उमा भारती से मिलकर भावुक हुईं साध्वी प्रज्ञा

 

 

 

 

 

(ब्‍यूरो कार्यालय)

भोपाल (साई)। लोकसभा चुनाव में मध्य प्रदेश की भोपाल सीट पर दिलचस्प जंग है। यहां से बीजेपी कैंडिडेट साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर चुनाव मैदान में हैं। जब केंद्रीय मंत्री उमा भारती और साध्वी प्रज्ञा के बीच प्रचार अभियान के दौरान मुलाकात हुई तो काफी भावुक माहौल देखने को मिला।

गाड़ी में बैठी साध्वी प्रज्ञा को जब उमा भारती ने अपने गले से लगाया तो प्रज्ञा की आंखों से आंसू निकलने लगे। इस दौरान उमा ने काफी देर तक साध्वी को अपने गले से लगाए रखा। साध्वी के आंसुओं को देखकर उमा ने ढांढस बधाते हुए कहा, ‘अरे ये क्या हो गया।इसके बाद उमा ने दोबारा साध्वी को पुचकारते हुए गले लगाया। उमा इस दौरान खुद भी भावुक नजर आईं। उन्होंने साध्वी प्रज्ञा के पैर भी छुए।

भावुक होने को लेकर जब उमा से सवाल पूछा गया तो उन्होंने इसे निजी विषय बताया। उमा भारती ने नासिक जेल में भी साध्वी प्रज्ञा से मुलाकात की थी। बता दें कि भोपाल सीट से कांग्रेस ने दिग्विजय सिंह को अपना उम्मीदवार बनाया है। बीजेपी ने 2008 के मालेगांव धमाकों में आरोपी साध्वी प्रज्ञा को टिकट दिया है। वह हाल ही में भोपाल स्थित बीजेपी दफ्तर पहुंचकर पार्टी में शामिल हुई थीं।

इससे पहले उमा भारती ने ट्वीट किया, ‘मैं आज भोपाल में आ गई हूं, उनके (साध्वी प्रज्ञा) लिए चुनाव प्रचार में भी भाग लूंगी। मैं उनका बहुत आदर करती हूं तथा उनके प्रति बहुत संवेदनशील हूं।

कौन हैं साध्वी प्रज्ञा

साध्वी प्रज्ञा ठाकुर पहली बार तब चर्चा में आईं, जब वर्ष 2008 के मालेगांव ब्लास्ट केस में उन्हें गिरफ्तार किया गया था। वह 9 साल तक जेल में रहीं और फिलहाल जमानत पर बाहर हैं। जेल से बाहर आने के बाद साध्वी ने कहा था कि उन्हें लगातार यातनाएं दी गई थीं।

साध्वी प्रज्ञा का जन्म मध्य प्रदेश के भिंड जिले के कछवाहा गांव में हुआ था। वह राजावत राजपूत हैं। उनके पिता आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) के स्वयंसेवक और पेशे से आयुर्वेदिक डॉक्टर थे। इतिहास में पोस्ट ग्रेजुएट प्रज्ञा हमेशा से ही हिंदू संगठनों से जुड़ी रहीं। वह आरएसएस की छात्र इकाई अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की सक्रिय सदस्य थीं और विश्व हिन्दू परिषद की महिला विंग दुर्गा वाहिनी से जुड़ी थीं।

2002 में उन्होंने जय वंदे मातरम जन कल्याण समिति बनाई। स्वामी अवधेशानंद गिरि के संपर्क में आने के बाद प्रज्ञा नए अवतार में नजर आईं। उन्होंने एक राष्ट्रीय जागरण मंच बनाया और इस दौरान वह एमपी और गुजरात के एक शहर से दूसरे शहर जाती रहीं। प्रज्ञा ठाकुर का आरोप है कि जेल में रहने के दौरान एटीएस ने उन्हें तरह-तरह से प्रताड़ित किया।