कैसे बने स्वच्छ सिवनी!

 

 

(शरद खरे)

स्वच्छता अभियान के लिये कराये गये सर्वेक्षण में सिवनी की स्थिति काफी नीचे आयी है। यह बात भाजपा शासित नगर पालिका परिषद के लिये शर्मनाक इसलिये मानी जा सकती है क्योंकि नगर पालिका परिषद के द्वारा सिवनी शहर में डोर टू डोर कचरा उठाने के लिये दर्जनों वाहनों को दौड़ाया जा रहा है। इसके बाद भी अगर सिवनी को इसमें काफी नीचे स्थान मिल पाया है तो इसका मतलब कहीं न कहीं कमी रह गयी है।

सिवनी शहर को साफ शहर तो कतई नहीं माना जा सकता है। सिवनी शहर में जहाँ देखो वहाँ गंदगी पसरी पड़ी है। शहर में जरा सी हवा चलने पर पॉलीथिन उड़ती नजर आती है। नगर पालिका परिषद, शहर को पॉलीथिन मुक्त कराने में असफल रही है, ऐसे में वह किस आधार पर स्वच्छता अभियान में अव्वल शहरों की फेहरिस्त में आने की बात सोच सकती है।

सिवनी में डोर टू डोर कचरा उठाया जा रहा है। इनमें लगे वाहन कई मोहल्लों में महीनों दर्शन नहीं देते हैं। पालिका के द्वारा जहाँ-जहाँ कचरा एकत्र करने के कंटेनर रखे गये हैं, उनकी नियमित सफाई नहीं होती है। इन कंटेनर्स के आसपास आवारा मवेशी मण्डराते दिख जाते हैं।

नगर पालिका परिषद के कार्यालय के मुख्य द्वार पर ही आवारा श्वान आराम फरमाते दिख जाते हैं। शहर में आवारा मवेशी, गधे, कुत्ते, सूअर धमाचौकड़ी मचाते रहते हैं। शहर के सार्वजनिक मूत्रालय इस कदर सड़ांध मारते हैं कि इनके पास से गुजरना दुष्कर ही प्रतीत होता है। नगर पालिका हर साल लाखों लिटर फिनाईल खरीदती है, यह फिनाईल कहाँ जाती है, किन वार्ड की नालियों में डलती है, यह बात वार्ड पार्षद भी शायद ही जानते हों।

पालिका के कचरा एकत्र करने वाले वाहन प्रतिदिन कितना डीजल खा रहे हैं यह देखने की जवाबदेही भी किसी अधिकारी या कर्मचारी की नहीं है। रही बात चुनी हुई अध्यक्ष या पार्षदों की तो वे भी इस मामले में पूरी तरह से मौन ही नजर आते हैं। सांसद-विधायक को इससे ज्यादा लेना-देना ही प्रतीत नहीं होता है।

सिवनी शहर को अगर साफ सुथरा बनाना है तो इसके लिये जरूरी है कि पालिका की व्यवस्थाओं में आमूल-चूल परिवर्तन किये जायें। चुने हुए प्रतिनिधि अपनी जवाबदेही समझें। अधिकारी यह बात समझें कि उन्हें हर माह की एक तारीख को जो वेतन मिल रहा है वह किस बात के लिये मिल रहा है? इसके उपरांत ये सब मिलकर आम जनता को जागरूक करने का प्रयास करें।

वर्तमान में तो आलम यह है कि नगर पालिका परिषद को जनता की मूलभूत सुविधाओं से ज्यादा सरोकार नजर नहीं आ रहा है। पालिका के द्वारा निर्माण कार्य और खरीदी की ओर ज्यादा ध्यान केंद्रित किया गया है, यह शुभ संकेत नहीं हैं। चूँकि पालिका में भाजपा के बहुमत वाली परिषद विराजमान है इसलिये इस मामले में भाजपा के जिला और नगर संगठन का यह दायित्व है कि वे दखल दें और साफ सुथरा सिवनी बनाने के मार्ग प्रशस्त करें।

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