में भी उतार-चढ़ाव बनाए रखेंगा। वहीं इस गोचर के प्रभाव से 10 अप्रैल तक आपके पिता को किसी प्रकार की परेशानी महसूस हो सकती है। खर्चों में वृद्धि होगी। आपके लिये इस समय गुरु का गोचर थोड़ा चिंता और भागदौड़ को बढा़ने वाला हो सकता है। इस समय आप दूसरों के कारण भी परेशानी में रह सकते हैं। स्वास्थ्य से संबंधी मामलों में चिकित्सक और अस्पताल के चक्कर भी लगाने पड़ सकते हैं। लेकिन बाहरी संपर्क के चलते कुछ लाभ भी मिल सकता है, जो आपके खर्चों में कटौती कर पाए। जल्द में कोई निर्णय न लें थोड़े समय का इंतजार कीजिए। उपाय : माथे पर केसर का तिलक लगाएं और अपनी जेब में पीले रंग का रुमाल रखें।

कुंभ राशि : गुरु का ग्यारहवें स्थान पर गोचर आपकी आमदनी में बढ़ोतरी करेगा। लिहाजा आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी। यह समय आपके लिये समय थोड़ा अनुकूलता भरा रह सकता है। आपको किसी व्यक्ति विशेष की सहायता से लाभ भी हो सकता है। आपके सामने इस समय कुछ ऐसे मौके भी आयेंगे जब आपको मौका मिलेगा आप अपनी प्रतिभा को बेहतर ढंग से सामने रख पाएंगे। आपको अपने भाई बहनों की ओर से भी कुछ सहयोग मिल सकता है, पर साथ ही उनकी ओर से कुछ मानसिक चिंता भी रह सकती है। उपाय : सुबह पीपल को बिना स्पर्श किए शुद्ध जल चढ़ाएं।

मीन राशि : गुरु आपका राशि स्वामी भी है और ये आपके दसवें स्थान पर गोचर करेंगे। इस गोचर के प्रभाव से आपको करियर में सफलता मिलेगी और आपके पिता की भी उन्नति होगी। आपके लिये कार्य क्षेत्र में कुछ नये नियम और कुछ नये काम शामिल होंगे। इस समय आपका ध्यान काम काज की ओर अधिक रहेगा। आप स्वयं के लिये समय नहीं निकाल पाएं। इस दौरान तनाव बना रहने वाला है। छोटे-मोटे रोगों को भी गंभरीता से लें। उपाय : गुरु यंत्र को स्थापित करें और उसकी आराधना करें।

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