असुरक्षित पानी की टंकियां!

 

 

(शरद खरे)

नगर पालिका परिषद की दूरगामी सोच न होने के कारण हर साल की तरह इस साल भी गर्मी के आते ही पानी की किल्लत तेजी से बढ़ी है। पालिका को पानी के संकट से हर साल दो चार होना पड़ता है। पता नहीं नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारियों के द्वारा पानी के संकट से निपटने की स्थायी कार्य योजना क्यों नहीं बनायी जाती है!

शहर में टिग्गा मोहल्ला, बरघाट नाका, फिल्टर प्लांट (छिंदवाड़ा नाका) एवं रेस्ट हाउस में पानी की टंकियां हैं। इन टंकियों को सूआखेड़ा (भीमगढ़) से श्रीवनी जल शोधन संयंत्र होकर लायी गयी फीडर पाईप लाईन से भरा जाता था, रास्ते भर फीडर लाईन में अनेक चेंबर भी बने हुए हैं। अब इन टंकियों को कहाँ से भरा जा रहा है, इस बात पर संशय ही है। इसके अलावा हाल ही में बनायी गयी नयी पानी की टंकियों में पानी को भीमगढ़ जलावर्धन योजना से भरा जायेगा या नवीन जलावर्धन योजना से, इस बारे में भी पालिका का रूख स्पष्ट नहीं है।

यह चिंता की ही बात है कि शहर को पानी पिलाने वाली टंकियों की सुरक्षा के प्रति पालिका किंचित मात्र भी चिंतित नहीं है। लावारिस हालत में खड़ी पानी की टंकियों में अगर किसी के द्वारा कुछ मिला दिया जाता है तो क्या होगा? इस बारे में चिंता करने की फुर्सत न तो चुने हुए प्रतिनिधियों को है और न ही पालिका के अधिकारियों को। पता नहीं किस जरूरी काम में वे अपने आप को उलझाये हुए हैं कि उन्हें इन बातों पर विचार करने की फुर्सत भी नहीं मिल पाती है।

देखा जाये तो घरों की पानी की टंकियों को भी साल छः महीने में लोग एक बार साफ कर लिया करते हैं, पर याद नहीं पड़ता कि पालिका के द्वारा सिवनी शहर की पुरानी पानी की टंकियों की सफाई कभी करवायी गयी हो। इन टंकियों की तलहटी में निश्चित तौर पर भारी मात्रा में गाद जमा हो चुकी होगी। सालों पहले एक बार टिग्गा मोहल्ला की पानी की टंकी की सफाई करवायी गयी थी तब उसमें से भारी मात्रा में सिल्ट निकाली गयी थी।

पानी की टंकियों की सालों से सफाई न हो पाने के कारण निश्चित तौर पर लोग अशुद्ध पानी का सेवन ही कर रहे होंगे। लोगों के स्वास्थ्य के साथ पालिका के द्वारा खिलवाड़ किया जा रहा है और जनसेवा का दंभ भरने वाले सांसद, विधायक, नगर पालिका अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, जल कार्य समिति के सभापति और अन्य पार्षद मौन ही धारण किये हुए हैं।

सिवनी में लोगों को पेट की बीमारी होना आम बात हो गयी है। वैसे भी माना जाता है कि अशुद्ध पानी ही अधिकांश रोगों की जड़ होता है। यह सब जानते बूझते हुए भी नगर पालिका के द्वारा इस बेहद जरूरी कार्य में ध्यान नहीं दिया जाता है, जिसकी निंदा मात्र से काम नहीं चलने वाला।

संवेदनशील जिला कलेकटर प्रवीण सिंह से जनापेक्षा है कि सिवनी में हो रहे अशुद्ध पानी के प्रदाय की नियमित जाँच एवं मॉनीटरिंग करवायी जाकर कम से कम लोगों को साफ पानी मुहैया हो सके इस तरह की व्यवस्थाएं सुनिश्चित करवायी जायें।

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