बुधवारी को किया जाये व्यवस्थित

 

 

दुर्गा चौक का हो सौंदर्यीकरण, बने वाहन पार्किंग

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। नगर का ऐतिहासिक आस्था केन्द्र दुर्गा चौक अपनी गरिमा खोकर चाट फुलकी चौक में बदल चुका है। बुधवारी बाजार क्षेत्र ऐसा लगता है मानो दूर – दूराज के बीहड़ गाँव का साप्ताहिक बाजार हो, जहाँ ग्रामीण क्षेत्र के लोग मजबूरी में एक दूसरे से लगभग घर्षण करते हुए चलते हैं।

गाँव के बाजार में वाहन स्टैण्ड भी होता है, लेकिन बुधवारी सहित पूरे बाजार में वाहन स्टैण्ड का अभाव सिद्ध करता है कि स्थानीय जन प्रतिनिधि और अधिकारी गाँव के सरपंच, सचिव से भी गये गुजरे हैं। रविदास शिक्षा मिशन के अध्यक्ष रघुवीर अहरवाल ने तत्काल दुर्गा चौक का सौंदर्यी करण कर बुधवारी को व्यवस्थित बना, समीप ही कहीं वाहन स्टैण्ड बनाने की माँग की है।

उक्ताशय के साथ श्री अहरवाल द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में उन्होंने कहा है कि नगर का दुर्गा चौक महत्वपूर्ण धार्मिक आस्था केन्द्र है, लेकिन आजकल यह चाट, फुल्की चौक में बदल चुका है। वर्षों पूर्व यहाँ अनेक धार्मिक कार्यक्रम और प्रवचन होते थे, अब वे मंदिर के अंदर तक ही सीमित हो गये हैं।

विज्ञप्ति में उन्होंने कहा है कि अपने कार्यकाल में इस चौक के अतिक्रमण को हटाकर पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष स्व.मूल चंद दुबे ने जहाँ एक शानदार फव्वारा बनाकर उसके चारों ओर लोहे की मजबूत स्थायी फैंसिंग लगाकर बुजुर्गों के लिये बैठने हेतु आराम दायक बैंच लगायी थीं, वहाँ पर छोटी सी बागवानी भी बनायी जानी थी किंतु उनके स्वर्गवास के बाद अतिक्रमण कारियों ने उस भव्य निर्माण को तहस – नहस कर दिया।

श्री अहरवाल ने आगे कहा कि इसमें वर्तमान नगर पालिका परिषद की मिलीभगत साफ नजर आती है। यहाँ स्थित मंदिर में आने वाले श्रद्धालु कार या ऑटो से यहाँ नहीं आ सकते। दोपहिया वाहन लाने पर भी भयभीत नजर आते हैं। संपूर्ण बुधवारी बाजार क्षेत्र तंबूखाना नजर आता है।

विज्ञप्ति के अनुसार इसे व्यवस्थित करने के लिये स्व.महेश मालू के निवास से लेकर स्व.राम स्वरूप फतेहचंद अग्रवाल की दुकान तक सड़कों के दोनों तरफ जो पेवर ब्लॉक लगाये गये हैं उन्हें हटाकर उस स्थान पर सड़क से दो इंच नीचे कर सीमेंटीकरण किया जाये, इससे बरसात का पानी सीधे नालियों में जायेगा।

उन्होंने कहा कि गायब हो रही नालियों को खुला रखा जाये, जिसकी नियमित सफाई होना चाहिये। इस क्षेत्र में कुछ ऐसी संकरी गलियां हैं जहाँ ग्राहकों को एक दूसरे को धकियाते हुए निकलना पड़ता है। मजबूरी में महिला, पुरूषों के शरीर आपस में रगड़ते हुए भी नजर आते हैं। कुछ असामाजिक तत्व यहाँ देखे जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी गलियों के अतिक्रमण को कठोरता पूर्वक हटाया जाये।

रविदास शिक्षा मिशन के अध्यक्ष श्री अहरवाल ने जिला प्रशासन से अपील की है कि बुधवारी बाजार क्षेत्र के लगभग कहीं वाहन स्टैण्ड बनाया जाये। सड़कों और फुटपाथों में दुकान या ठिलिया लगाने वाले गरीब दुकानदारों को हटाकर उन्हें उचित स्थान दिया जाये और धन्ना सेठों के पक्के अतिक्रमण भी हटाये जायें।