जलसंकट : खून के आँसू रूला रही पालिका

विधायक, कलेक्टर का अल्टीमेटम बना मजाक!

(संजीव प्रताप सिंह)

सिवनी (साई)। भीषण गर्मी के इस दौर में नगर पालिका की जल आपूर्ति व्यवस्था सुचारू रूप से नहीं चलने के कारण नागरिकों में रोष और असंतोष चरम पर पहुँचता दिख रहा है। सियासी दलों के नुमाईंदों को जनता की समस्या से मानो कोई सरोकार ही नजर नहीं आ रहा है, सभी लोकसभा चुनाव प्रचार में व्यस्त दिखायी दे रहे हैं।

शहर के अनेक क्षेत्रों के नलों में पानी नहीं आ रहा है। नल आने के समय नलों से हवा ही आ रही है। शहर भर में शायद ही कोई ऐसा नल होगा जहाँ बिना मोटर लगाये पानी आ रहा हो। कम दबाव की पानी की सप्लाई के चलते नलों में पतली धार आ रही है, अनेक स्थानों पर नल हवा ही उगल रहे हैं।

लोगों का कहना है कि नवीन जलावर्धन योजना के ठेकेदार के पास जरूर कोई जड़ी है जिसके प्रभाव से उसके द्वारा नगर पालिका के चुने हुए प्रतिनिधियों और प्रशासन के नुमाईंदों को बस में कर लिया गया है। वरना क्या कारण है कि समय से तीन साल विलंब से चल रही इस जलावर्धन योजना के ठेकेदार के खिलाफ कार्यवाही करने में पालिका और प्रशासन के नुमाईंदों को पसीना आ रहा है।

लोगों की शिकायत है कि जहाँ भी पानी आ रहा है वह पानी इतना गंदा होता है कि उसका उपयोग पीने के लिये कतई नहीं किया जा सकता है। लोगों के घरों की पानी की टंकियों में जमा गंदगी से इन पानी की गुणवत्ता का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।

लोगों की मानें तो जिला प्रशासन के द्वारा अगर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के जरिये नलों में आ रहे पानी का नमूना लेकर जाँच करवा दी जाये तो प्रदाय किये जाने वाले पेयजल की गुणवत्ता का पता किया जा सकता है। यह आलम तब है जबकि जिले के प्रभारी मंत्री सुखदेव पांसे प्रदेश के लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री हैं।