कलेक्टर ने पॉलीटेक्निक में लगवा दिये टैंकर!

 

 

पानी की त्राहि त्राहि पर प्रभारी सीएमओ ने खड़े किये हाथ!

(अखिलेश दुबे)

सिवनी (साई)। भीषण गर्मी के मौसम में चार दिनों से नल नहीं आने के कारण शहर में त्राहि त्राहि मची हुई है। नल क्यों नहीं आ पा रहे हैं, इसका जवाब न तो पालिका प्रशासन के पास है और न ही कोई पार्षद ही इस मामले में कुछ बताने की स्थिति में दिख रहा है। रविवार को दिन में टैंकर के लिये लोग चक्कर काटते रहे पर उन्हें टैंकर भी नहीं मिल पाये।

इस मामले में जब प्रभारी सीएमओ शैलेंद्र सिंह कौरव से समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के द्वारा चर्चा की गयी तो उन्होंने कहा कि सिर्फ सर्किट हाउस वाली पानी की टंकी से जल प्रदाय वाले क्षेत्र में पानी की किल्लत है। यह किल्लत क्यों है, इस बारे में वे संतोष जनक जवाब नहीं दे पाये।

उनसे जब यह पूछा गया कि अगर नल नहीं आ रहे हैं तो पालिका को पानी के टैंकर्स के जरिये जलापूर्ति के प्रयास करना चाहिये। इसके जवाब में प्रभारी सीएमओ शैलेंद्र सिंह कौरव ने दो टूक शब्दों में यह कह दिया कि शहर भर के सारे टैंकर्स को जिला कलेक्टर के निर्देश पर पॉलीटेक्निक कॉलेज में खड़ा किया गया है, जहाँ से मतदान दल रवाना हो रहे हैं।

इधर, नगर पालिका के उच्च पदस्थ सूत्रो ंने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि जब प्रदेश में भाजपा की सरकार सत्तारूढ़ थी उस समय आरंभ की गयी नवीन जलावर्धन योजना का काम अभी तक पूरा नहीं हो सका है। सूत्रों ने कहा कि पालिका से लेकर प्रशासन तक के सभी लोग ठेकेदार से इस कदर उपकृत हैं कि कोई भी ठेकेदार के खिलाफ कठोर कार्यवाही करने का साहस नहीं जुटा पा रहा है।

सूत्रों का कहना था कि सोशल मीडिया पर कुछ स्थानों पर इस बात को प्रचारित किया जा रहा है कि काँग्रेस की प्रदेश सरकार के इशारे पर बिजली की आपूर्ति बाधित की जा रही है जिसके चलते पानी की टंकियां नहीं भरी जा पा रही हैं। मतदान के एक दिन पहले बने हालातों को सोशल मीडिया पर काँग्रेस के द्वारा उत्पन्न किया गया कृत्रिम संकट भी बताया जा रहा है।

इधर, शहर के कुछ इलाकों को अगर छोड़ दिया जाये तो चारों ओर पानी का जबर्दस्त संकट बना हुआ है। शहीद वार्ड के पूर्व पार्षद व वर्तमान पार्षद के पति इब्राहिम कुरैशी ने कहा कि जब उन्होंने प्रभारी सीएमओ शैलेंद्र सिंह कौरव से पानी के संबंध में शिकायत की तो उन्होंने कहा कि मुझे हटवा दें, वे पानी की व्यवस्था नहीं कर सकते!

शहर के नागरिकों का कहना है कि इधर, सूर्य नारायण का तेज, कहर बरपा रहा है, उधर, शहर में पानी की भी त्राहि त्राहि मची है। इस समस्या को हल करने की बजाय शहर की दशा और दिशा निर्धारित करने वाले नेताओं के द्वारा चुनाव प्रचार में अपना समय दिया जा रहा है। लोगों का कहना है कि नागरिकों की समस्याओं से पूरी तरह विमुख हो चुके नेताओं के द्वारा अब यह उम्मीद की जा रही है कि जनता के द्वारा उन्हें जनादेश दिया जायेगा!

ज्ञातव्य है कि जिला कलेक्टर एवं जिला प्रबंधक आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के हवाले से सात दिन पहले जारी हुई विज्ञप्ति में इस बात का उल्लेख किया गया था कि भीड़भाड़ वाले इलाकों में शीतल पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करवायें। जिला कलेक्टर के इस आदेश के एक सप्ताह बाद भी हालात जस के तस ही नजर आ रहे हैं। कहीं भी पानी की व्यवस्था नहीं दिख रही है।

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