चैकपॉइंट टिपलाईन से रूकेंगे फेक मैसेजेस!

 

 

 

 

सोशल मीडिया व्हाट्सएप ने उठाया फेक मैसेज के लिये बड़ा कदम

(ब्यूरो कार्यालय)

नई दिल्ली (साई)। फेक न्यूज, फोटो और मैसेज को लेकर लगातार आलोचना झेल रहे व्हाट्सएप ने इसके खिलाफ एक और बड़ा कदम उठाया है।

व्हाट्सएप ने मंगलवार को एक चैकपॉइंट टिपलाईन लॉन्च किया है, जिसकी मदद से यूजर्स किसी मैसेज या जानकारी के सच होने की पुष्टि कर सकते हैं। भारत में लोकसभा चुनाव से पहले झूठ से बचना सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के लिये बड़ी चुनौती है और फेसबुक की ओर से भी बीते दिनों कई जरूरी स्टेप्स लिये गये हैं। व्हाट्सएप ने एक स्टेटमेंट जारी कर इस टिपलाईन के डीटेल्स शेयर किये।

फेसबुक की ओनरशिप वाले व्हाट्सएप ने एक स्टेटमेंट में कहा, भारत के एक स्किलिंग स्टार्टअप प्रोटो की ओर से लॉन्च यह टिपलाईन फैलाई गयी अफवाहों का एक डेटाबेस तैयार करेगा, जिससे चुनाव के समय चैकपॉइंट के लिये फेक जानकारी को स्टडी किया जा सके। चैकपॉइंट एक रिसर्च प्रॉजेक्ट है, जिसे व्हाट्सएप की मदद और टेक्निकल हेल्प से चलाया जा रहा है।

इस नंबर पर कर सकते हैं फेक मैसेज की पड़ताल : कंपनी ने कहा कि भारत के यूजर्स किसी तरह की अफवाह या फेक मैसेज की पड़ताल के लिये उसे चैकपॉइंट टिपलाईन ($91 96430 00888) पर सब्मिट कर सकते हैं। एक बार यूजर की ओर से मैसेज रिसीव होने के बाद प्रोटो का वेरिफिकेशन सेंटर उसकी पड़ताल करेगा और जाँच के बाद यूजर को बतायेगा कि मैसेज में दी गयी जानकारी सही है या नहीं। बयान में कहा गया है कि इस जानकारी को सही, गलत, भ्रामक, विवादित या आउट ऑफ स्कोप में वर्गीकृत करेगी।

फोटो, वीडियो लिंक्स और टेक्स्ट की हो सकती है जाँच: वेरिफिकेशन सेंटर में तस्वीरों और वीडियो लिंक्स से लेकर टेक्स्ट तक की जाँच की जा सकती है। सेंटर में अंग्रेजी के अलावा हिंदी, तेलुगु, बंगाली और मलयालम भाषाओं में मिली जानकारियों की जाँच की जा सकेगी।

फेसबुक ने भी बीते सोमवार को अलग – अलग दलों से जुड़े फेक न्यूज और भ्रामक जानकारियां फैलाने वाले सैकड़ों पेज डिलीट कर दिये हैं और उनके खिलाफ ऐक्शन लिया है। ट्विटर ने भी फेक और भड़काऊ जानकारी के खिलाफ कदम उठाने का भरोसा दिया है।

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