यातायात सिग्नल बने मजाक!

 

 

कभी हो जाते हैं बंद तो कभी रहते हैं चालू!

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। नगर पालिका परिषद के द्वारा लगभग तीस लाख रूपये की राशि से लगभग साढ़े चार साल पहले संस्थापित यातायात सिग्नल्स मजाक बनकर रह गये हैं। ये सिग्नल जब चाहे तब चालू होते हैं और जब चाहे तब बंद हो जाते हैं, जिससे लोग यातायात नियमों का पालन को चाहकर भी नहीं कर पा रहे हैं।

ज्ञातव्य है कि नगर पालिका के सामने वाले सिग्नल सहित जी.एन. रोड एवं बाहुबली चौराहे जैसे स्थानों पर जितने भी यातायात सिग्नल लगाये गये हैं, वे या तो अक्सर बंद रहते हैं और अगर चालू हो भी गये तो उनके द्वारा दिये जाने वाले संकेत लोगों को भ्रमित करने वाले होते हैं।

इन सिग्नलों के संकेत का पालन कराने हेतु यातायात पुलिस के कर्मचारी जब तक उपलब्ध रहते हैं तब तक तो सब कुछ ठीक चलता है लेकिन उनके न रहने की स्थिति में सब गड़बड़ा जाता है। सिग्नल अगर चालू भी रहते हैं तो दोपहर के वक्त सिग्नल से यहाँ आने – जाने वाले वाहन चालकों को ज्यादा सरोकार नहीं रहता है।

कई दिन तक तो ये सिग्नल्स सिर्फ शोभा की सुपारी बने हुए थे, लेकिन उसके बाद जब इन्हें चालू किया गया है तो वे सही ढंग से काम ही नहीं कर रहे हैं। अलबत्ता इनके चालू रहने से लोग भ्रमित तो हो ही रहे हैं आने – जाने में गलत संकेतों के कारण दुर्घटना की संभावना भी बनी रहती है।

वहीं बारापत्थर में बाहुबली चौराहे पर लगे सिग्नल्स में लाल बत्ती होने पर वाहनों की लाईन लग जाती है। वाहनों से निकलने वाले जहरीले धूंए का दुष्प्रभाव यहाँ के दुकानदारों और ग्राहकों पर अगर पड़ रहा हो तो किसी को आश्चर्य नहीं होना चाहिये।

यातायात पुलिस के सूत्रों का कहना है कि ये सिग्नल उनके विभाग द्वारा नहीं, बल्कि नगर पालिका और एनएचएआई के द्वारा स्थापित कराये गये हैं और इन्हें व्यवस्थित रूप से चालू करने की जिम्मेदारी उन्हीं की है। संबंधित विभागों को चाहिये कि वे इन सिग्नलों को व्यवस्थित ढंग से चालू रखने में तत्परता दिखायें ताकि इन सिग्नल्स के कारण होने वाली संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सके।