विकास से कोसों दूर बरघाट क्षेत्र!

 

आज भी पेड़ के नीचे बैठ रहे यात्री!

(महेंद्र सोनी)

बरघाट (साई)। बरघाट विधान सभा में भाजपा की बजाय काँग्रेस का विधायक अवश्य चुन लिया गया हो पर बरघाट विधान सभा में विकास की जमीनी हकीकत कुछ और बयां कर रही है। बरघाट क्षेत्र में अनेक स्थानों पर आज भी आजादी के पहले का नजारा देखने को मिल जाता है।

विकासखण्ड बरघाट के धपारा गंगेरूआ में पिछले 10 सालों से अधिक समय से बस स्टैण्ड का निर्माण नहीं हो सका है, जिसके कारण ग्रामीण यात्रियों को भीषण गर्मी में पेड़ की छाँव तले बस के इंतजार में बैठे रहने मजबूर होना पड़ता है। वहीं बारिश के दिनों में यात्रियों को और भी अधिक परेशानियों से जूझना पड़ता है।

ग्रामवासियों ने बताया कि गंगेरूआ में पिछले 10 सालों में भी सही व नियोजित ढंग से बस स्टैण्ड का निर्माण नहीं हो सका है। वर्ष 2007-08 में समिति द्वारा शॉपिंग कॉम्प्लेक्स व यात्री प्रतीक्षालय के निर्माण की नींव डाली गयी थी, जिसमें शॉपिंग कॉम्प्लेक्स के निर्माण के लिये लगभग 110 प्लाट भी आवंटित किये गये थे। इसमें प्लाट धारियों से 20600 की धरोहर राशि लेकर उन्हें प्लाट आवंटित कर दिया गया था जिसमें काफी शर्तें भी रखी गयीं थीं लेकिन अभी तक बस स्टैण्ड का निर्माण कार्य सही तरीके से नहीं हो पाया है और न ही शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का निर्माण हो सका है।

उक्त संबंध में ग्राम वासियों व यात्रियों के आक्रोश को देखते हुए ट्रस्ट समिति ने आनन – फानन में बस को खड़ा करने का स्थान परिवर्तित करवा दिया जहाँ पर बस स्टैण्ड के नाम पर केवल एक 10 वर्षीय पुराना यात्री प्रतीक्षालय बना हुआ है। यहाँ केवल पेंटर के द्वारा नया नाम लिखाया गया है।

पुराने यात्री प्रतिक्षालय में अभी भी मवेशियों का डेरा जमा रहता है और कुछ लोग इसका उपयोग मवेशियों को बाँधने में भी कर रहे हैं। अपूर्ण यात्री प्रतीक्षालय में पहुँचने के लिये न तो रोड है और न ही यहाँ शौचालय की कोई व्यवस्था है। इसके साथ ही यात्रियों के बैठने के लिये पर्याप्त व्यवस्थाएं नहीं हैं।

ग्रामीणों के अनुसार गर्मी में यात्रियों को पीने के पानी की भी कोई व्यवस्था नहीं है। ऐसी अनेक अव्यवस्थाओं के चलते यात्रियों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। समिति द्वारा शॉपिंग कॉम्प्लेक्स व यात्री प्रतीक्षालय के निर्माण की नींव डाली गयी थी। शॉपिंग कॉम्प्लेक्स के निर्माण के लिये लगभग 110 प्लाट भी आवंटित किये गये थे।

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