बीते दस दिनों में नीचे की ओर नहीं सरका अधिकतम पारा

 

 

सोमवार को रहा सीजन का सबसे गर्म दिन

(महेश रावलानी)

सिवनी (साई)। सिवनी में तापमान ने अब ऊपर की ओर कदम बढ़ाना आरंभ कर दिया है। 18 अप्रैल के बाद से अधिकतम तापमान के कदम नीचे नहीं उतरे हैं। 17 अप्रैल को अधिकतम तापमान जहाँ 41.2 डिग्री सेल्सियस रहा वहीं यह 18 अप्रैल को अवश्य 37.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।

18 अप्रैल के बाद से आसमान पर यदा कदा हल्के बादल आने के बाद भी पारे की रफ्तार में कोई परिवर्तन नहीं देखा गया, अलबत्त यह अपने चरम बिंदु पर ठहरा अवश्य रहा। 18 अप्रैल को 37.4 डिग्री सेल्सियस से बढ़ना आरंभ करने वाला अधिकतम पारा सोमवार 29 अप्रैल को 43 डिग्री सेल्सियस पर पहुँच गया।

भू-अभिलेख से सिवनी के अधिकृत तापमान की जानकारी देते हुए राकेश विश्वकर्मा ने बताया कि 19 अप्रैल को अधिकतम तापमान एक बार फिर 18 अप्रैल की ही तरह 37.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। उसके बाद 20 अप्रैल को 37.6 डिग्री सेल्सियस, 21 अप्रैल को 38 डिग्री सेल्सियस एवं 22 अप्रैल को अधिकतम तापमान 38.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

इसी तरह उन्होंने बताया कि 23 अप्रैल को अधिकतम तापमान 39.2 डिग्री सेल्सियस, 24 अप्रैल को 41.4 डिग्री सेल्सियस, 25 अप्रैल को 42 डिग्री सेल्सियस, 26 अप्रैल को 42.4 डिग्री सेल्सियस, 27 अप्रैल एवं 28 अप्रैल को 42.8 डिग्री सेल्सियस एवं सोमवार 29 अप्रैल को यह 43 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।

राकेश विश्वकर्मा ने बताया कि 19 अप्रैल से वातावरण में आद्रता का प्रतिशत भी 50 से कम ही दर्ज किया जा रहा है। 18 अप्रैल को यह अवश्य 63 दर्ज किया गया था। जानकार बताते हैं कि वातावरण में आद्रता का प्रतिशत कम होने के कारण भी वर्तमान में गर्मी चुभने वाली ही प्रतीत हो रही है।

भीषण गर्मी के इस दौर को देखते हुए ठण्डक पहुँचाने वाले उपकरणों की बिक्री बढ़ जाने के कारण उनके दुकानदारों के चेहरों पर भी रौनक साफ दिखायी दे रही है। लोगों के घरों एवं कार्यस्थलों पर एसी एवं कूलर लगभग पूरे समय ही चालू रहने के कारण विद्युत का अतिरिक्त भार भी लोगों के ऊपर पड़ता दिख रहा है। ऐसे स्थान जहाँ एसी या कूलर की व्यवस्था नहीं है वहाँ लगे हुए पंखे भी गर्म हवा फेंकते ही दिख रहे हैं।

सबसे ज्यादा परेशान जिला चिकित्सालय सिवनी में उपचार के लिये भर्त्ती मरीज दिखायी दे रहे हैं। एक तरफ तो वे अपनी बीमारी से जूझते हुए अपना उपचार करवा रहे हैं वहीं उपचार के दौरान उन्हें वार्ड में लगे कूलर की गर्म हवाओं के थपेड़ों का सामना करना पड़ रहा है। वार्डों में लगे कई कूलर्स में या तो पानी ही नहीं भरा गया है और या फिर फिर जिन कूलर में पानी भरा भी गया है उनका पंप न चलने के कारण वे कूलर भी गर्म हवा ही फेंक रहे हैं।

अधिकतम तापमान जहाँ अपने रिकॉर्ड की ओर बढ़ता हुआ दिख रहा है वहीं शहर में जनता, पानी की समस्या से दो-चार होती दिख रही है। शहर वासियों का कहना है कि जल आवर्धन योजना के ठेकेदार के द्वारा भीषण गर्मी के इन दिनों में अनाप – शनाप तरीके से काम करके लोगों में आक्रोश उत्पन्न किया जा रहा है। शहर में प्याऊ की व्यवस्था सही ढंग से न होने के कारण गरीब वर्ग भी, दिन के समय में प्यास से बेहाल दिख रहा है। चिकित्सकों ने भीषण गर्मी के दौरान आवश्यक कार्य होने पर ही अपने घरों से निकलने की बात कही है। लोगों को खाली पेट धूप में निकलने से, चिकित्सकों के द्वारा परहेज करने की सलाह दी गयी है।

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