गर्मी शवाब पर, खड़ी फसलों में लग रही आग!

 

 

जिले में थम नहीं रहीं आगजनी की घटनाएं, दमकल की फूल रही साँसें

(अखिलेश दुबे)

सिवनी (साई)। गर्मी का मौसम शवाब पर आने के साथ ही वातावरण से नमी बिल्कुल ही गायब हो गयी है। जरा सी चिंगारी से खेतों में खड़ी फसलों के साथ ही किसानों के अरमान भी जलकर खाक हो रहे हैं। चौबीस घण्टों के दौरान सैकड़ों एकड़ में लगी पककर तैयार खड़ी फसलें स्वाहा हो गयी हैं।

अप्रैल माह में किसान जब अपनी खड़ी फसलों को देखकर आल्हादित हो रहे हैं तब खेतों में लग रही आग से उनकी फसलें तबाह होते देख, उनके खून के आँसू निकल रहे हैं। किसान फसल काटने का इंतजार करते ही रह जाते हैं और उनकी फसलों को चिंगारी से उपजी आग का दानावल लील जाता है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार पिछले चौबीस घण्टों में जिले भर में चार सौ एकड़ से ज्यादा फसल आग के हवाले हो चुकी है। खेतों में लगी आग बुझाने में दमकलों का दम भी फूलता नजर आ रहा है। जिला मुख्यालय में लगभग चौबीसों घण्टे दमकल के सायरन की आवाज गूंजती रहती है।

बण्डोल थानांतर्गत आने वाले ग्राम सापापार और मुंगवानी में बीती रात चली तेज हवाओं के बीच अज्ञात कारणों से लगी आग ने देखते ही देखते रौद्र रूप धारण कर लिया। हवाओं के संपर्क में आने के कारण आग तेजी से फैली और इस आग ने लगभग 105 एकड़ की फसल को अपने आगोश में ले लिया।

सापापार में भी लगभग 20 एकड़ रकबे में लगी फसल आग की भेंट चढ़ गयी। मुंगवानी खुर्द में राम कुमार सनोडिया के खेत मंे 10 से 12 एकड़ के खेत की गेहूँ की फसल जलकर राख हो गयी। इसी रात सापापार के विनोद सनोडिया की भी 02 से 03 एकड़ भूमि पर लगी फसल जल गयी।

वहीं, पुण्य सलिला बैनगंगा के तट के पास छपारा क्षेत्र में भी अज्ञात कारणों से लगी आग के कारण चार एकड़ रकबे में लगी गेहूँँ की फसल जलकर खाक हो गयी। मौके पर स्थानीय लोगों ने आग बुझाने की कोशिश की परंतु आग इतनी तेज थी कि सब कुछ जलकर राख हो गया।

यहाँ के निवासी घनश्याम सेन (70) ने बताया कि बीति रात ही वे अपने घर गये थे, इसी बीच उनके पुत्र के मित्र ने उन्हें सूचना दी कि उनके खेत में आग लग गयी है। उन्होंने बताया कि उनके द्वारा नवंबर माह में लगभग सवा क्विंटल गेहूँँ को बोया गया था जो जलकर खाक हो गया।

इसी तरह कान्हीवाड़ा थाना क्षेत्र में भी सिंगोड़ी, मानेगाँव, जामुनटोला और छुई आदि स्थानों पर शॉर्ट सर्किट के कारण लगी आग से सवा दो सौ एकड़ रकबे में लगी फसल तबाह हो गयी। किसानों ने बताया कि उनके खेतों के ऊपर से बिजली के हाई टेंशन लाईन गयी है। उन्होंने संभावना व्यक्त करते हुए बताया कि तेज हवा में ये तार आपस में टकराये होंगे और शॉर्ट सर्किट के कारण निकली चिंगारी ने खेतों में लगी फसल को अपनी जद में ले लिया होगा।

फूल रहा दमकल का दम : जिले में एक के बाद एक अग्निकाण्ड से जिले के दमकल वाहनों का दम भी फूलता दिख रहा है। आग बुझाने के लिये नैनपुर और अन्य क्षेत्रों से दमकल बुलवाये गये। एक के बाद एक अग्निकाण्ड की सूचना मिलते ही नगर पालिका और नगर परिषदों के अग्नि शमन विभाग के कर्मचारियों की साँसें फूलती नजर आ रही हैं।

बिजली बाधित, हो रही परेशानी : वहीं दूसरी ओर तेज हवाओं के कारण बिजली की सप्लाई जब चाहे तब बाधित हो रही है। इन परिस्थितियों में दमकल में पानी भरने में भी परेशानी का सामना ही करना पड़ रहा है। किसानों के द्वारा स्थानीय साधनों से आग पर काबू पाने के प्रयास अवश्य किये जा रहे हैं पर ये नाकाफी ही साबित हो रहे हैं।

फायर फायटर की माँग : लोगों का कहना है कि विधायक और सांसद निधि से गाँव – गाँव में टैंकर प्रदाय किये गये हैं। इन टैंकर्स में ही अगर डीज़ल से चलने वाले मोटर पंप लगवाकर इन्हें फायर फायटर में तब्दील कर दिया जाये तो गर्मी के समय में हो रहे अग्निकाण्ड पर काफी हद तक काबू पाया जा सकता है।

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