शुक्रवार से हो सकती है बस की किल्लत

 

 

लोकसभा चुनावों के मद्देनजर वाहनों का अधिग्रहण आरंभ

(अय्यूब कुरैशी)

सिवनी (साई)। ब्रॉडगेज़ की धीमी रफ्तार के चलते सिवनी में परिवहन की जीवन रेखा बन चुकी यात्री बसों पर लोकसभा चुनावों के दौरान अधिग्रहण का साया मण्डरा रहा है। सोमवार 29 अप्रैल को होने वाले लोकसभा चुनावों के लिये मतदान हेतु परिवहन विभाग के द्वारा यात्री बस का अधिग्रहण करने की कार्यवाही को आरंभ किया गया है।

परिवहन विभाग के उच्च पदस्थ सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि वर्तमान में पुलिस के लिये विशेष बल के परिवहन के लिये यात्री बसों का अधिग्रहण आरंभ किया गया है। इसके तहत मंगलवार को आठ यात्री बस को अधिग्रहित किया गया है। इन वाहनों को पुलिस पार्टी को लाने के उद्देश्य से निर्धारित स्थानों की ओर रवाना कर दिया गया है।

सूत्रों ने बताया कि यात्रियों को होने वाली परेशानी के लिये कुछ किया नहीं जा सकता है क्योंकि परिवहन विभाग के लिये चुनाव ही प्राथमिकता पर है। इन परिस्थितियों में उन मार्गों पर जिनमें यात्री वाहनों की तादाद कम है वहाँ यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

सूत्रों ने बताया कि शुक्रवार 26 अप्रैल से परिवहन विभाग के द्वारा यात्री बस और छोटे वाहनों को अधिग्रहण आरंभ किया जायेगा। इसके तहत लगभग 365 यात्री बस और दो सौ से अधिक छोटे वाहनों का अधिग्रहण किया जा सकता है। यहाँ यह उल्लेखनीय होगा कि वर्तमान में शादी ब्याह का सीजन है, इस लिहाज से यात्रियों की तादाद इस समय ज्यादा होना स्वाभाविक ही है।

नेरोगेज़ पर मेगा ब्लॉक लगाने के बाद परिवहन के नाम पर सिवनी में सड़क मार्ग ही बचता है। जिला मुख्यालय से जबलपुर, नागपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, मण्डला, कटंगी आदि मार्गों के लिये वाहन आते जाते हैं। कुछ मार्ग ऐसे भी हैं जहाँ प्रत्येक पंद्रह मिनिट में एक यात्री बस मिल जाती है।

यहाँ यह उल्लेखनीय होगा कि इस माह के अंत में लोकसभा चुनावों के लिये मतदान सोमवार 29 अप्रैल को है तो माह के अंतिम सप्ताह में शादी ब्याह के मुहूर्त भी बहुतायत में हैं। इसके साथ ही साथ शालेय अवकाश के कारण भी लोगों के द्वारा सैर सपाटे के कार्यक्रम बना लिये गये हैं।

सिवनी में वैसे भी यात्री वाहनों में निर्धारित से अधिक किराया वसूलने के आरोप लगते रहे हैं। इसके बाद भी परिवहन विभाग के द्वारा किसी तरह का कदम नहीं उठाया जाता है। यात्री बस के अधिग्रहण के उपरांत सड़कों पर जब यात्री वाहन गायब हो जायेंगे तब मुसाफिरोें से छोटे वाहनों के द्वारा ज्यादा किराया वसूला जा सकता है।

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