आसान पूल से फाईनल पहुँची जबलपुर से पारी के आधार पर हारी सिवनी

 

 

सिवनी के ऑलराउंडर प्रतीक चंदेल ने प्रतियोगिता में बिखेरा जलवा

(प्रदीप खुट्टू श्रीवास)

सिवनी (साई)। छिंदवाड़ा एवं बालाघाट जैसी सशक्त टीम को पछाड़कर फाईनल पहुँची सिवनी की टीम को पराजय का सामना करना पड़ा है। जबलपुर संभागीय क्रिकेट संघ के तत्वावधान में जबलपुर के नीमखेड़ा मैदान पर खेली गयी संभाग स्तरीय क्रिकेट प्रतियोगिता के फाईनल मुकाबले में जबलपुर की टीम को सिवनी के विरूद्ध पहली पारी में बढ़त के आधार पर विजेता घोषित किया गया है।

उक्ताशय की जानकारी देते हुए जिला क्रिकेट संघ के सचिव शाहिद नजीर ने बताया कि इस प्रतियोगिता में सिवनी की अंडर-13 टीम ने छिंदवाड़ा को जहाँ अपने पहले ही मुकाबले में प्रतियोगिता से बाहर का रास्ता दिखा दिया वहीं सेमी फाईनल के मुकाबले में सिवनी के खिलाड़ियों ने एक बार फिर से जलवा बिखेरते हुए बालाघाट को एक पारी और 137 रन के विशाल अंतर से पराजय स्वीकार करने पर मजबूर कर दिया।

रविवार को संभागीय क्रिकेट प्रतियोगिता के दो दिवसीय फाईनल मुकाबले के पहले दिन जबलपुर के कप्तान ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। जबलपुर ने अपने समस्त विकेट खोकर, सोहन पटेल के 91 और विनायक शर्मा के 43 रनों की बदौलत कुल 223 रन बनाये।

शाहिद नजीर ने आगे बताया कि जबलपुर की टीम को 223 के स्कोर पर रोकने में सिवनी के गेंदबाज प्रतीक चंदेल की अहम भूमिका रही जिन्होंने 18 ओवरों में 42 रन देकर जबलपुर के सात बल्लेबाजों को पवैलियन की राह दिखायी। उनके अलावा सिवनी की ओर से कृष्णा हरडे, अक्षत शुक्ला एवं हर्षित लखेरा ने 1-1 विकेट झटकने में सफलता हासिल की।

डीसीए सचिव शाहिद नजीर ने बताया कि इसके बाद अपनी पहली पारी में बल्लेबाजी करने उतरी सिवनी की टीम ने अपने सभी विकेट खोकर 156 रन बनाये। सिवनी की पारी की खास बात यह रही कि प्रतीक चंदेल ने जहाँ गेंदबाजी में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया था वहीं उन्होंने बल्लेबाजी करते हुए भी शानदार शतक जड़ दिया और 104 रन बनाकर वे अंत तक नॉट आउट रहे। उनके अलावा अक्षय मिश्रा ने 23 रन बनाये।

जबलपुर की ओर से गेंदबाजी करते हुए अरव शर्मा ने 17 ओवरों में 59 रन देकर सिवनी के 05 विकेट हासिल किये। उनके अलावा अलंकृत सिंह को तीन जबकि अर्पित राठी और जॉन हॉकेन्स को 1-1 मिला। पहली पारी में बढ़त के आधार पर जबलपुर की टीम को विजेता घोषित कर दिया गया। विशेषज्ञों का कहना है कि पहली ही पारी में सिवनी के शेष बल्लेबाजों ने यदि विकेट पर रूककर प्रतीक चंदेल का डटकर साथ दिया होता तो फाईनल मुकाबला सिवनी के नाम होने से कोई नहीं रोक सकता था।

बहरहाल, संपूर्ण प्रतियोगिता पर यदि नजर डाली जाये तो सिवनी के प्रतीक चंदेल ने खेल के प्रत्येक क्षेत्र में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने अंदर छुपी हुई प्रतिभा का लोहा मनवाने के लिये विपक्षियों को मजबूर कर दिया। प्रतीक ने इस प्रतियोगिता के तीन मुकाबलों में जहाँ 34 विकेट झटके वहीं उन्होंने 175 रन भी बनाये जिसमें फाईनल मुकाबले के महत्वपूर्ण मौके पर उनके द्वारा बनाया गया शतक भी शामिल है। उनके अलावा जबलपुर के अरव शर्मा ने तीन मुकाबलों में 21 विकेट हासिल किये और 179 रन बनाये।

यहाँ यह भी उल्लेखनीय होगा कि जबलपुर संभागीय क्रिकेट संघ पर हमेशा से यह आरोप लगते रहे हैं कि उसकी टीम को एक ऐसे आसान पूल में रखा जाता है जिसमें या तो टीम मैदान तक ही नहीं पहुँचती है जिसके कारण जबलपुर को वाक ओवर मिल जाता है और या फिर जिस टीम के साथ जबलपुर का मुकाबला तय किया जाता है वह अत्यंत दोयम दर्जे की होती है। नतीजतन अधिकांश मौकों पर जबलपुर की टीम फाईनल की पात्र सहज रूप से ही बन जाती रही है।

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