वन स्टॉप सेंटर बना शोभा की सुपारी!

 

 

पीड़िता के साथ नहीं थी महिला कर्मचारी!

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। जिला अस्पताल परिसर में बने वन स्टॉप सेंटर में सोमवार 29 अप्रैल को भारी लापरवाही देखने को मिली। यहाँ पर रखी गयी पीड़ित महिला के साथ एक भी महिला कर्मी तैनात नहीं थी। लापरवाही की बात सामने आने के बाद अब अधिकारी इस मामले में बहाने गढ़ रहे हैं।

क्या है मामला : वन स्टॉप सेंटर में पीड़ित महिलाओं के साथ कम से कम एक महिला कर्मचारी हर समय रहना चाहिये लेकिन सोमवार की दोपहर को यहाँ पर एक भी महिला कर्मचारी उपस्थित नहीं थी। एक पुरूष कर्मी सेंटर के बाहर बैठा हुआ था। उसने बताया कि रात की ड्यूटी खत्म करने के बाद महिला कर्मी वहाँ से चली गयी है, जिसके बाद एक सुपर वाईजर को आना था। बताया गया है कि महिला सुपर वाइजर, बस न होने का बहाना करके बरघाट से सिवनी नहीं आयीं, जिसके कारण वन स्टॉप सेंटर में पुरूष कर्मी को छोड़कर कोई दूसरा कर्मी मौजूद नहीं था।

अधिकारी गढ़ रहे बहाना : इस मामले में जब महिला सशक्तिकरण अधिकारी अभिजीत पचौरी से संपर्क किया गया तब उन्होंने पहले तो इस बात पर हैरानी जाहिर की कि कैसे सेंटर में कोई महिला नहीं हैं। उसके बाद उनका कहना था कि यहाँ पर पदस्थ एक महिला कर्मचारी पीठासीन अधिकारी बनायी गयी हैं, जिनकी मतदान में ड्यूटी लगी है।

इसके साथ ही अभिजीत पचौरी का कहना था कि सुपर वाइजर नहीं हैं इसकी जानकारी उन्हें मीडिया के माध्यम से मिल रही है। इस बातचीत के कुछ समय बाद अभिजीत पचौरी ने वापस संपर्क करके बताया कि महिला कर्मी मतदान करने गयी जो शीघ्र ही वापस आ जायेगी।

क्या है वन स्टॉप सेंटर : वन स्टॉप सेंटर (सखी) अंतर्गत सभी प्रकार की हिंसा से पीड़ित महिलाओं एवं बालिकाओं को एक ही स्थान पर अस्थायी आश्रय, पुलिस – डेस्क, विधि सहायता, चिकित्सा एवं काउन्सिलिंग की सुविधा वन स्टॉप सेन्टर में उपलब्ध करायी जाती है। इसका उद्देश्य एक ही छत के नीचे हिंसा से पीड़ित महिलाओं एवं बालिकाओं को एकीकृत रूप से सहायता एवं सहयोग प्रदाय करना है। पीड़ित महिला एवं बालिका को तत्काल आपात कालीन एवं गैर आपात कालीन सुविधाएं उपलब्ध करना, जैसे.चिकित्सा, विधिक, मनौवैज्ञानिक परामर्श आदि है।

मुुझे आपसे जानकारी मिल रही है कि एक भी महिला कर्मी नहीं है. मैंने पता किया है कि एक महिलाकर्मी है जो मतदान करने गयी है, वह अभी वापस आ जायेगी.

अभिजीत पचौरी,

महिला सशक्तिकरण अधिकारी.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *