गर्मी से हलवा हो रहे लड्डू, चूहे कुतर रहे प्रसाद के पैकेट

 

 

 

 

(ब्‍यूरो कार्यालय)

उज्‍जेन (साई)। भारतीय खाद्य संरक्षण एवं मानक प्राधिकरण ने ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर का चयन सेफ भोग प्लेस के रूप में किया है। ऐसा स्थान जहां प्रसाद से लेकर खानपान की सामग्री गुणवत्ता के मानकों पर पूरी तरह से खरी होगी, लेकिन मंदिर के अधिकारी सरकार की मंशा नहीं समझ पा रहे। 42 डिग्री तापमान में मंदिर में बिकने वाला लड्डू प्रसाद हलवा हो रहा है। यही नहीं लड्डू प्रसाद निर्माण इकाई से बिक्री काउंटरों तक लड्डू के पैकेटों को चूहे कुतर रहे हैं।

9 अप्रैल को भारतीय खाद्य संरक्षण एवं मानक प्राधिकरण की टीम महाकाल मंदिर पहुंची थी। टीम में फूड सेफ्टी सर्विस नागपुर के मास्टर ट्रेनर वीरेंद्र यादव, पवन गुर्वे, अरविंद पथरोल आदि शामिल थे। दल ने चिंतामन स्थित वैदिक शोध संस्थान में लड्डू प्रसाद निर्माण इकाई व अन्न्क्षेत्र के कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया था।

दल ने कर्मचारियों को बताया था कि किस प्रकार प्रसाद व खाद्य सामग्री को शुद्ध व सुरक्षित रखा जा सकता है। इस दौरान मंदिर के अधिकारी भी मौजूद थे। इस बात को एक पखवाड़ा बीत गया है, लेकिन अब तक अधिकारी व कर्मचारी विशेषज्ञों की बात पर अमल नहीं कर पाए हैं। 42 डिग्री तापमान में मंदिर का लड्डू प्रसाद पिघल कर हलवा हो रहा है। चिंतामन स्थित लड्डू प्रसाद निर्माण इकाई व मंदिर के प्रसाद काउंटरों में चूहे पैकेट को कुतर रहे हैं। ऐसे में प्रसाद की शुद्धता व गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

स्टोर विभाग की लापरवाही.. शिकायत पर नहीं दे रहे ध्यान

लड्डू प्रसाद को भीषण गर्मी से बचाने के लिए कर्मचारी काउंटरों में कूलर लगाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन शाखा प्रभारी द्वारा इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। पुलिस चौकी के समीप स्थित काउंटर कर्मचारी ने अधिकारियों को भी शिकायत की लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इसी काउंटर पर लड्डू प्रसाद पिघलने की सबसे अधिक समस्या है।

मंदिर समिति को लाखों का नुकसान

चूहे द्वारा कुतरे प्रसाद के पैकेटों को श्रद्धालु नहीं लेते हैं। इससे लड्डू प्रसाद तो वेस्ट होता ही है, समिति को पैकेट का नुकसान भी होता है। बावजूद इसके स्टोर विभाग ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है। लड्डू प्रसाद के पैकेट खरीदने का काम स्टोर विभाग का है। जिम्मेदार पैकेट की गुणवत्ता के साथ समझोता कर सप्लायर को लाभ पहुंचा रहे हैं। मंदिर समिति को इससे प्रतिमाह लाखों का नुकसान हो रहा है। अधिकारियों का कहना है कि कूलर लगाने के लिए मंदिर समिति को प्रस्ताव रखेंगे।

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